Friday, 16 ,October 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

असुविधाओं और वसूली के लिए बदनाम हो चुका हॉस्पिटल, निजी हॉस्पिटलो की पो बारह | जिले में गौ-हत्या का कारण क्षेत्रवासियों का खुला और मौन समर्थन या स्वीकृति तो नहीं...? | चार साल पहले उप स्वास्थ्य केंद्र का मरम्मत कार्य अपनी बदहाली के आसु बहा रहा भवन | 12 लाख से अधिक की लागत से बना शासकीय उचित मूल्य दुकान का गोदाम अब भी अधूरा | क्या झाबुआ जिले की जनता तीसरे विकल्प की तलाश में है...? | 482 छात्राओं की नेत्र जांच, 16 बेटियों की शिक्षा का जिम्मा | मेंटेनेंस के नाम पर लंबी बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान | सेवा सकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम सम्पन्न | जर्जर भवन में संचालित हो रही ग्राम पंचायत | गांधी जयंती पर विशेष ग्राम सभा सम्पन्न | गांधी जयंती पर चला वृहद स्वच्छता अभियान | विधायक, ग्रामीणों के साथ कलेक्टर से मिलीं | खुला पड़ा गड्ढा दुर्घटना को दे रहा आमंत्रण | जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया शुरू | अनंत चतुर्दशी पर गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’, जुलूस के साथ हुआ गणेश प्रतिमा का विसर्जन...!! | मूलभूत सुविधाओं से वंचित शासकीय स्कूले | नवरात्रि पर्व को लेकर रोग्या देवी मंदिर पर समिति का गठन, अध्यक्ष व कोषाध्यक्ष का किया चयन | अनाथ बच्चों की मदद को आगे आए जनप्रतिनिधि | धूमधाम से मनाया गया ईद-ए-मिलाद-उन-नबी | प्रशासनिक फेरबदल एसडीएम तनुश्री मीणा को बालाघाट सीईओ की कमान |

मनुष्य का जीवन हमेशा सत कार्य में लगा होना चाहिए- प. कमलेश नागर
01, Jan 2022 4 years ago

image

रामदेव वाटीका में भागवत कथा का हुआ समापन

माही की गूंज, अलीराजपुर।

           प्रण् पाचात्य संस्कृति ने धर्म को तोड़ दिया जैसी होगी दृष्टि वैसी होगी सृष्टि। ऋण तीन प्रकार के होते है पहला ऋण माता-पिता का, दुसरा ऋण ऋषीयों का, तीसरा ऋण देव का। मनुष्य का जीवन हमेशा सत कार्य में लगा होना चाहिए। श्रीमद भागवत में 12 स्कन्ध और 18 हजार श्लोक है। मुस्कुन्द महाराज नृसिंह मेहता बने। मुक्ति से बड़ी वस्तु भक्ती है। भक्ती करोगे तो भगवान भक्त के पास स्वयं आते है। मुक्ति भगवान के हाथ में है। हमेशा दुखीयों की सेवा करों। जीवन में तीन चिज का बहुत महत्व है राग-अनुराग व वैराग्य। राग का मतलब प्रेम अनुराग का मतलब आशु आना।

            उपरोक्त विचार रामदेव वाटीका समाधी स्थल पर चल रही भागवत कथा के छठे दिन कथावाचक पूज्य पण्डित कमलेश जी नागर नानपुर वाले ने व्यक्त किये। कथा के प्रारम्भ में आयोजक परिवार किशनलाल गणपत राठौड़, लाला बाई राठौड़, तरूण, टींकू, शितल राठौड़, गुडवाडा परिवार एवं धरावरिया परिवार के सदस्यों ने व्यासपीठ का पूजन किया। शुक्रवार को पाण्डाल में कृष्ण रूखमणी विवाह सम्पन्न हुआ। गरबारास करते हुवें व नृत्य करते हुवें श्रद्धालुगण भगवान कृष्ण व रूखमणी को मंच पर लाये जहां पर माला पहनाकर विवाह सम्पन्न हुआ। यश राठौड़ ने कृष्ण भगवान का रूप धारण किया व भूमिका राठौड़ रूखमणी बनी।

              पण्डित नागर ने राजा परीक्षित की  सुनाई। कृष्ण-सुदामा मिलन का का सुंदर वणर्न करते हुवें उन्होंने कहा कि, जैसे ही सुदामा दरवाजे पर पहुंचे भगवान कृष्ण दौडे़-दौडे़ दरवाजे पर गये। और सुदामा की अगवानी कर उनके पैर धोकर व चरण की पूजा की। सुदामा का आलिंगन कर खूब रोये। आज भागवत कथा में राठौड़ समाज के अध्यक्ष किशनलाल राठौड़ व समाज सेवी जानकीवल्लभ कोठारी भी उपस्थित रहे कायर्क्रम का संचालन कमल राठौड़ ने किया। 

              मीडिया प्रभारी कृष्णकान्त बेडिया ने बताया कि, आज शनिवार को भागवत कथ का समापन हुआ। पण्डित नागर प्रतिवर्ष तीर्थ क्षत्रों 108 ब्राहमणों के साथ भागवत कथा करेंगे जिसकी शुरूआत नेमीशरण तीर्थ से होगी। आज कथा में भारी संख्या में महिला व पुरूष उपस्थित थे। अन्त में तरूण राठौड़ ने सभी का आभार माना।




माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |