माही की गूंज, आलीराजपुर।
जिले के ग्राम वालपुर के भगोरिया मेले मे धक्का लगने जैसी मामूली बात पर उपजे विवाद के कारण एक नाबालिग की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन बालिग आरोपियों सहित एक विधि विरुद्ध बालक (नाबालिग) को अभिरक्षा में लिया है।
ये है मामला...
थाना सोण्डवा अंतर्गत ग्राम वालपुर में आयोजित भगोरिया मेले के दौरान शाम लगभग 4 से 5 बजे के मध्य दो पक्षों के युवकों में आपसी धक्का लगने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। विवाद इतना बढ़ा कि एक पक्ष के अज्ञात युवकों ने तलावद (थाना उदयगढ़) निवासी एक नाबालिग बालक के साथ लात-घूंसों से मारपीट की और धारदार चाकू से उसके पेट, पीठ और छाती पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घायल को प्राथमिक उपचार हेतु सोण्डवा अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से उसे जिला चिकित्सालय आलीराजपुर रेफर किया गया। आहत के साथी माधू डावर के कथनों के आधार पर पुलिस ने प्रारंभ में धारा 109(1) BNS (पुरानी धारा 307 भादवि - हत्या का प्रयास) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया। उपचार के दौरान घायल नाबालिग की मृत्यु हो जाने पर मामले में धारा 103(1) BNS (पुरानी धारा 302 भादवि - हत्या) का इजाफा किया गया।
ऐसे हुई कार्रवाई
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल एवं एसडीओपी आलीराजपुर अश्विनी कुमार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी सोण्डवा निरीक्षक आर.आर. बडोले के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। गठित टीम के द्वारा अनुसंधान के दौरान निम्नानुसार कार्यवाही त्वरित रूप कार्यवाही कर अज्ञात आरोपियों को ज्ञात करने मे सफलता प्राप्त की। टीम ने वालपुर मेला स्थल पर ग्राम पंचायत द्वारा लगाए गए CCTV कैमरों तथा निजी प्रतिष्ठानों के फुटेज का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया। परंपरागत मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया, जिससे संदिग्धों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त हुए। प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सोण्डवा क्षेत्र के निवासी दिनेश, कमलेश, अर्जुन तथा एक अन्य नाबालिग को हिरासत में लिया। मनोवैज्ञानिक ढंग से की गई सघन पूछताछ में आरोपियों ने वालपुर मेले मे हुई घटना के अपराध को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि मेले में मामूली धक्का लगने के कारण हुए विवाद के प्रतिशोध में उन्होंने मृतक पर धारदार चाकू से हमला किया था।पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू बरामद किया है।
इनकी रही भूमिका
उक्त अज्ञात हत्या के त्वरित खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक राजाराम बड़ोले, चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सचिन डावर, उपनिरीक्षक रामवचन पाण्डेय, सउनि बाबूलाल गेहलोत, सउनि शांतिलाल उपाध्याय, प्र.आर. कैलाश (181), आरक्षक विक्रम कनासिया (240), आरक्षक जितेन्द्र (361), आरक्षक दिनेश (383), आरक्षक छोटू (117), आरक्षक विजय (497), आरक्षक राकेश (103), आरक्षक सुनील (294) एवं महिला आरक्षक रंजना (67) की भूमिका रही।
