माही की गूंज, काकनवानी।
कुछ ऐसे दृश्य होते हैं जो सुनने व देखने मात्र से हर किसी के दिलों की गहराई तक दुखों का पहाड़ टूट जाता है। जी हां, इस तरह की पहले खुशी तो बाद में दुखों का पहाड़ काकनवानी में टूटते देखने को मिला और यह दृश्य को देख व सुन हर किसी के आंखों में आंसू देखने को मिले।
मामला यह कि, काकनवानी निवासी विजय पिता नगिनलाल पंचाल (28) की बहन की शादी कुंदनपुर की थी। वहीं बहन के देवर का संबंध काकनवानी में चचेरी बहन के साथ तय हुआ। गुरुवार को बहन के देवर की बारात कुंदनपुर से आना थी और चचेरी बहन की विदाई सात फेरों के संबंध के साथ होना थी। विजय एवं परिवार में एक तरफ बहन के देवर एवं दूसरी तरफ चचेरी बहन का बहन के देवर के साथ विवाह गुरुवार को होना था। जिसकी दोहरी खुशियां विजय एवं परिवार में थी, परंतु यह खुशियां शादी के दिन दुख में बदलकर रह गई।
जानकारी अनुसार विजय गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है और पिता एक चाय की घुमटी लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। वही विजय भी सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी स्थानीय एक निजी बैंक में करता था। शादी के 1 दिन पूर्व बुधवार की शाम को विजय किन्ही मेहमानों को रिसीव करने उदयगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचा। वही विजय जब प्लेटफार्म पर खड़ा था कि, कोई एक्सप्रेस गाड़ी बुधवार रात करीब साढे 8 बजे आई। उस ट्रेन की हवा के चपेट में विजय आ गया और कई दूर फेंका गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। रेलवे पुलिस, विजय को मेघनगर अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विजय की पहचान रात भर नहीं हो पाई। सुबह करीब 8 बजे एक तरफ परिवार बारात आने का इंतजार बड़े ही खुशनुमा माहौल में कर रहे थे। उसी समय सुबह मृतक की पहचान होकर परिवार को सूचना मिली की विजय की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। वैसे ही शादी की यह खुशियां मातम में बदल गई। ऐसी विकट परिस्थिति में समाजजनों व स्थानीय निवासियों ने परिवार को ढांढस बंधाया और देर शाम होने वाली शादी सात फेरों के साथ कर, बहन की विदाई गुरुवार को 2 बजे की गई। वहीं बहन की विदाई होने के बाद विजय का शव मेघनगर हॉस्पिटल से लाया गया और स्थानीय मुक्तिधाम पर शाम 5 बजे बाद विजय का अंतिम संस्कार किया गया। उक्त खुशी में गम का यह परिदृश्य देखकर हर किसी की आंखों में आंसू थे व दिलों में दुख के साथ शोक की लहर थी।

