माही की गूंज, बनी।
अमीर हो चाहे गरीब सभी को एक न एक दिन इस मनुष्य जीवन से मुक्ति प्राप्त होना है, यह एक अटल सत्य है। मगर मुक्ति पाने के बाद मुक्त आत्मा का अंतिम संस्कार मुक्तिधाम पर किया जाता है और मुक्तिधाम पहुंच मार्ग पर या मुक्तिधाम पर किसी भी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इन सभी बातों को मध्य नजर रखते हुए ग्राम बनी के पाटीदार समाज ने मुक्तिधाम का सुंदरीकरण चरणबद्ध तरीके से करने का निर्णय लिया। इसी क्रम में आज रविवार को सुंदरीकरण का काम चालू किया गया। ग्राम बनी में 200 के लगभग पाटीदार समाज के घर है जिसमें करीब 60 परिवार के पास ट्रैक्टर-ट्राली और दो जेसीबी मशीन के माध्यम से ट्रैक्टरों द्वारा मोरम भरकर मुक्तिधाम का भराव कर समतलीकरण का कार्य शुरू किया और जिन किसानों के पास ट्राली की व्यवस्था नही थी उन्होंने भी ट्रैक्टर के पीछे कल्टीवेटर लगाकर मिट्टी को समतलीकरण करने का योगदान दिया।
समाज द्वारा आगे इसी क्रम के अगले चरण में पौधरोपण का कार्य किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक परिवार को एक पौधा लगाना अनिवार्य किया गया है। जिससे मुक्तिधाम के सुंदरीकरण में वृद्धि हो सके और पौधे लगाने से पर्यावरण के प्रति आम जनता के बीच में पर्यावरण के प्रति रुझान बड़े। आने वाले समय में पाटीदार समाज के द्वारा संकल्प को पूरा करने के लिए मुक्तिधाम पर जाली फेंसिंग, बैठने के लिए स्थाई कुर्सियां, पानी की टंकी आदि का कार्य क्रमबद्ध रूप से किया जावेगा।
