माही की गूंज, धार/गुजरी।
जिले की ग्राम पंचायत गुजरी के सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में अभिभावक बैठक का शुभारंभ अभिभावक माताओ द्वारा मां सरस्वती प्रणव अक्षर ओम एवं भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलित कर उनकी आराधना के बाद शुभ शुभारंभ किया गया। इसी के पश्चात अभिभावकगण अपने बच्चो के साथ उनकी कक्षा कक्ष में पहुंचे।
भैया-बहनों की कक्षा आचार्य द्वारा अभिभावकगण से अर्धवार्षिक मूल्यांकन, उनकी गतिविधि, उपस्थित गृह कार्य के विषय में चर्चा की एवं आगामी आने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी गई। अंत में आचार्य परिवार द्वारा अभिभावको से उनकी समस्या एवं सुझाव पूछे गए, जिसे कार्यालय द्वारा प्रदान किए गए जानकारी पत्रक में अंकित किया गया। वहीं प्रत्येक कक्षा में प्रवर श्रेणी में उत्तीर्ण हुए भैया-बहन के नाम श्यामपट्ट पर लिखे गए साथ ही उनके प्रतिशत भी अंकित किया गए। अभिभावको ने अपने भैया-बहन के साथ श्यामपट्ट का अवलोकन किया एवं उसके समक्ष अपनी फोटो भी खिंचवाई।
विद्यालय परिसर में भैया-बहनों द्वारा अपने हाथों से बनाएं ड्राइंग चार्ट, साइंस मॉडल एवं मिट्टी से बने सामान की प्रदर्शनी लगाई गई। जिसे भी अभिभावकगण द्वारा खूब सराहा गया। प्रधानाचार्य द्वारा प्रत्येक कक्षा का निरीक्षण समय-समय पर किया गया एवं कुछ अभिभावकों से उन्होंने स्वयं चर्चा भी की।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अखिलेश तिवारी द्वारा अभिभावक बैठक के विषय में विस्तृत रूप में बताया गया कि, वैसे तो अभिभावक बैठक प्रतिमाह होती है परंत यह बैठक वृहद है जिसमें सभी कक्षाओं के अभिभावकों को एक ही दिवस में एक ही समय पर आमंत्रित किया गया है। प्रधानाचार्य द्वारा बताया गया कि, भैया-बहनों की प्रतिमाह की गतिविधियां उनकी उपस्थिति उनके क्रियाकलाप एवं शिक्षण संबंधि चर्चाएं अभिभावकों से इस बैठक में की जाती है। साथ ही पिछले दिनों विद्यालय द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं का महाकुंभ 5 दीनी खेलकूद महोत्सव समाप्त हुआ है जिसमें भैया-बहनों ने अलग-अलग प्रतियोगिता में भाग लिया एवं चित्रकला प्रतियोगिता में ड्राइंग शीट पर अपनी भावनाओं को अपने हाथों से उकेरा है। कुछ भैया-बहनों ने साइंस के मॉडल निर्माण किए हैं, कुछ भैया बहनों ने मिट्टी के खिलौने देवी देवता का निमार्ण किया है, इन सभी की प्रदर्शनी विद्यालय द्वारा अभिभावकों के लिए लगाई गई है। ताकि वे अपने बच्चों की प्रतिभाओं को देख सकें। अभिभावको हेतु जल पान की व्यवस्था भी विद्यालय द्वारा उपलब्ध रही।

