Monday, 12 ,October 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

असुविधाओं और वसूली के लिए बदनाम हो चुका हॉस्पिटल, निजी हॉस्पिटलो की पो बारह | जिले में गौ-हत्या का कारण क्षेत्रवासियों का खुला और मौन समर्थन या स्वीकृति तो नहीं...? | चार साल पहले उप स्वास्थ्य केंद्र का मरम्मत कार्य अपनी बदहाली के आसु बहा रहा भवन | 12 लाख से अधिक की लागत से बना शासकीय उचित मूल्य दुकान का गोदाम अब भी अधूरा | क्या झाबुआ जिले की जनता तीसरे विकल्प की तलाश में है...? | 482 छात्राओं की नेत्र जांच, 16 बेटियों की शिक्षा का जिम्मा | मेंटेनेंस के नाम पर लंबी बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान | सेवा सकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम सम्पन्न | जर्जर भवन में संचालित हो रही ग्राम पंचायत | गांधी जयंती पर विशेष ग्राम सभा सम्पन्न | गांधी जयंती पर चला वृहद स्वच्छता अभियान | विधायक, ग्रामीणों के साथ कलेक्टर से मिलीं | खुला पड़ा गड्ढा दुर्घटना को दे रहा आमंत्रण | जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया शुरू | अनंत चतुर्दशी पर गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’, जुलूस के साथ हुआ गणेश प्रतिमा का विसर्जन...!! | मूलभूत सुविधाओं से वंचित शासकीय स्कूले | नवरात्रि पर्व को लेकर रोग्या देवी मंदिर पर समिति का गठन, अध्यक्ष व कोषाध्यक्ष का किया चयन | अनाथ बच्चों की मदद को आगे आए जनप्रतिनिधि | धूमधाम से मनाया गया ईद-ए-मिलाद-उन-नबी | प्रशासनिक फेरबदल एसडीएम तनुश्री मीणा को बालाघाट सीईओ की कमान |

विकास से पहले विनाश…!!
Report By: सुनील सोलंकी 04, Jun 2026 4 months ago

image

झाबुआ-रतलाम मार्ग पर करोड़ों की सड़क को ठेकेदार और इंडियन ऑयल कंपनी ने मिलकर खोदा, जिम्मेदार झाड़ रहे पल्ला…

माही की गूंज, खवासा |

    432 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा रतलाम-झाबुआ मार्ग इन दिनों बड़ी ही तीव्र गति से निर्माणाधीन है। निर्माण कार्य एमपीआरडीसी के अधीन हो रहा है और इसका ठेका हरियाणा की हार्दिक कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला हुआ है। बताया जाता है कि जहां शहरी क्षेत्र है, वहां सीसी रोड का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में खवासा क्षेत्र में भी सीसी रोड का निर्माण किया गया था।
    लेकिन यहां इंडियन ऑयल कंपनी के कर्मचारियों व ठेकेदार ने मिलकर रोड को बीच से ही तोड़कर अपनी पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया, जो एक चिंता का विषय है। बताया जाता है कि बड़ौदा से लेकर रतलाम तक पेट्रोल-डीजल की पाइपलाइन खवासा क्षेत्र से गुजर रही है और इसी सीसी रोड के नीचे से पाइपलाइन कवर करने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन नई-नवेली सड़क को ही ठेकेदार ने खोद दिया, वह भी बिना अनुमति के। इसमें कहीं न कहीं एमपीआरडीसी व निर्माण कर रही ठेकेदार कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत साफ दिखाई दे रही है।
     एक तरफ सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर आम जनता की सहूलियत के लिए चमचमाती सड़कों का जाल बिछा रही है, वहीं दूसरी ओर ठेकेदारों और जिम्मेदार कंपनियों की आपसी सांठगांठ और भारी लापरवाही के चलते जनता के टैक्स का पैसा पानी में बहाया जा रहा है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला झाबुआ-रतलाम मार्ग से सामने आया है, जहां सड़क पूरी तरह बनकर तैयार भी नहीं हुई और उसे पहले ही खोदकर बर्बाद कर दिया गया।

सीएम राइज स्कूल के सामने जेसीबी से खोद दी सड़क

       झाबुआ-रतलाम मार्ग पर इन दिनों करोड़ों की लागत से सड़क निर्माण का कार्य जारी है। अभी इस सड़क का निर्माण पूरा भी नहीं हुआ था कि खवासा अंतर्गत सीएम राइज स्कूल के सामने विभागीय लापरवाही का एक बड़ा नजारा देखने को मिला। यहां पेट्रोल-डीजल की पाइपलाइन डालने के नाम पर जेसीबी मशीन दौड़ा दी गई और पूरी नई बनी सड़क को बेरहमी से खोदकर मलबे में तब्दील कर दिया गया। स्कूल के ठीक सामने हुई इस अंधाधुंध खुदाई से न सिर्फ सरकारी पैसे की बर्बादी हुई है, बल्कि भारी नुकसान भी हुआ है।

सवालों के घेरे में इंडियन ऑयल, एमपीआरडीसी व रोड ठेकेदार ने साधी चुप्पी

      इस गंभीर मामले को लेकर जब सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया और दूरी बना ली। उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। वहीं दूसरी तरफ इस पूरी लापरवाही को लेकर जब मौके पर मौजूद इंडियन ऑयल कंपनी के कर्मचारियों से बात करने का प्रयास किया गया, तो वे भी जवाब देने के बजाय इधर-उधर पल्ला झाड़ते और बचते नजर आए।

इतना नुकसान करना गंभीर विषय, कहीं लेन-देन का मामला तो नहीं…?

      इतनी बड़ी लापरवाही बिना किसी बड़ी सेटिंग के मुमकिन नहीं है। अंदरूनी सूत्रों और स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि इंडियन ऑयल कंपनी द्वारा इस पाइपलाइन को डालने के लिए रोड ठेकेदार को कथित तौर पर भारी-भरकम राशि दी गई होगी। इसी मोटी रकम के फेर में रोड ठेकेदार ने अपनी ही बनाई सड़क को बीच में से फाड़ने की चुपचाप सहमति तो नहीं दे दी? जिससे साफ जाहिर होता है कि यहां नियमों को ताक पर रखकर निजी फायदे का खेल खेला गया है।

एसडीएम ने कही जांच की बात…

     इस पूरे मामले और कथित लापरवाही के संबंध में जब थांदला एसडीएम भास्कर गालचे से चर्चा की गई, तो उन्होंने कहा, “मैं इस पूरे मामले को दिखवाता हूं और जांच करवाकर फिर आपको बताता हूं।”
     अब देखना यह होगा कि क्या इस करोड़ों की सड़क को समय से पहले बर्बाद करने वाले ठेकेदार और इंडियन ऑयल के जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है, या फिर जांच के नाम पर इस फाइल को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
      वहीं मामले को लेकर एमपीआरडीसी के एजीएम रामगोपाल हटीला से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।


माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |