Wednesday, 27 ,May 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

माही की गूंजः खबर का असर | सप्ताह में दो दिन मुख्यालय पर तो एक दिन रात्रि विश्राम के कलेक्टर के आदेश पर पटवारियों में हलचल...? | जिले के हर कस्बे में चल रहे फर्जी आरओ वाटर प्लांट या फिर वाटर चिलर...? पेयजल गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं | वाह रे... सिस्टम जिंदा को मृत बताया... | संदिग्ध हालत में मिला युवक का शव, हत्या की आशंका | जन्मदिवस पर वर्षितप आराधकों को करवाये पारणें | जल जीवन जल मिशन में बनी पानी की टंकी में पानी ही नहीं पहुंचा | मासूम की हत्या और महिला पर जानलेवा हमले के एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली | नगरपालिका ने खुद अतिक्रमण कर लाखों में बैच दी 52 गुमटियां | विडंबनाः झाबुआ जिले की भूमि पर बन रहा डेम, झाबुआ जिले की भूमि से ही काली मिट्टी ले जाकर किया जा रहा कार्य | आर्थिक संकट की आहट... या नाकामियों पर देशभक्ति का घूंघट...? | लवेश स्वर्णकार पर मामला दर्ज, सहमति के साथ शारीरिक संबंध या दुष्कर्म....? | अवैध रेत के व्यापार पर निरंकुश हुआ विभाग ओर प्रशासन | डॉ. शिव दयाल सिंह की जगह जिले के नए पुलिस कप्तान होंगे देवेंद्र पाटीदार | स्थाई समाधान नहींः अतिक्रमण के नाम पर नगरपालिका का हर बार एक नया ढकोसला | 4 हजार से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर भरकर तालाब में से मोरम-मिट्टी खनन होने तक गांधी जी के बंदर की तरह अंधा, गूंगा व बहरा बना हुआ था प्रशासन | नए ठेके शुरू होते ही ठेकेदार की लुट, शराब की बोतल पर लिखी कीमत से अधिक राशि की वसूली | यह कैसा सुशासनः दांत तोड़ दूंगा, और जिंदा गाड दूंगा...? | विपक्ष का संवैधानिक हक है विरोध करना... | 2 दिन से पड़ी मृत गाय कोई सुध लेने वाला नहीं |

आचार्य दयासागर का निधन
30, Dec 2024 1 year ago

image

माही की गूंज, थांदला। 

          महर्षि दयानंद सेवाश्रम में पिछले 25 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे आचार्य दयासागर का आज सोमवार सुबह निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही पूरे नगर में शोक की लहर छा गई।आचार्य दयासागर मूल रूप से झारखंड के निवासी थे। 54 वर्ष के आचार्य पूरी तरह से ऊर्जा से भरे हुए और सकारात्मक विचारधारा के थे। आचार्य ने महर्षि दयानंद सेवा आश्रम की नवीन संस्थान की बुनियाद रखी। इस नवीन संस्थान में अब हजारों बच्चों का भविष्य गढ़ा जाएगा। आचार्य दयासागर ने पूरे जिले में आर्य समाज की आधारशिला को मजबूत किया है। समय-समय पर सामाजिक कार्यक्रम चलाकर समाज को कूव्यसनों से दूर रखकर जीवन जीने की सही कला बतलाई। आचार्य दयासागर का छोटे बच्चों के प्रति विशेष ध्यान था। वह जितने अनुशासन को लेकर सजग थे। उतने ही विद्यार्थियों और आश्रम की समस्याओं को लेकर संवेदनशील भी थे।महर्षि दयानंद सेवाश्रम के नवीन शैक्षणिक भवन की आधारशिला आचार्य ने रखी। नवीन भवन में होने वाली शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर उनमें काफी उत्साह था। भवन के बनने के बाद भले ही शरीर तत्व में आचार्य अपने विद्यार्थियों, सहयोगियों के साथ नहीं है। लेकिन आत्मिक रूप से आचार्य की विचारधारा, उनका अनुशासन, प्रेम निश्चित ही भवन की एक-एक ईंट में रच-बस गया है। आचार्य की अंतिम यात्रा सोमवार दोपहर 2 बजे महर्षि दयानंद सेवा श्रम से नगर के विभिन्न मार्गो में दर्शनार्थ लाई गई। जिसके बाद आचार्य का अंतिम संस्कार महर्षि दयानंद से आश्रम में आर्य समाज के संस्कारों के साथ किया गया।


माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |