माही की गूंज, बनी।
मानो ऐसा लगता है कि कुदरत भी किसानों के साथ अन्याय करने में कोई कमी नहीं छोड़ रही। बीते वर्ष में खरीफ की फसलों के उचित दाम नहीं मिलने और टमाटर जैसी महत्वपूर्ण फसल बीमारियों के चलते बर्बाद हो गई और किसानों को फसलों से काफी नुकसान सहना पड़ा। अब इधर मौसम की करवट ने किसानों की मेहनत और खून पसीने की कमाई पर पानी फेर दिया।
सोमवार शाम को अचानक हुई बारिश ओलावृष्टि ने किसनो की गेहूं-चने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। ग्राम बनी के कृषक राधेश्याम डुगाजी पाटीदार ने अपने खेतों पर जाकर देखा और बताया कि, गेहूं की फसल करीब 4:30 बीघा की जो की तेज हवा और पानी की वजह से धराशाई हो गई जिससे हमें काफी आर्थिक नुकसानी का सामना करना पड़ेगा। किसानों ने राजस्व विभाग से सर्वे करा कर उचित मुआवजा की मांग की है।
