Wednesday, 13 ,May 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

लवेश स्वर्णकार पर मामला दर्ज, सहमति के साथ शारीरिक संबंध या दुष्कर्म....? | अवैध रेत के व्यापार पर निरंकुश हुआ विभाग ओर प्रशासन | डॉ. शिव दयाल सिंह की जगह जिले के नए पुलिस कप्तान होंगे देवेंद्र पाटीदार | स्थाई समाधान नहींः अतिक्रमण के नाम पर नगरपालिका का हर बार एक नया ढकोसला | 4 हजार से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर भरकर तालाब में से मोरम-मिट्टी खनन होने तक गांधी जी के बंदर की तरह अंधा, गूंगा व बहरा बना हुआ था प्रशासन | नए ठेके शुरू होते ही ठेकेदार की लुट, शराब की बोतल पर लिखी कीमत से अधिक राशि की वसूली | यह कैसा सुशासनः दांत तोड़ दूंगा, और जिंदा गाड दूंगा...? | विपक्ष का संवैधानिक हक है विरोध करना... | 2 दिन से पड़ी मृत गाय कोई सुध लेने वाला नहीं | ट्रिपल डी की हुई बैठक, दारू-दहेज पर नहीं सिर्फ डीजे पर होगा प्रबंध | एमपी ब्रेकिंग: झाबुआ कलेक्टर सहित प्रदेश के 21 आईएएस के तबादले, झाबुआ के नए कलेक्टर डॉ योगेश तुकाराम भरसट होंगे | सैयदना साहब के आगमन पर सकल व्यापारी संघ के द्वारा ने बंद का किया आहृवान | जल मंदिर प्याऊ का शुभारंभ, जल गंगा संवर्धन अभियान का आगाज | संशोधनः एकल प्रणाली से टैंडर होने पर आबकारी विभाग को नुकसान बताने वाले माफिया उर्फ शराब ठेकेदार बाकलिया ग्रुप बौखलाया और लगा हर तरह से धमकाने | गेहूं पंजीयन में सर्वर समस्या से किसान परेशान, घंटों इंतजार के बाद भी नहीं हो पा रहे रजिस्ट्रेशन | जूता-चप्पल की दुकान में लगी आग | वालपुर के भगोरिया मेले में हुए क़त्ल के आरोपी गिरफ्तार | 2 को होलिका दहन, 4 को धुलेंडी | वाह रे टीआई अशोक कनेश साहब, आप के अनुसार गांव के आम व्यापारी समझदार नहीं, पर आपकी गजब की समझदारी की भगोरिया हाट में रंग-गुलाल की दुकाने अपनी धोस के साथ बंद करवाएंगे पर अवैध शराब खुलेआम बिकवाएंगे...? | छः वर्षीय इजहान पठान ने रखा रोजा |

अतिक्रमण मुहिम: ठेले, गाड़िया और छोटी घुमटियों हटाकर प्रशासन ने की लीपापोती
Report By: खलील मंसूरी 20, Feb 2026 2 months ago

image

माही की गूंज, उदयगढ़।

          आलीराजपुर जिले के जोबट तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत उदयगढ़ में अतिक्रमण के एवज में प्रशासन केवल लीपा-पोती करता नजर आया। अतिक्रमण हटाने के लिए ग्राम पंचायत उदयगढ़ ने स्थान चिन्हित कर राजस्व विभाग को अतिक्रमण कारियो की एक सूची उपलब्ध कराई गई। उक्त सूची के आधार पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर दुकानों और अतिक्रमण भवनों पर जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे तो संबंधितों द्वारा पंचायत से जारी टैक्स रसीद एवं पंचायत से जारी कागजात राजस्व अमले के सामने पेश कर रहे हैं।

          पंचायत को यह नहीं मालूम की मुख्य रोड से कितने मीटर जमीन रोड की होती है वास्तव में रोड से कितनी दूरी के बाद पंचायत उसे पट्टा दे सकती हैं। नियम तो यह कहता है कि, रोड से 52 फीट या 26 फिट जमीन तक कोई भी कब्जा नहीं कर सकता परंतु पंचायत में तो 52 फीट के अंदर की जमीन भी रसूखदार लोगों को दे रखी है यह बहुत बड़ा जांच का विषय है। यदि पंचायत ने नियम के विरुद्ध किसी को प्रतिष्ठान या अन्य व्यवसाय के लिए जमीन दी है तो अतिक्रमण किस बात का। 

          सवाल उठाता है कि, अतिक्रमण के नाम पर हमेशा छोटे व्यापारी ही टारगेट होते हैं बड़े व्यापारी हमेशा अपने पहुंच के आधार पर बच जाते हैं ऐसा क्यों...? राजस्व विभाग के पास अपने सरकारी जमीन का कोई भी रिकॉर्ड संधारित नहीं है जब लोगों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से इस पर बात करने की कोशिश की तो पंचायत से बात करना करके अपना पल्ला झाड़  रहे थे।

          यदि पंचायत यह सब कर रही है तो राजस्व विभाग के पटवारी-गिरदावर और नायब तहसीलदार क्या देख रहे हैं। अतिक्रमण के नाम पर रोड के किनारे खड़ी चार पहिया वाहन मोटरसाइकिल हाथ ठेला गाड़ी को हटाकर अतिक्रमण टाई-टाई फीश कर दिया।


माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |