आतंक का पर्याय बन चुके अतिक्रमण माफिया रामू नाथ को कलेक्टर ने किया जिला बदर
माही की गूंज , पेटलावद।
विगत एक वर्ष में पेटलावद थाना क्षेत्र के ग्राम बामनिया के सबसे चर्चित नाम अतिक्रमण माफिया जिसने कई लोगों की निजी ओर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कर पुलिस और प्रशासन की नाक में दम कर रखा था। लगातार विवादों के बाद पुलिस ने रामू नाथ की पूरी कुंडली तैयार की। जिसके बाद रामू नाथ के विरुद्ध जिला बदर की कार्यवाही प्रस्तावित की गई थी। पेटलावद पुलिस द्वारा रामू नाथ के आपराधिक प्रकरणों के साथ-साथ राजस्व न्यायालय ओर न्यायालय में अतिक्रमण के चल रहे प्रकरणों की फाइल तैयार कर पुलिस अधीक्षक झाबुआ के पास भेजी। जहां से प्रकरण की समीक्षा ओर गंभीरता को देखते हुए रामू नाथ को जिला बदर करने हेतु फाइल पुलिस अभिमत के साथ कलेक्टर कार्यालय भेजी गई।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा रामू नाथ सहित तीन आदतन अपराधियों को छह माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए।
जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर नेहा मीना ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क, ख) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में लोक-शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से तीन आदतन अपराधियों के विरुद्ध छह माह की अवधि के लिए जिला बदर के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार कैलाश उर्फ भोला पिता भेरूलाल भाटी निवासी सिर्वी मोहल्ला पेटलावद, रामुनाथ पिता नाथुनाथ कालबेलिया निवासी बामनिया तथा लोकेन्द्र उर्फ लोकेन्द्रसिंह उर्फ लच्छु पिता निरंजनसिंह चौहान निवासी दिलीप गेट झाबुआ को आदेश प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर झाबुआ जिले की राजस्व सीमा सहित समीपवर्ती जिले धार, रतलाम, आलीराजपुर एवं बड़वानी की राजस्व सीमाओं से बाहर जाना होगा। यह प्रतिबंध छह माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा। इस अवधि में बिना सक्षम न्यायालय के पूर्व लिखित अनुमति के उक्त क्षेत्रों में प्रवेश निषेध रहेगा। पुलिस अधीक्षक झाबुआ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार अनावेदक रामुनाथ पिता नाथुनाथ कालबेलिया निवासी बामनिया वर्ष 2002 से भूमि विवाद, मारपीट, अवैध कब्जा तथा दुर्लभ जाति के सर्पों के अवैध व्यापार जैसे अपराधों में संलिप्त रहा है। हाल ही में इसके विरुद्ध थाना पेटलावद एवं थाना थांदला में गंभीर अपराध पंजीबद्ध हुए हैं। इसके कृत्यों से आमजन भय के वातावरण में जीवन यापन कर रहे है। अनावेदक की निरंतर आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए इसे भी जिला एवं सीमावर्ती जिलों से जिला बदर किया जाना आवश्यक पाया गया। उपरोक्त तीनों अनावेदकों के विरुद्ध मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क, ख) के अंतर्गत जिला बदर की कार्यवाही की गई है, ताकि जिले एवं आसपास के क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनी रहे।
ग्राम पंचायत ने की थी पहल
ग्राम पंचायत बामनिया की सरपंच रामकन्या मखौड़ ने रामू नाथ द्वारा ग्राम पंचायत की भूमि सहित अन्य शासकीय भूमियों पर अवैध कब्जा कर रखा था जिसकी शिकायते पूर्व में की गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्राम पंचायत को कई सरकारी निर्माण कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नल-जल जैसी व्यवस्था रामू नाथ के अवैध कब्जे के चलते असुरक्षित हो रही थी । ग्राम पंचायत द्वारा 15 अगस्त 2025 की विशेष ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर अवैध रूप से किए ग्राम पंचायत ओर शासकीय भूमियों से अवैध कब्जा हटाने की कार्यवाही कर पेटलावद तहसील न्यायालय में मय प्रमाण लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी ।जिसकी जांच वर्तमान में भी जारी है। सरपंच रामकन्या मखौड़ ने पुलिस कार्यवाही ओर जिला कलेक्टर नेहा मीना के निर्णय का स्वागत किया तथा धन्यवाद देते हुए कहा कि, रामू नाथ लगातार ग्राम में आतंक का पर्याय बना हुआ है ओर न केवल शासकीय बल्कि लोगों की निजी जमीनों पर जबरन कब्जा कर उनको ओन-पौने दाम पर खरीद कर अपने नाम करवा लेता है। कई जमीनों पर कब्जे को लेकर विवाद की स्थिति रोज बन रही थी जिससे ग्राम का माहौल खराब हो रहा है। जिसके लिए कड़ी कार्रवाई रामू नाथ के लिए जरूरी थी।
पुलिस ने निभाई अपनी भूमिका
लगातार जमीनी विवाद ओर अपराधिक रिकॉड होने के बाद भी रामू नाथ का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा था। थाना पेटलावद के थाना प्रभारी निर्भयसिंह भूरिया द्वारा लगातार रामू नाथ को समझाइश दी जा रही थी लेकिन इसका कोई असर दिखाई नहीं था। जिसके बाद थाना प्रभारी निर्भयसिंह भूरिया ने रामू नाथ का पूरा इतिहास खंगाला और जिला बदर के लिए कार्यवाही कर फाइल को जिला अधीक्षक कार्यालय की ओर भेजी।
अब राजस्व की बारी
ग्राम पंचायत बामनिया ओर पुलिस अपनी भूमिका इस मामले में बखूबी निभाते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाई है लेकिन आज भी रामू नाथ के कब्जे से कई शासकीय भूमियों ओर अवैध निर्माण आज किए हुए है, जिसकी शिकायत राजस्व विभाग को की जा चुकी है। शिकायत के बाद तहसीलदार अनिल बघेल द्वारा सात पटवारियों की टीम बनाई थी जिसको रामू नाथ द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण की जांच करनी थी। एसआईआर के चलते जांच दल केवल एक बार ही जांच के लिए आ पाया वो भी सिर्फ अतिक्रमण चिन्हित कर लौट गया।
तहसीलदार अनिल बघेल ने बताया कि, जांच कर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी और शासकीय व पंचायत की भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। निजी भूमियों पर कब्जे को लेकर श्री बघेल ने कहा कि, शिकायत मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। ग्राम पंचायत ओर पुलिस के बाद अब राजस्व विभाग को चाहिए कि, रामू नाथ के कब्जे की सारे अतिक्रमण हटा कर शासकीय भूमियों पर कब्जा कर आतंक फैलाने वालों को कड़ा संदेश देना चाहिए।
गूंज ने निभाई अपनी भूमिका
रामू नाथ के आतंक ओर झूठी शिकायते ओर महिलाओं को आगे करके किसी भी व्यक्ति को डरा-धमका कर हर बार बचने में कामयाब रहता है। ऐसे में गूंज ने रामू नाथ के आतंक का पूरा कच्चा चिट्ठा बेबाकी के साथ प्रकाशित कर मामले को उजागर किया। इस दौरान रामू नाथ ने गूंज प्रतिनिधि पर झूठे आरोप ओर कई झूठी शिकायतें अगल-अलग अधिकारियों को कर परेशान करने का भी पूरा प्रयास किया । गूंज द्वारा प्रत्येक खबर शिकायत आधारित होकर प्रामाणिक रूप से प्रकाशित की ओर शिकायत की जांच में पुलिस का पूरा सहयोग किया । जिससे रामू नाथ का गूंज की आवाज दबाने की सारी कोशिशें नाकाम रही । रामू नाथ द्वारा कैसे इतने कम समय में सैकड़ों बीघा जमीन खरीद कर, कैसे अचूक संपत्ति का मालिक बना इस पर भी जांच होती है तो कई बड़े खुलासे होने की संभावनाओ से इंकार नहीं किया जा सकता।
सरपंच रामकन्या मकोड, थाना प्रभारी निर्भयसिंह भूरिया व प्रभारी तहसीलदर अनिल बघेल ने रामू नाथ का निकाला पूरा कच्चा चट्ठा ओर की कार्रवाई।
कलेक्टर नेहा मीना ने रामू नाथ के आतंक के रिकॉड को देखते हुए जारी किया जिला बदर का आदेश।
अपराधिक पृष्ठभूमि व अतिक्रमण माफिया रामू नाथ हुआ जिला बदर।
