Tuesday, 13 ,October 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

असुविधाओं और वसूली के लिए बदनाम हो चुका हॉस्पिटल, निजी हॉस्पिटलो की पो बारह | जिले में गौ-हत्या का कारण क्षेत्रवासियों का खुला और मौन समर्थन या स्वीकृति तो नहीं...? | चार साल पहले उप स्वास्थ्य केंद्र का मरम्मत कार्य अपनी बदहाली के आसु बहा रहा भवन | 12 लाख से अधिक की लागत से बना शासकीय उचित मूल्य दुकान का गोदाम अब भी अधूरा | क्या झाबुआ जिले की जनता तीसरे विकल्प की तलाश में है...? | 482 छात्राओं की नेत्र जांच, 16 बेटियों की शिक्षा का जिम्मा | मेंटेनेंस के नाम पर लंबी बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान | सेवा सकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम सम्पन्न | जर्जर भवन में संचालित हो रही ग्राम पंचायत | गांधी जयंती पर विशेष ग्राम सभा सम्पन्न | गांधी जयंती पर चला वृहद स्वच्छता अभियान | विधायक, ग्रामीणों के साथ कलेक्टर से मिलीं | खुला पड़ा गड्ढा दुर्घटना को दे रहा आमंत्रण | जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया शुरू | अनंत चतुर्दशी पर गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’, जुलूस के साथ हुआ गणेश प्रतिमा का विसर्जन...!! | मूलभूत सुविधाओं से वंचित शासकीय स्कूले | नवरात्रि पर्व को लेकर रोग्या देवी मंदिर पर समिति का गठन, अध्यक्ष व कोषाध्यक्ष का किया चयन | अनाथ बच्चों की मदद को आगे आए जनप्रतिनिधि | धूमधाम से मनाया गया ईद-ए-मिलाद-उन-नबी | प्रशासनिक फेरबदल एसडीएम तनुश्री मीणा को बालाघाट सीईओ की कमान |

डॉ. शिव दयाल सिंह की जगह जिले के नए पुलिस कप्तान होंगे देवेंद्र पाटीदार
Report By: मुजम्मिल मंसुरी 07, May 2026 5 months ago

image

क्या जिले की कानूनी और अपराधिक परिस्थितियां बनेगी पाटीदार के लिए चुनौती...?

माही की गूंज, झाबुआ।

         झाबुआ जिले को 53 वें पुलिस अधीक्षक के रूप में एक नया चेहरा देवेन्द्र पाटीदार का मिला है। पुलिस विभाग में शनिवार देर रात हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद झाबुआ एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह को पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा गया है। नए पुलिस अधीक्षक के रूप में 2016 बैच के आइपीएस अधिकारी देवेंद्र पाटीदार ने नए पुलिस अधीक्षक के रूप में जिले की कमान संभाली है। इससे पहले पाटीदार बुरहानपुर में पदस्थ थे। पाटीदार का फोकस ज्यादातर सामाजिक पुलिसिंग पर रहा है। वे धार जिले में पहले एसएसपी के पद पर लंबे समय तक रहे है। इसी को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे है कि, नवागत एसपी पाटीदार आदिवासी जिले में कार्य अनुभव के साथ जिले में आए है तो पुलिस महकमे और जिले की कानून व्यवस्था के लिए कुछ अच्छा ही हेागा। बावजूद इसके जिले की भौगोलिक स्थिति, आदिवासी समाज की परिस्थतियां, जिले में आपराधिक गतिविधियां और कानून व्यवस्था पाटीदार के लिए चुनौती भरी हो सकती है?
पूर्व पुलिस अधीक्षक डॉ. शिव दयाल सिंह जिले में लगभग 7 माह तक अपनी सेवाएं देते रहे। इनके कार्यकाल में विभागीय अनुशासन पर ज्यादा जोर दिया गया। इनके नेतृत्व में पुलिस विभाग ने कई संवेदनशील मामलों का खुलासा किया। 7 माह के इस कार्यकाल में सोशल पुलिसिंग पर इतना जोर देखने को नहीं मिला। इनके पहले जिले में एसपी रहे पद्मविलोचन शुक्ल को जरूर सामाजिक पुलिसिंग करते देखा गया। मगर उनके कार्यकाल में कुछ खास विभागीय उपलब्धियां देखने को नहीं मिली। कारण यह था कि, उन्होने पुलिस विभाग को सामाजिक विभाग ही बना डाला था। सोशल पुलिसिंग के नाम पर वे हमेशा कैमरों से घिरे रहते थे और यही कोशिश रहती थी कि, वे अखबारों में किसी न किसी तरह छाए रहे। पूर्व पुलिस अधीक्षक शुक्ल का हर कदम कुछ नया करके मीडिया में छाए रहने के लिए ही उठता दिखाई देता था।
            जिले में अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है। कुछ अखबारों में छप कर चले जाते है तो कुछ जिलेवासियों के मन मस्तिष्क पर छाप छोड़ जाते है, जिन्हे लोग वर्षों याद रखते है। अब जिले को नए पुलिस कप्तान के रूप में देवेंद्र पाटीदार मिले है। उन्होने अखबारों को दिए अपने पहले वक्तव्य में यह साफ कर दिया है कि, जनता का विश्वास जीतकर ही अपराध पर प्रभावी चोट की जा सकती है। यानि सीधे तौर पर उनका फोकस भी सोशल, सामाजिक पुलिसिंग पर रहेगा। हम उम्मीद करते है कि, वे सोशल पुलिसिंग करेंगे मगर पूर्व पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल जैसी नहीं। जिले में पुलिस अधीक्षक का काम जिले की कानून व्यवस्था को बनाए रखना, अपराधों और अपराधियों पर शिकंजा कसना होता है, ना कि सुर्खियां बटोरना, अखबारों में छपना और हमेशा कैमरे के सामने रहना। इन सब चीजों से रिवार्ड, अवार्ड, तमगे और वाहवाही पाई जा सकती है, लेकिन लोगों के दिलों में जगह नहीं बनाई जा सकती। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सामाजिक पुलिसिंग के साथ सख्ती भी जरूरी है, अपराधियों में पुलिस का खौफ होना भी जरूरी है और आमजन में पुलिस पर विश्वास बने। इसके बाद ही सोशल पुलिसिंग का नंबर आता है। हम उम्मीद करते है कि, जिले में पधारे नए पुलिस अधीक्षक परिस्थतियों को देखते हुए ही काम करेंगे।



माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |