ग्रामसभा में प्रस्ताव के बाद मौके पर पहुंची अधिकारियों की टीम ने बनाया पंचनामा
माही की गूंज, आम्बुआ।
ग्राम पंचायत आम्बुआ में लंबे समय से जर्जर अवस्था में पड़े पुराने पंचायत भवन, ग्राम पंचायत सचिवालय सहित अन्य भवनों को गिराने की दिशा में कार्रवाई शुरू हो गई है। इन जर्जर भवनों की समस्या को लेकर पूर्व में समाचारों के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया था। इसके बाद ग्राम पंचायत ने मामले को संज्ञान में लेते हुए इन भवनों को गिराने के लिए ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित किया। जर्जर भवनों की स्थिति को देखते हुए इनके आसपास किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। इसी को लेकर ग्राम पंचायत द्वारा जनपद पंचायत अलीराजपुर को पत्र लिखकर जर्जर भवनों को गिराने की मांग की गई थी।
जनपद की टीम ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण
ग्राम पंचायत की मांग पर जनपद पंचायत अलीराजपुर द्वारा अधिकारियों की एक टीम गठित कर आम्बुआ भेजी गई। शुक्रवार को टीम ने मौके पर पहुंचकर पुराने पंचायत भवन, पंचायत सचिवालय सहित अन्य जर्जर भवनों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने भवनों की स्थिति का जायजा लेकर पंचनामा तैयार किया तथा आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाने की बात कही।
अनुमति मिलने के बाद गिराए जाएंगे जर्जर भवन
निरीक्षण और पंचनामा तैयार होने के बाद अब संबंधित भवनों को गिराने की अनुमति मिलने के बाद ग्राम पंचायत द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। लंबे समय से जर्जर अवस्था में पड़े इन भवनों को हटाए जाने से संभावित हादसों का खतरा कम होने की उम्मीद है। साथ ही पंचायत क्षेत्र में अनुपयोगी पड़े पुराने भवनों की समस्या का भी समाधान हो सकेगा।
ये अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
जिला मुख्यालय अलीराजपुर से गठित टीम में पंचायत इंस्पेक्टर इंदर सिंह मौर्य, इंजीनियर सोनू कवछे, सहायक विकास विस्तार अधिकारी आकांक्षा भंवर एवं एई अनीश मकरानी शामिल रहे। वहीं ग्राम पंचायत की ओर से सरपंच रमेश रावत, उपसरपंच थानसिंह भयड़िया, सचिव उज्ज्वल रावत, विजय रावत, मयंक विश्वकर्मा तथा पंचायत कर्मचारी राजू सोलंकी आदि मौके पर मौजूद रहे। समाचारों के माध्यम से जनहित में उठाए गए इस मुद्दे पर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होने के बाद अब आम्बुआ के जर्जर भवनों को हटाए जाने की उम्मीद जगी है। अनुमति मिलने के बाद इन भवनों को गिराने की कार्रवाई की जाएगी।

