माही की गूंज, उदयगढ़।
आलीराजपुर जिले के जोबट तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत उदयगढ़ में अतिक्रमण के एवज में प्रशासन केवल लीपा-पोती करता नजर आया। अतिक्रमण हटाने के लिए ग्राम पंचायत उदयगढ़ ने स्थान चिन्हित कर राजस्व विभाग को अतिक्रमण कारियो की एक सूची उपलब्ध कराई गई। उक्त सूची के आधार पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर दुकानों और अतिक्रमण भवनों पर जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे तो संबंधितों द्वारा पंचायत से जारी टैक्स रसीद एवं पंचायत से जारी कागजात राजस्व अमले के सामने पेश कर रहे हैं।
पंचायत को यह नहीं मालूम की मुख्य रोड से कितने मीटर जमीन रोड की होती है वास्तव में रोड से कितनी दूरी के बाद पंचायत उसे पट्टा दे सकती हैं। नियम तो यह कहता है कि, रोड से 52 फीट या 26 फिट जमीन तक कोई भी कब्जा नहीं कर सकता परंतु पंचायत में तो 52 फीट के अंदर की जमीन भी रसूखदार लोगों को दे रखी है यह बहुत बड़ा जांच का विषय है। यदि पंचायत ने नियम के विरुद्ध किसी को प्रतिष्ठान या अन्य व्यवसाय के लिए जमीन दी है तो अतिक्रमण किस बात का।
सवाल उठाता है कि, अतिक्रमण के नाम पर हमेशा छोटे व्यापारी ही टारगेट होते हैं बड़े व्यापारी हमेशा अपने पहुंच के आधार पर बच जाते हैं ऐसा क्यों...? राजस्व विभाग के पास अपने सरकारी जमीन का कोई भी रिकॉर्ड संधारित नहीं है जब लोगों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से इस पर बात करने की कोशिश की तो पंचायत से बात करना करके अपना पल्ला झाड़ रहे थे।
यदि पंचायत यह सब कर रही है तो राजस्व विभाग के पटवारी-गिरदावर और नायब तहसीलदार क्या देख रहे हैं। अतिक्रमण के नाम पर रोड के किनारे खड़ी चार पहिया वाहन मोटरसाइकिल हाथ ठेला गाड़ी को हटाकर अतिक्रमण टाई-टाई फीश कर दिया।
