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सभी ग्राम पंचायत मे हुए ट्रांसफर तो परवाड़ा ग्राम पंचायत के सचिव का क्यों नहीं हुआ ट्रांसफर...!
07, Jul 2026 6 hours ago

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पदस्थ सचिव के ग्रह ससुराल क्षेत्र की पंचायत है परवाड़ा

माही की गूंज, खवासा।

        थांदला जनपद क्षेत्र के अंतर्गत इन दिनों पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से व प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के साथ ही कलेक्टर की अनुशंसा पर कई ग्राम पंचायत में सचिव का स्थानांतरण किया गया। वहीं कुछ ग्राम पंचायत में 10 से अधिक वर्ष तक एक ही जगह पर जमे सचिवों का भी अन्य ग्राम पंचायत में स्थानांतरण किया गया है। बताते हैं कि, स्थानांतरण की सूची थांदला जनपद में ही बनाई गई है। लेकिन थांदला जनपद की परवाड़ा ग्राम पंचायत के सचिव का इसमें नाम ही नहीं आया, जो विचारणीय है।

         ग्रामीणों का कहना है कि, यहां पदस्थ जो सचिव और सरपंच है वह आपस मे जियाजी और साले की भूमिका अदा कर रहे है और जीजा-साले की इन दिनों पंचायत मे बल्ले बल्ले हो रही है। जिससे किस तरह से पंचायत कार्य का किया जा रहा है यह सहज ही अंदाज लगाया जा सकता है। जबकी नियमों को देखे तों  ससुराल पक्ष मे सचिव पदस्थ नहीं होना चाहिए। लेकिन परवाड़ा पंचायत मे कार्य भार देख रहे है। जबकि पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के स्पष्ट निर्देश है। किसी भी ग्राम पंचायत में उसके पैतृक ग्राम पंचायत के साथ ही उसके ससुराल की ग्राम पंचायत में कार्यभार नहीं दिया जाएगा। लेकिन परवाड़ा ग्राम पंचायत में 3 वर्ष से अधिक समय पर यहां पदस्थ सचिव मानसिंग डामर अपनी ससुराल पक्ष की ग्राम पंचायत में सेवाएं दे रहे है। जबकि इनका भी स्थानांतरण होना चाहिए। 

          ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि, सचिव समय पर कार्य नहीं करते हैं और समय पर पंचायत पर उपलब्ध भी नहीं होते हैं साथ ही खवासा से प्रतिदिन आना-जाना करते हैं। ज़ब सभी ग्राम पंचायत में सचिव का स्थानांतरण किया गया है तो परवाड़ा ग्राम पंचायत के सचिव का स्थानांतरण क्यों नहीं किया गया। कहीं ऐसा तो नहीं कि मामले में गोलमोल जवाब देकर दबाया जा रहा है। इसकी भी कलेक्टर द्वारा निष्पक्ष जांच करनी चाहिए क्योंकि जहां ससुराल पक्ष की ग्राम पंचायत है। वहां ईमानदारी से कार्य करना सचिव के लिए कैसा होगा यह सहज ही अंदाज लगाया जा सकता है। 

         वही मामले में परवाड़ा में पदस्थ सचिव मानसिंह डामर से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि, मुझे पदस्थ हुए 2 साल ही हुए हैं। इसलिए लिस्ट में मेरा नाम नहीं है। उनसे पूछा गया कि, आपके ससुराल पक्ष की पंचायत है और आदेश में स्पष्ट निर्देश कि आपका ट्रांसफर होना चाहिए था तो उन्होंने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हो कहा कि, मैं इस मामले में कुछ कहना नहीं चाहता यह एक विभागीय स्तर का मामला है।

         वही मामले में थांदला जनपद सीईओ देवेंद्र बारोड़िया से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि, इन्होंने आवेदन दिया है या नहीं मैं मामले को देखता हूं उसके बाद ही कुछ कह पाऊंगा।



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