Friday, 31 ,July 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

चोरों ने किया चोरी करने का प्रयास हुए नाकाम | श्री सांवरिया सेठ पैदल पालकी यात्रा का भव्य समापन | तारखेड़ी से लौट रहे युवक के साथ हुई लूट की वारदात, जांच में जुटी पुलिस | रातों रात गायब हुआ चालीस बाय चालीस का टीन शेड | इंद्रदेव को खुश करने के लिए मनाई उज्जैयिनी | रोहित हत्याकांड के 21 दिन बाद भी कानून का इंसाफ अधूरा | दस वर्ष के लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता, खनिज निरीक्षक के पद पर हुए चयनित | कनेक्शन काटने के नाम पर रिश्वत की मांग, शिकायत हुई तो फर्जी हस्ताक्षर कर लगा दिया आवेदन | सभी ग्राम पंचायत मे हुए ट्रांसफर तो परवाड़ा ग्राम पंचायत के सचिव का क्यों नहीं हुआ ट्रांसफर...! | संभागायुक्त ने किया कलेक्टर, जिला पंचायत, जोबट एसडीएम एवं तहसील कार्यालयों का निरीक्षण | अंतर-जिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश | अनियंत्रित होकर पलटा ट्रक, बड़ा हादसा टला | हत्या या आत्महत्या... | कुएं से मिला देवर-भाभी का शव, दो दिन से थे लापता | 19 लाख की चोरी की घटना में पुलिस को मिली सफलता | अनाज व्यापारी की दुकान से दिन दहाड़े हुई लूट, सीसीटीवी कैमरे में कैद वारदात | 400 फीट खनन के बाद भी नहीं निकला पानी, बारहमासी जल के लिए उसी जगह फिर मशीन लगाकर करेंगे खनन | पुरषोत्तम मास में गौदान करने से वैकुंठ की प्राप्ति होती है- आचार्य शास्त्री | विकास से पहले विनाश…!! | पाटीदार समाज ने किया मुक्तिधाम का सौंदर्यीकरण |

खरीफ में पैदा होने वाली फसले अब रबी में भी
18, Feb 2024 2 years ago

image

माही की गूंज, आम्बुआ।

           देश में हो या प्रदेशों में मौसम के अनुसार फसले पैदा की जाती रही है। इन्हीं में खरीफ तथा रबी की फसले पैदा की जाती रही बे मौसम फसले नहीं बोई जाती थी और ना ही बे पैदा होती थी मगर देखा जा रहा है कि, विगत कुछ वर्षों से बे  मौसमी फसलों का चलन बढ़ता जा रहा है तथा वह अन्य मौसम में अपनी वास्तिक मौसम के उत्पादन से भी अधिक उत्पादन दे रही हो तो आश्चर्य तो होगा ही...?

         जैसा कि विदित है कि खरीफ के मौसम की फसलों में मक्का, तिल्ली, बाजरा, मूंग तथा ज्वार बाजरा एवं मूंगफली कुछ तेजी ऐसी फसले है जो कि खरीफ में भी भरपूर पैदावार देती है। उसी तरह रबी के मौसमी फसलों में गेहूं, चना, मटर, सरसों, राय, सूरजमुखी आदि प्रमुख है। जो कि रबी में बोने पर अधिक उत्पादन देती है रबी की फसले वर्षाकाल यानि की खरीफ के मौसम में नहीं बोई जाती है। क्योंकि ये अधिक पानी तथा धूप नहीं मिल पाने के कारण खराब हो जाती है इसलिए कृषक इन्हें खरीफ की फसलों में नहीं बोते हैं।

           मगर देखा जा रहा कि खरीफ की प्रमुख फसले मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंगफली, मूंग तथा तिल्ली गर्मी के मौसम यानी की शीत तथा गर्मी के मौसम में जिन्हें रबी का मौसम कहा जाता है में बोने का चलन बदला जा रहा है तथा उत्पादन भी खरीफ की फसल से अधिक होता देखा जा रहा है। कृषक कलम सिंह कनेश (भोरदू), राजू पटेल (वड़ी), डूंगरसिंह (कुण्ड), नारायण सिंह चौहान (अडवाड़ा), नादान सिंह रावत (ईटारा), विक्रम सिंह रावत (देकालकुआ) जगत सिंह (आम्बी) अमरसिंह डुडवे (मोटाउमर), रमेश बघेल (झौरा), रूमसिंह भूरिया (चिचलाना) आदि ने बताया कि गर्मी में इन फसलों को इसलिए पैदा किया जाता है कि इनमें कीट पतंगे तथा अन्य प्रकार की बीमारियां ठंड तथा गर्मी के कारण नहीं होती है। हालांकि सिंचाई की व्यवस्था करना पड़ती है गेहूं की फसल से कम सिंचाई में यह फसले हो जाती है। इसलिए खरीफ की मक्का, मूंगफली, तिल्ली, मूंग, ज्वार, बाजार रबी में बो कर अधिक आय प्राप्त की जा रही है।



माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |