चौकी पर पुलिस ले गई वाहन
दुर्घटना स्थल पर चिलम! पुलिस के लिए जांच का विषय
माही की गूंज, खवासा
यह सही है कि, कोई भी व्यक्ति या चालक किसी भी दुर्घटना को जानबूझकर अंजाम नहीं देता है, लेकिन ज़रा सी चालक की चूक बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकती है।
कुछ ऐसा ही मामला खवासा में एक गाड़ी चालक की कोई क्षणिक चूक के चलते बड़ी दुर्घटना को अंजाम दिया, जिसमें तीन लोगों के जख्मी होने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि, दुर्घटना को अंजाम देने वाला चार पहिया वाहन क्रमांक एमपी 09 जेड सी 5550 भाजपा अजजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व थांदला पूर्व विधायक कलसिंग भाभर का है। कलसिंग भाभर खवासा पंचायत में आयोजित प्रस्पूटन समिति के किसी आयोजन में अतिथि के रूप में सम्मिलित होने आए थे। कलसिंग भाभर को उनका वाहन ग्राम पंचायत में छोड़ चालक वाहन को लेकर खवासा बस स्टैंड की ओर जा रहा था कि, पंचायत से 200–300 मीटर की दूरी पर ही चालक ने न जाने कौन सी चूक के चलते उसने दुर्घटना को अंजाम दे दिया।
घटना करीब डेढ़ बजे की है। बताया जा रहा है कि, उक्त दुर्घटना बामनिया मार्ग पर कब्रिस्तान के आगे रखी गुमटियों को टक्कर मारने के साथ हुई है। कलसिंग भाभर की गाड़ी का चालक पंचायत से बस स्टैंड की ओर आ रहा था कि, कब्रिस्तान के आगे गोपाल चंद्रावत का पलंग गुमटी, उसके बाद वीरसिंग चरपोटा की एक टिन गुमटी, बिजली का खंभा आदि को टक्कर मारते हुए गुमटी के चद्दर के साथ बद्री डिंडोर की चाय की एक गुमटी, जिसके आगे लोहे का एक भारी-भरकम चाय का स्टॉल था, उसको भी क्षतिग्रस्त कर चाय की गुमटी में घुस गया।
उसी दौरान चाय की गुमटी में तीन-तीन के ग्रुप में अलग-अलग व्यक्ति बैठे थे। तीन व्यक्ति प्रकाश कटारा, प्रिंस सिंगार निवासी खवासा व शिवम भाभर निवासी भामल उक्त दुर्घटना में जख्मी हुए हैं। वहीं तीन व्यक्ति जो थोड़ी दूर बैठे थे उनमें खवासा उपसरपंच सहित अन्य थे, वे दुर्घटना में जख्मी होने से बाल-बाल बचे।
उक्त दुर्घटना को इतनी खतरनाक बताई जा रही है कि, अगर गोपाल चंद्रावत, वीरसिंग चरपोटा व बद्री डिंडोर का भारी-भरकम चाय का स्टॉल व बिजली का खम्बा नहीं होता, तो अतिक्रमण में लगी इस चाय की गुमटी में जितने भी लोग बैठे थे, उनको उक्त चालक मौत के घाट उतारते हुए पास में डामर फोटो स्टूडियो की गुमटी तक में घुस जाता। लोगों का कहना है कि, यह तो ऊपर वाले की कृपा है कि उक्त दुर्घटना में किसी की मौत नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि, वाहन के साथ जो चद्दर टक्कर मारते हुए साथ ले गया वह उक्त तीनों की पीठ में घुसे हैं। जिसमें प्रकाश कटारा अधिक जख्मी हुआ है। खैर, इसमें कलसिंग भाभर की कोई गलती है यह कहा नही जा सकता है, लेकिन चालक की जरूर कोई क्षणिक गलती हुई है, जिससे उक्त बड़ी दुर्घटना घटित हुई है।
चालक के साथ हुई पंचायती श्री भाभर व अन्य ने आकर बचाया।
चालक की हुई पंचायती
खैर, घुस्साई भीड़ ने चालक समसू पिता लिमजी भाभर के साथ दो-दो हाथ जरूर किए। वहीं दुर्घटना की जानकारी जब कलसिंग भाभर को लगी तो वे भी मौके पर आ गए। तथा कलसिंग भाभर व कुछ लोगों ने भीड़ से चालक को छुड़वाया। इतने में खवासा पुलिस मौके पर आई और चालक व कलसिंग भाभर के वाहन को मौके से ले जाया गया। वहीं घायलों को पेटलावद ले जाया गया है और कलसिंग भाभर भी घायलों को देखने हेतु पेटलावद पहुंचे हैं।
चिलम बनी चर्चा का विषय
दुर्घटना स्थल पर चिलम देखी गई, उसको लेकर कई चर्चा होने लगी। एक चर्चा यह कि कलसिंग भाभर की गाड़ी का चालक समसू , भगत है शराब नहीं पीता है लेकिन वह गांजा का सेवन करता है उसी की यह चिलम है चर्चा चली। वही उक्त चिलम के अलावा भी वहां अन्य चिलम भी देखी गई। लेकिन जब चिलम की चर्चा होने के बाद हमारा एक पत्रकार साथी मौके पर गया, तो वहां एक ही चिलम देखने को मिली। और मौके पर यही कहा गया कि यह वाहन को दुर्घटना को अंजाम देने वाले चालक की है।
वहीं यह भी चर्चा चल रही है कि, खवासा में कई लोग गांजा पीते हैं, जिसकी जानकारी पुलिस को भी है। और जो गांजा पीते हैं, उनमें से कुछ लोग कब्रिस्तान के आगे अतिक्रमण में रखी इन गुमटियों के आसपास चिलम छुपा देते हैं। वे चिलमें दुर्घटना के बाद सामने आई हैं। अब यह चिलम की चर्चा भी पुलिस के लिए एक जांच का विषय बन गया है। पुलिस इस चर्चा को किस गंभीरता से लेती है, यह तो वो ही जाने।
यह चिलम बनी चर्चा का विषय!


