Sunday, 31 ,May 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

पाटीदार समाज ने किया मुक्तिधाम का सौंदर्यीकरण | मां भद्रकाली माताजी मंदिर पर संपन्न हुई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक | अब स्वच्छता सर्वेक्षण में नगरपालिका की वाल पेंटिंग से पार पाने की फिसड्डी कवायद | जिला अभी भी उम्मीदो के सहारे टिका है, देखना है कलेक्टर श्री भरसट किस किनारे जा कर बैठते है | राजनीति में हिम्मत... और हिम्मत की राजनीति... | माही की गूंजः खबर का असर | सप्ताह में दो दिन मुख्यालय पर तो एक दिन रात्रि विश्राम के कलेक्टर के आदेश पर पटवारियों में हलचल...? | जिले के हर कस्बे में चल रहे फर्जी आरओ वाटर प्लांट या फिर वाटर चिलर...? पेयजल गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं | वाह रे... सिस्टम जिंदा को मृत बताया... | संदिग्ध हालत में मिला युवक का शव, हत्या की आशंका | जन्मदिवस पर वर्षितप आराधकों को करवाये पारणें | जल जीवन जल मिशन में बनी पानी की टंकी में पानी ही नहीं पहुंचा | मासूम की हत्या और महिला पर जानलेवा हमले के एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली | नगरपालिका ने खुद अतिक्रमण कर लाखों में बैच दी 52 गुमटियां | विडंबनाः झाबुआ जिले की भूमि पर बन रहा डेम, झाबुआ जिले की भूमि से ही काली मिट्टी ले जाकर किया जा रहा कार्य | आर्थिक संकट की आहट... या नाकामियों पर देशभक्ति का घूंघट...? | लवेश स्वर्णकार पर मामला दर्ज, सहमति के साथ शारीरिक संबंध या दुष्कर्म....? | अवैध रेत के व्यापार पर निरंकुश हुआ विभाग ओर प्रशासन | डॉ. शिव दयाल सिंह की जगह जिले के नए पुलिस कप्तान होंगे देवेंद्र पाटीदार | स्थाई समाधान नहींः अतिक्रमण के नाम पर नगरपालिका का हर बार एक नया ढकोसला |

जहॉ-जहॉ भगवान श्री कृष्ण के पांव पड़े वहॉ-वहॉ तीर्थ क्षेत्र होगा विकसित
Report By: विक्रमसिंह राठौर 23, Dec 2023 2 years ago

image

माही की गूंज, अमझेरा।

        मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा विधानसभा में दिये गये वकतव्य के दौरान बताया गया कि, जहॉ-जहॉ भगवान श्री कृष्ण के पॉंव पड़े है उन्है तीर्थ रूप में विकसीत किया जाएगा। जिसमे उन्हौने उज्जैन, जानापाव सहीत अमझेरा का भी नाम लिया। जिसके बाद अमझेरा क्षेत्र में लोगो में भी हर्ष व्याप्त हो गया तथा सोशल मिडीया के माध्यम से सभी के द्वारा एक-दुसरे को बधाई देते हुए उनके विडीयो को बहुप्रसारित किया गया। 

         द्वापरयुग में भगवान श्री कृष्ण ने अमझेरा स्थित अमका-झमका माता मंदिर से रूखमणीजी का हरण किया था तथा हरण के पश्चात उन्हे द्वारिका लेकर गये थे। इस दौरान रूखमणीजी के भाई रूखमी ने भगवान श्री कृष्ण से युद्ध किया था तथा भगवान श्री कृष्ण ने उन्हे परास्त कर दिया था। आज भी दुर-दुर से तथा कई राज्यो से दर्शनार्थी अमझेरा  रूखमणी हरण स्थली देखने लिए एवं माता का पूजन करने लिए पहुंचते है। यहॉ के समाजसेवी मन्नालाल शर्मा ने बताया कि विदर्भ के राजा शिशुपाल से जब रूखमणीजी का विवाह तय हो गया तब रूखमणीजी को कुंदनपुर (अमझेरा का प्राचिन नाम) के इसी अंबिकालय से भगवान श्री कृष्ण हरण कर द्वारिका ले गये जिसका उल्लेख ग्रंथो में भी मिलता है। मुख्यमंत्री के कहे अनुसार यहॉ तीर्थ क्षेत्र विकसीत होता है तो निष्चित ही सभी के लिए गौरव की बात है। यहॉ शासन स्तर पर तीर्थ के सौंदर्यीकरण के लिए लाखो रू. के कार्य कराये गये। जिसमें छोटे-बड़े डेम व पत्थर की पाल बनाने के कार्य सम्मिलीत है लेकिन दोनो ही डेम क्षतिग्रस्त हो गये है। जिससे यहॉ गर्मी के दिनों में पानी की परेशानी रहती तथा डेम का पानी पुरी तरह से खाली होकर सुख जाते है। जिससे यहॉ की सुंदरता गायब हो जाती है। साथ ही मंदिर सुरक्षा के साथ यहॉ आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटको के लिए सुविधाए बढ़ाने की महती आवष्यकता है।



माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |