जलसंकट-जल संकट दूर करने के लिए प्रशासन ने की पहल, पानी नहीं निकलने से ग्रामीणों में मायूषी
माही की गूंज उदयगढ़।
ग्राम पंचायत आम्बी के छारवी स्थित खारिया फलिया में भीषण जल संकट से ग्रामीण परेशान है। माही की गूंज के द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया और नए हैंडपंप के लिए 400 फीट खुदाई की गई, लेकिन उसमें एक बूंद पानी नहीं निकला। हालांकि प्रशासन का कहना है उसी जगह पर मशीन लगाकर 400 फीट के आगे खनन कराया जाएगा, उम्मीद है कि पानी यहीं निकलेगी और उसमें बारहमासी पानी की आवक बनी रहेगी।
खारिया फलिया के आदिवासी ग्रामीण इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को मोहताज हैं। हालात इतने भयावह हैं कि उन्हें समीप के रुचकी नाले में 12 फीट गहरा गड्ढा खोदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही थी। अखबार ने ग्रामीणों की इस पीड़ा को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और विभागीय अधिकारियों ने आनन-फानन में दो पुराने हैंडपंपों में तीन-तीन पाइप बढ़ाए। पाइप बढ़ाने के बावजूद हैंडपंप से मुश्किल से दो बाल्टी पानी निकलता और फिर वह सूख जाता। समस्या हल न होने पर ग्रामीणों ने मीडिया ने दोबारा सच्चाई दिखाई। खारिया फलिया में तत्काल एक नवीन हैंडपंप खनन की स्वीकृति दी गई। 14 जून को बोरिंग मशीन गांव पहुंची। मशीन ने लगातार 400 फीट गहराई तक खनन किया, लेकिन जमीन से पानी की एक बूंद भी नहीं निकली। प्रशासन इसी जगह अब 400 फीट से अधिक खनन करने की बात कह रहा है। उम्मीद है कि इसके बाद पानी निकल जाएगा।
मनरेगा योजना में कुएं और तालाब निर्माण में खुला खेल
जल संकट से जूझ रहे इस क्षेत्र में ग्राम पंचायत आम्बी के सरपंच और सचिव द्वारा भ्रष्टाचार किया गया। वर्ष 2024 में खारिया फलिया के नाम पर मनरेगा योजना के तहत एक सार्वजनिक कुआं स्वीकृत हुआ था। नियमों की अनदेखी कर यह कुआं ग्राम झिरी की सीमा पर कृषक कलमसिंह के खेत में जेसीबी मशीन से खुदवा दिया गया। कुआं आज भी अधूरा है, लेकिन सरपंच और सचिव ने फर्जी तरीके से मजदूरी के नाम पर हजारों रुपए निकाल लिए। मशीन का किराया न मिलने पर जेसीबी मालिक ने किसान कलमसिंह से ही 60 हजार रुपए वसूल लिए और अब 90 हजार रुपए की अतिरिक्त मांग कर रहा है। परेशान किसान ने 1 जून को सीईओ उदयगढ़ को लिखित शिकायत सौंपी है। इसी तरह ग्राम छारवी के वागू फलिया में भी जारी है। यहां 2024 में 14 लाख रुपए की लागत से एक निस्तार तालाब स्वीकृत हुआ था। मौके पर तालाब का नामोनिशान नहीं है, इसके बावजूद सरपंच पति केरमसिंह ने बिना कोई काम किए मजदूरों के नाम पर 4 लाख रुपए से अधिक की राशि का आहरण कर लिया है।
400 फीट से आगे खनन करेंगे
वहीं जोबट एसडीएम वीरेंद्र सिंह बघेल का कहना है कि, ग्रामीण द्वारा बताई गई जगह पर ही खनन कराया था, लेकिन 400 फीट तक पानी नहीं निकला। इस बोरिंग को 400 फीट से आगे खनन करवा रहे हैं, उम्मीद है कि पानी निकलेगा और इसमें बारहमासी आवक बनी रहेगी।
