Saturday, 04 ,July 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

अनियंत्रित होकर पलटा ट्रक, बड़ा हादसा टला | हत्या या आत्महत्या... | कुएं से मिला देवर-भाभी का शव, दो दिन से थे लापता | 19 लाख की चोरी की घटना में पुलिस को मिली सफलता | अनाज व्यापारी की दुकान से दिन दहाड़े हुई लूट, सीसीटीवी कैमरे में कैद वारदात | 400 फीट खनन के बाद भी नहीं निकला पानी, बारहमासी जल के लिए उसी जगह फिर मशीन लगाकर करेंगे खनन | पुरषोत्तम मास में गौदान करने से वैकुंठ की प्राप्ति होती है- आचार्य शास्त्री | विकास से पहले विनाश…!! | पाटीदार समाज ने किया मुक्तिधाम का सौंदर्यीकरण | मां भद्रकाली माताजी मंदिर पर संपन्न हुई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक | अब स्वच्छता सर्वेक्षण में नगरपालिका की वाल पेंटिंग से पार पाने की फिसड्डी कवायद | जिला अभी भी उम्मीदो के सहारे टिका है, देखना है कलेक्टर श्री भरसट किस किनारे जा कर बैठते है | राजनीति में हिम्मत... और हिम्मत की राजनीति... | माही की गूंजः खबर का असर | सप्ताह में दो दिन मुख्यालय पर तो एक दिन रात्रि विश्राम के कलेक्टर के आदेश पर पटवारियों में हलचल...? | जिले के हर कस्बे में चल रहे फर्जी आरओ वाटर प्लांट या फिर वाटर चिलर...? पेयजल गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं | वाह रे... सिस्टम जिंदा को मृत बताया... | संदिग्ध हालत में मिला युवक का शव, हत्या की आशंका | जन्मदिवस पर वर्षितप आराधकों को करवाये पारणें | जल जीवन जल मिशन में बनी पानी की टंकी में पानी ही नहीं पहुंचा |

भीकनगांव का ग्राम बढिया प्रशासन की अनदेखी का शिकार
20, Sep 2020 5 years ago

image

स्कूल, चिकित्सा, सड़क मार्ग आदि की राह आज भी देख रहे ग्रामीणजन 

माही की गूंज, खरगोन 

    भीकनगांव तेहसील की ग्राम पंचायत का ग्राम बढीया का सहेजला मुख्य मार्ग, खरगोन सनावद राजमार्ग से जोड़ने वाली सड़क का निर्माण पीडबल्यूडी ने किया था जो अधूरा पड़ा है, गांव से नाले तक का 300 मीटर रोड बरसात में बह गया, नाले पर पुल का निर्माण भी नहीं हुआ है। उसके बाद आगे जाकर 500 मीटर का कच्चा मार्ग है, जिसका मुद्दा पिछले 35 से 40 साल से लटका हुआ है, इस मार्ग से दोपहिया वाहन तो सुखलाल धनगर की निजी जमीन से निकल जाते है लेकिन चार पहिया वाहन 1 किलोमीटर घूम कर कच्चे रास्ते से निकलते है। गांव चारो तरफ से नालो से घिरा हुआ है, बरसात में गांव के चारो तरफ पानी भर जाता है जिसकी वजह से गांव का संपर्क शहरो व अन्य गाँवों से टूट जाता है। ग्रामीणों ने अपने गांव  की समस्या को प्रशासन तक पंहुचाने के लिए कलेक्टर को भी ज्ञापन दिया था लेकिन उसका निराकरण आज भी नहीं हुआ। 

    गांव की मुख्य आबादी कृषि कार्य करती है और अपनी फसलों को मंडी में ले जाने के लिए इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है जिससे आए दिन ट्राली पलट जाती है या धस जाती है।

    पिछले साल मनोज यादव को करंट लगने के बाद 3 घंटे बेहोशी की हालत में गांव में रखना पड़ा था क्योकि ज्यादा बारिश की वजह से गांव के चारो तरफ पानी भर गया था और शहर में अस्पताल तक जाने का कोई रास्ता नहीं था, तब गांव वालो की मदद से 9 किलोमीटर दूर चौंडी गांव से घूमकर खरगोन हॉस्पिटल पहुंचे थे, अभी हाल ही में एक कोरोना मरीज को लेने आई एम्बुलेंस भी मरीज को लिए बिना ही मछलगांव से लौट गई थी और मरीज को 3 दिन बाद ले जया गया। इस मुख्य मार्ग के अलावा भी 4 अन्य मार्ग है वो भी पानी और कीचड़ से भरे रहते है, वहीं स्कूल के छात्रों को भी इसी मार्ग से पैदल जाना पड़ता है। गांव की बदहाली के चलते यहाँ कोई सरकारी या प्राइवेट स्कूल भी नहीं है।





माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |