निजी चिकित्सकों द्वारा डेंगू-मलेरिया की आशंका जताने से ग्रामीणों में चिंता, स्वास्थ्य विभाग ने गांव में चलाया फॉगिंग अभियान
माही की गूंज भामल/खवासा।
थांदला जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत भामल में इन दिनों वायरल फीवर के साथ हाथ-पैर और जोड़ों में दर्द की शिकायतें सामने आने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। गांव के तेजाजी मोहल्ले से पटेल मोहल्ले तक आदि जगह मे कई लोग बुखार एवं शरीर में दर्द की समस्या से परेशान हैं। ऐसे में कुछ ग्रामीण निजी चिकित्सकों के पास उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जहां निजी लैब की जांच रिपोर्ट के आधार पर कहीं डेंगू तो कहीं मलेरिया की आशंका जताई जा रही है। इससे ग्रामीणों में बीमारी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
निजी जांच रिपोर्ट से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता
ग्रामीण लक्ष्मण देवड़ा जितेंद्र चावड़ा मांगूसिंग जादव आदि के अनुसार, बुखार के साथ हाथ-पैर और जोड़ों में दर्द की शिकायत होने पर कई लोग खवासा निजी चिकित्सकों एवं निजी लैब का सहारा ले रहे हैं। कुछ मरीजों को जांच के बाद डेंगू अथवा मलेरिया होने की आशंका बताई जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के डीएचओ जितिन भार्गव व प्रेम डेनियर का कहना है, कि केवल प्लेटलेट्स की संख्या कम होने के आधार पर डेंगू की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अधिकृत जांच आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है। कि निजी लैब में डेंगू बताए जाने से संबंधित मामलों की जांच की जाएगी, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
ग्रामीणों द्वारा डीएचओ को दी गईं सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की कार्रवाई
गांव में बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों को लेकर ग्रामीणों ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) जितीन भार्गव को सूचना दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए भामल में मलेरिया रोधी फॉगिंग अभियान चलाया। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग का अमला पूरे दिन गांव में सक्रिय रहा और विभिन्न स्थानों पर फॉगिंग मशीन के माध्यम से मच्छरों को नियंत्रित करने वाली दवा का छिड़काव किया गया।
इस अभियान का उद्देश्य गांव में मच्छरों के प्रजनन एवं प्रकोप को कम करना तथा मच्छरजनित बीमारियों के खतरे पर अंकुश लगाने के प्रयास करना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव के विभिन्न क्षेत्रों में छिड़काव कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह भी दी गई।
बीमारी की वास्तविक स्थिति सामने आना जरूरी
भामल में बुखार और शरीर के जोड़ों में दर्द की शिकायतों के बीच ग्रामीणों की मांग है, कि स्वास्थ्य विभाग प्रभावित लोगों की उचित जांच करवाकर बीमारी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे। साथ ही गांव में नियमित स्वास्थ्य निगरानी, आवश्यक जांच और बचाव संबंधी उपायों पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि किसी भी संभावित बीमारी को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
फिलहाल ग्रामीणों को सावधानी बरतने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लेने की आवश्यकता है। ग्रामीणों को उम्मीद है, कि स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से स्थिति स्पष्ट होगी और गांव में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।


