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मनमाड़-इंदौर रेल लाइन के सम्बंध में राज्यसभा सांसद डॉ. सोलंकी ने रेल मंत्री से की मुलाकात
11, Feb 2022 4 years ago

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माही की गूंज, बड़वानी।

        राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने रेल मंत्रालय नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंटकर नवीन रेलवे मार्ग परियोजना मनमाड-इंदौर जो कि 105 वर्षो से प्रस्तावित है, को तत्काल मंजूरी देकर पूरी परियोजना पर एक साथ काम शुरू करने हेतु आग्रह किया।

        रेल मंत्री से मुलाकात के दौरान राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने बताया कि, में जिस क्षेत्र से आता हूँ वह सम्पूर्ण क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य जिलों से घिरा हुआ है। जहां आज तक किसी ने रेल नही देखी।

        उक्त रेल मार्ग का सर्वे मई 2017 में पूर्ण कर अंतिम सर्वे रिपोर्ट सहित डीपीआर तैयार हो चुकी है, इस प्रस्तावित परियोजना को लेकर वित्तीय प्रबन्ध शत प्रतिशत राशि अन्य मदो से जिसमे जवाहर पोर्ट (जे.एन.पी.टी) द्वारा 55% राशि, जहाजरानी मंत्रालय द्वारा 15% राशि , मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 15% राशि तथा महाराष्ट्र सरकार द्वारा 15% राशि मंजूर की जा चुकी है। इस तरह इस परियोजना को लेकर रेलवे को अपनी 01% राशि भी खर्च नही करनी है। इस परियोजना को लेकर केंद्र सरकार, मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र राज्य शासन द्वारा एम.ओ.यू भी पारित हो चुका है। इसका कार्य डीपीआर एसवीपीएस कम्पनी स्पेशल व्हीकल के द्वारा पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है।

        इस तरह इस परियोजना को पूरा करने हेतु कार्यवाही चल रही है इसी बीच पश्चिम रेलवे द्वारा मात्र चार पुलिया ओं का टेंडर निकाला जा चुका है उक्त परियोजना को पूरा करने हेतु पश्चिम रेलवे द्वारा 492.76 करोड़ की राशि 30 जनवरी 2018 को स्वीकृत कर टेंडर निकाला गया था जबकि पूरी परियोजना का टेंडर निकाला जाना चाहिए था। क्योंकि उक्त परियोजना को लेकर पूरी राशि अन्य मदो से दी जा रही है। उसके  बावजूद अंतरिम बजट 2019-20 में 4983.19 करोड़ रु का बजट क्यों मंजूर किया गया जबकि पूर्ण राशि अन्य मदो से पहले ही स्वीकृत हो चुकी है। एक ही परियोजना के लिए दो अलग-अलग मदो से राशि स्वीकृत करने के बावजूद भी इस परियोजना का पूर्ण कार्य प्रारंभ क्यों नही हो सका है।

        इस रेल मार्ग के शुरू होने से निमाड़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आदिवासी भाई-बहनों के भाग्य को बदला जा सकता है तथा मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र क्षेत्र के विकास के साथ-साथ देश के लगभग सभी जगह कार्यरत सैनिकों के परिवहन की दूरियों को भी कम किया जा सकता है। इस रेलवे परियोजना के लागू होने से अनेक गाड़ियों की दूरी लगभग 250 से 600 किलोमीटर कम होगी। इसलिए मनमाड़-इंदौर रेलवे मार्ग परियोजना का कार्य शीघ्र से शीघ्र प्रारम्भ किया जाए ताकि उक्त क्षेत्र वासियों को इस परियोजना का लाभ मिल सके।


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