क्या नाबालिग विवाहिता ही हत्यारी या कोई बड़ा षड्यंत्र या फिर मामले में और भी कोई हत्यारा...?
माही की गूंज, झाबुआ/ खवासा।
झाबुआ जिले की पुलिस सही को गलत और गलत को सही बनाने वाली कार्य प्रणाली के चलते अपनी विश्वसनीयता खो बैठी है। इसलिए पुलिस किसी मामले या घटना का खुलासा करती है तो अब आम जनता को उस खुलासे पर पूरा भरोसा नहीं होता है। ओर अगर बात थांदला पुलिस की आए तो वो कुछ भी अपनी सुल्तानी कर सकती है जिसमे वो हर प्रकार की महारत हासिल कर चुकी है, जिसका हम पूर्व में भी कई बार खुलासा कर चुके है।
इसी कड़ी में थांदला थाने की खवासा चौकी के ग्राम नारेला में 28 जनवरी को एक हत्या का मामला आया। जिसमे कैलाश पिता रायचंद्र माल (25) का शव उसके घर में से मिला। मामले में पुलिस ने दूसरे दिन ही खुलासा करते हुए झाबुआ एसपी ने पत्रकार वार्ता रखी और बताया कि, पति कैलाश अपनी पत्नी पर चरित्र शंका करता था एवं हत्या के पूर्व संध्या परिवार में पति के छोटे भाई की शादी का समारोह था।
जिसमें पत्नी रानू डांस कर रही थी जिसे रोका एवं मोबाइल पर रील बनाने के लिए भी पति रोकता था। उक्त बात से पत्नी को गुस्सा आया और आपसी पति-पत्नी में तीखी बहस हुई। रात्रि में घर में रखी पगड़ी की रस्सी बनाई तथा सोये हुए कैलाश का गला पगड़ी की रस्सी से घोटकर हत्या कर दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में गला घोटकर हत्या करने की बात सामने आई उसके बाद उक्त खुलासा किया। खुलासे में यह भी सामने आया कि, कैलाश की पत्नी ने यूट्यूब पर हत्या करने का आईडिया लिया।
पुलिस ने पति की हत्यारी विवाहिता की पुष्टि भी नाबालिक के रूप में की है। वही बताया जा रहा है कि, कैलाश का विवाह रानू से 7 माह पूर्व ही हुआ था। तथा पुलिस ने हत्यारी पत्नी की नाबालिक होने की पुष्टि के साथ यही खुलासा किया कि, पति, पत्नी पर शंका करता था तथा रील बनाने से रोकता था और हत्या के पूर्व पत्नी को नाचने से पति ने रोका इस बात पर बहस हुई और पत्नी ने पति की हत्या कर दी।
लेकिन आमजन में पुलिस अपने विश्वास को खोते नजर आ रही है। ऐसे में पुलिस के खुलासे में नाबालिक विवाहिता पत्नी ही सिर्फ हत्यारी होगी यह किसी को विश्वास नहीं आ रहा है। और विश्वास न होने का कारण भी यही है जैसे कि, हत्या में एक महिला वह भी नाबालिक और शादी के महज 7 माह में ही पत्नी पर शंका और रील बनाने व नाचने की बात पर रोकने पर हत्या का कदम उठा लेना...? यह किसी के मन को संतुष्ट नहीं कर पा रही है। लोगों की दबी जुबान व चर्चाओं में यही अपने-अपने अनुमान लगाए जा रहे हैं कि, पत्नी पर चरित्रहीनता का आरोप पति लगाता था तो तय है यह बात परिवार में भी किसी को सार्वजनिक की होगी। और अगर यह बात दबाई गई हो तो और कोई अन्य बात भी हो सकती है। वही यह भी आकलन लगाया जा रहा है कि, अगर पति को शंका थी तो तय है हत्या का आईडिया यूट्यूब से लिया तो ऐसे में यह हत्या किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा होकर प्रेमी या अन्य के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम देने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है... षड्यंत्र में यह भी हो सकता है कि, षड्यंत्रकारी ने यह षड्यंत्र रचा हो कि, महिला नाबालिक है और हत्या के बाद भी खुलासा होने पर महिला अपना जुर्म कबूल कर भी लेती है तो उसे न्यायालय से जल्द राहत मिलकर वह बाहर आ सकती है। और सहलिप्त षड्यंत्रकारी, महिला को छुड़ाने में अपना पूरा प्रयास करेंगे। इसी बात का संदेह जताया जा रहा है ओर आश्वस्त होकर महिला ने पूरा आरोप अपने ऊपर ले लिया होगा की चर्चा हो रही है। महिला और वह भी नाबालिक होकर इतना बड़ा हत्या का षड्यंत्र व साहस अकेली नहीं कर सकती है! और न ही इस प्रकार की घटना पहले क्षेत्र में सामने आई है की भी चर्चा हो रही है।
ऐसे में मांग की जा रही है कि, पुलिस को अब भी हर बिंदु पर इस घटना की जांच करने की आवश्यकता है।
क्या यह शादी लड़की की बिना मर्जी से तो नहीं हुई थी...?
शादी हुई तो 7 माह में ही रील व नाचने पर रोक-टोक का आखिर क्या कारण...?
तथा पति अगर शंका करता था तो पत्नी का किसी अन्य पुरुष के साथ संपर्क था क्या जो शंका का कारण था..? तो वह व्यक्ति कोन...?
आदि बिंदुओं पर पुलिस को गहनता से जांच कर एक बार फिर मामले का खुलासा करना चाहिए।
वहीं दूसरी बात यह कि, उक्त खुलासे में नव विवाहित हत्यारी पत्नी को नाबालिक घोषित करने के साथ ही एक बार फिर प्रशासन पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं और जिले में कितने भी प्रयास कर ले नाबालिक विवाह रोकने का, पर प्रशासन नाकामयाब ही रहा है। ओर क्षेत्र में प्रति वर्ष बिना किसी रोक-टोक के नाबालिक की शादियां हो रही है।

