न्याय को लेकर सड़क पर उतरा पंचाल समाज, परिजनों की भीगी आंखें
माही की गूंज, काकनवानी।
रोहित पंचाल हत्याकांड के 21 दिन बीत गए है, इन 21 दिनों में रोहित के परिजनों की न्याय की आस अधूरी है। पत्नी शिवानी अपने दो बच्चों के साथ मृतक रोहित का फोटो लेकर न्याय की आस लिए अपनी आंखें भीगा रही है। परिजनों की आंखों में आंसूओं का सैलाब पंचाल समाज के संघर्ष को तेज करता जा रहा है। जहां अंचल के जनप्रतिनिधि सीएम डॉ. मोहन यादव से रोहित को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा दिलाने की मांग कर रहे है। तो वहीं गुरूवार को थांदला की सड़कों पर पंचाल समाज के लोग न्याय के लिए परिजनों के साथ पैदल एसडीओपी कार्यालय पहुंचे। थांदला की सड़कों पर न्याय के लिए पिता रोहित का फोटो लेकर चल रहे मासूम भाई-बहन को जिस किसी ने देखा उसका कलेज़ा पसीज गया और आंखें नम हो गई। एसडीओपी कार्यालय पर त्वरित जांच और दोषियों को सजा दिलाने की मांग को एक ज्ञापन एसडीओपी राजेश सुल्या को दिया गया। जहां उन्होंने परिजनों को जांच के प्रचलन में होने की बात कही। साथ ही रिपोर्टों में हो रही देरी के चलते पुलिस अब तक किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है। इस दौरान परिजनों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय समाजजन मौजूद रहे।
सांसद ने घर पहुंचकर परिजनों को बंधाया ढांढस
क्षेत्रीय सांसद अनिता नागरसिंह चौहान को जब रोहित हत्याकांड की जानकारी लगी, तो उन्होंने झाबुआ जिले के दौरे के बीच काकनवानी पहुंचकर पीड़ित परिवार का दर्द सुना। रोहित की पत्नी और बच्चों से मिलकर सांसद की आंखें नम हो गई। उन्होंने वहीं से एसपी देवेंद्र पाटीदार को पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की बात कही। इससे इतर पंचाल विकास मंच के जिलाध्यक्ष जगदीश पंचाल के नेतृत्व में परवलिया में सांसद अनिता चौहान को एक ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री मोहन यादव के माध्यम से विशेष जांच दल के गठन का अनुरोध किया गया। रोहित के प्रकरण को लेकर मेघनगर टीआई दिनेश शर्मा और अन्य लोगों की संदिग्ध भूमिका की विभागीय जांच की मांग भी की गई। ताकि परिजनों के आरोप के अनुसार घटना स्थल पर जांच में हुई लापरवाही और साक्ष्यों के साथ हुई छेड़छाड़ की सत्यता भी पता की जा सके।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को हस्तक्षेप के लिए लिखा पत्र
रोहित पंचाल हत्याकांड की गुत्थी पुलिस के लिए उलझती जा रही है। पुलिस जहां जांच रिपोर्टों के आने में देरी और जांच अधिकारी नेहा बिरला के छुट्टी में जाने की बात कह रही है। तो वहीं पूरे मामले को लेकर पंचाल समाज अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष भी शिकायत दायर कर चुका है।
जिलाध्यक्ष जगदीश पंचाल ने बताया कि, रोहित पंचाल को न्याय दिलाने के लिए समाज एकजुट है और हर कानूनी संस्था के दरवाजे खटखटाने से पीछे नहीं हटेगा। इसी को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली और मप्र राज्य मानवाधिकार आयोग, भोपाल को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए सूचित किया है। इसके अतिरिक्त पुलिस इस मामले को दबाने का प्रयास करेगी तो संपूर्ण समाज जल्द ही सड़कों पर प्रदर्शन करेगा। वहीं समाजजनों का कहना है कि अगर 8 दिन में खुलासा नहीं हुआ तो बाजार बंद एवं चक्का जाम किया जाएगा।
सांसद से पंचाल समाज ने विशेष जांच दल बनाने की रखी मांग।
थांदला की सड़कों पर न्याय के लिए उतरे परिजन।
