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जल जीवन जल मिशन में बनी पानी की टंकी में पानी ही नहीं पहुंचा
Report By: सुनील सोलंकी 16, May 2026 4 months ago

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ग्रामीण सुबह उठते ही बर्तन लेकर निकल जाते हैं, पेयजल की राह में

माही की गूंज, खवासा।  

        गर्मी की शुरुआत में ही अधिक तापमान बढ़ने के साथ ही ग्रामीण अंचलों में पानी की समस्या भी विकराल रूप लेने को उतारू हो गई है। ग्रामीण अंचलों में बनी जल जीवन जल मिशन के अंतर्गत पानी की टंकियां तो बना दी गई लेकिन धरातल पर ग्रामीणों को नलों से पानी ही नसीब नहीं हो रहा है। जिससे लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। जब इतनी बड़ी पानी की टंकी बनाने के बाद अगर गांव में पानी सप्लाई नहीं हो रहा है तो आखिर किस तरह से सरकार का पैसा बर्बाद हुआ यह सहज ही अंदाज लगाया जा सकता है। एक तरफ केंद्र सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के बाद भी अगर धरातल पर ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है तो आखिर इसे आप क्या समझेंगे...! कहीं न कहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग झाबुआ अधिकारियों के ऊपर प्रश्न खड़ा होता है। 


           माही की गूंज को ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, थांदला जनपद क्षेत्र अंतर्गत खवासा कलस्टर की ग्राम पंचायत तलावड़ा के केसरपुरा, सादैड़ा व गड़ीफलिया में तीन जगह पानी की टंकियां का निर्माण किया गया है। निर्माण एजेंसी लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग झाबुआ है, तथा ठेका प्रगति कंस्ट्रक्शन कंपनी नई दिल्ली को मिला हुआ था। कार्य काफी कछुआ गति से किया गया तथा आज भी कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। कई जगह नली लगाकर ऐसे ही नल छोड़ दिए गए है। वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि, एक बार पानी टेस्टिंग करने के बाद दूसरी बार नलों में पानी ही नहीं आया, वहीं यह भी बताते हैं कि ग्राम पंचायत तलवाड़ा भाजपा मंडल के महामंत्री के ग्रह क्षेत्र की पंचायत है।


         पंचायत की ओर से तर्क दिया गया कि, अभी केसरपूरा की समवेल टंकी हेंडओवर की गईं है। बाकि गढ़ी फलिया व सादैड़ा का कार्य बाकी होने के कारण हेंडओवैर नहीं ली गई है। यानी अधूरा कार्य अभी भी बना हुआ है। बताते हैं कि, केसरपुरा व सादेड़ा में समवेल टंकी बनाई गईं है, वही गड़ी फलिया मे एक बड़ी टंकी बनाई गई। केसरपुरा फलिया माही नदी के अंतिम छोर पर है वहां पानी पर्याप्त मात्रा में है लेकिन फिर भी वहां नलों में ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। वही सादेड़ा में तो समवेल टंकी बना दी गई लेकिन कुआं खोदा ही नहीं गया ग्रामीणों को वहां भी पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। 

          ग्रामीणों का कहना है कि, कई घरों में तो नल तक नहीं लगाए गए इतनी भीषण गर्मी के बाद भी ग्राम पंचायत व पीएचई विभाग द्वारा इस और कोई ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों को पानी की समस्या से रूबरू होना पड़ रहा है। वही गांव के कुछ युवाओं में सोशल मीडिया पर भी जल जीवन जल मिशन पानी की टंकियां को लेकर काफी बहस छिड़ी हुई है और ग्रामीण सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया पानी को लेकर दे रहे हैं। 


          ग्रामीणों का कहना है कि, जब योजना सुचारू रूप से यहां शुरू की गई तो हमें लगा था कि, पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा लेकिन यहां तो पहले जैसी स्थिति बनी हुई है। टंकी बना दी गई लेकिन नलों में पानी आया ही नहीं आया है। पीएचई विभाग को इस जाँच करनी चाहिए। आखिर ठेकेदार द्वारा इस तरह से घटिया निर्माण किया गया इसकी जांच भी होनी चाहिए यह ग्रामीणों का कहना है। 

         मामले में प्रगति कंस्ट्रक्शन कंपनी दिल्ली के कार्य देख रहे सिविल इंजीनियर विशाल लोवंशी से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

राहुल सोलंकी एसडीओ (पीएचई) थांदला, केसरपुरा में तो टंकी हेंडओवर और कर दी गई है। सादेड़ा में कुएं का कार्य बाकी है, जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। और जहां भी समस्या है। उसका निदान किया जाएगा।



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