सड़क किनारे रेत के ढेर लगा कर किया जा रहा है अवैध व्यापार, ओवरलोड डंपरो का रोज नगर में आना-जाना
माही की गूंज, पेटलावद।
कहते हैं जितना बड़ा व्यापार उतना बड़ा सरकार का फायदा, लेकिन अवैध रेत के व्यापार में गंगा उल्टी बह निकली है जितना बड़ा ओर अवैध व्यापार सरकार का उतना बड़ा नुकसान ओर जिम्मेदारो का उससे कई गुना निजी फायदा। बिल्कुल ऐसा ही हो रहा है बालू रेत के अवैध व्यापार के माध्यम से सरकार को बड़े स्तर पर राजस्व का चुना लगा कर खुद की जेब भरी जा रही हैं। जो पैसा शासन के खाते में जाना था वो जिम्मेदारो की जेब की शोभा बढ़ा रहा है। समीपस्थ आलीराजपुर जिले सहित मध्यप्रदेश के अन्य जिलों ओर गुजरात राज्य से धड़ल्ले से अवैध रेत का कारोबार खुले आम जारी है। इस अवैध व्यापार के आगे शासन, प्रशासन, पुलिस ,राजस्व विभाग सहित खनिज के अवैध उत्खनन को रोकने ओर कार्रवाई करने के लिए बने खनिज विभाग की नाक के नीचे अवैध रेत का व्यापार बड़े स्तर पर किया जा रहा है जिसे न कोई रोकने वाला न कोई टोकने वाला। इन दिनों नगर सहित आसपास के क्षेत्र में देर रात से लेकर अल सुबह तक रेत से भरे ओवर लोड डंपर सड़कों पर आसानी से देखे जा सकते है। इन डंपरो में अवैध रूप से ओवर लोड रेत भरी जाती हैं तो कईयों के पास रायल्टी तक नहीं होती इसके बाबजूद बैधड़क सड़कों पर आसानी से देखे जा सकते है।
सड़क के किनारे लगे रेत के ढेर, खुलेआम अवैध रूप से हो रही सप्लाई
अवैध रेत का व्यापार किस कदर फल फूल रहा है इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता की ये रेत से अवरलोड डंपर सैकड़ों किलोमीटर दूर से अवैध रूप से यहां तक बै रोक टोक पहुंच जाते हैं। लेकिन स्थाई रूप से जिला प्रशासन सहित स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली। उधर जिम्मेदार खनिज विभाग के अधिकारी कम्बल ओड कर घी पी रहे है ओर महिना बंदी के नाम पर इन अवैध रेत के डंपरो का आवागमन खुले आम हो रहा है। अवैध व्यापार का खेल यही खत्म नहीं होता, सैकड़ों किलोमीटर दूर से अवैध रूप से स्थानीय स्तर पर पहुंचने के बाद सड़को के किनारे अवैध रेत के ठिए पेटलावद, रायपुरिया, बामनिया ,करवड़ सहित कई गांवों में रेत के ढेर लगा कर के रेत बिना रॉयल्टी बेची जा रही है। खनिज विभाग न तो इन डंपरो को रोक पा रहा है न ही इन अवैध रेत के ठियों से बिक रही रेत पर कोई कार्रवाई कर पा रहा है।
जल्दबाजी के चक्कर में होती है दुर्घटना
रॉयल्टी चोरी ओर ओवरलोडिंग के चलते ये अवैध रेत से भरे डंपर तेज गति से चलते हुए कई बार बड़ी दुर्घटनाओं तक को अंजाम दे देते है जिसके कई उदाहरण जिले ओर आसपास के क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के माध्यम से देख चुके है और कितनी ही मौत इन दुर्घटनाओ में हो चुकी हैं। आज भी ये वाहन तेज गति से व्यस्तम मार्गो में आना-जाना कर रहे है। यहां तक कि इन वाहनों के आने-जाने के लिए उन ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का उपयोग करते है जो सड़के इतना वजन के लिए नहीं बनी होती ओर इन सड़कों की आयु अधिक वजन झेलने के कारण कम हो कर ग्रामीण क्षेत्र की सड़के समय से पहले ही टूट फूट जाती है।
इस संबंध में प्रभारी तहसीलदार अनिल बघेल से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि, इस प्रकार की जानकारी आते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी व प्रकरण खनिज विभाग को भेजे जायेगे।

