Thursday, 20 ,June 2024
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

अंचल के चंदन का नया सीरियल शुरू | रातभर चला पुलिस का नाईट कॉम्बिंग ऑपरेशन | जिले में हो रहे अवैध शराब परिवहन को लेकर चूडी और साडी कांग्रेस विधायक नेता प्रतिपक्ष के साथ विधानसभा में सीएम को करेंगी भेंट | जिले मे शराब माफियाओ के आगे बेबस हूई पूलिस, अधिकारीयो के संरक्षण मे होता बेखौफ अवैध शराब का परिवहन | गंगा दशमी के पूर्व सियाराम आश्रम पर संतो का भंडारा | जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बावड़ी की सफाई प्रारंभ | पूज्य पुंज पुण्यशीलाजी महासतियों का नगर में मंगल प्रवेश | पर्यावरण संवर्धन के उद्देश्य से दाऊदी बोहरा कब्रिस्तान में किया पौधारोपण | लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा की विधानसभा समीक्षा बैठक संपन्न | अलग-अलग हुई दुर्घटना में एक की मृत्यु दो जख्मी | आम्बुआ-जोबट तिराहे मार्ग पर बेतरतीब खड़े रहते हैं वाहन | सामने से आ रहे वाहन को बचाने में कोल्ड्रिंक से भरा वाहन पलटा, दुलाखेड़ी-पेटलावद की बीच हुआ हादसा | धमकी देकर अवैध वसुली करने वाले आरोपी को हथियार सहित पुलिस ने 48 घंटे मे किया गिरफ़्तार | मुख्यमंत्री डॉ. यादव मां शिप्रा को चुनरी करेंगे अर्पित | जल गंगा संवर्धन अभियान के अंर्तगत सहभागिता से श्रमदान | भोला भण्डारा परिवार ने कथा वाचक कान्हा कौशिकजी का किया स्वागत | पापा स्कॉर्पियो दिला दो… नहीं मिली तो खाया जहर, इकलौते बेटे की गई जान | हम फाउंडेशन भारत की मातृ शक्ति ने किया पौधरोपण | 60 लीटर अवैध शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार | प्रतिभावान बच्चों को भगवत गीता और पौधे देकर दिया पर्यावरण संरक्षण और संस्कृति से जुड़ने का संदेश |

जोड़-तोड़ करने वाले सरकारी डॉक्टर ने निजी अस्पताल संचालक से मिलकर दिखाई अपनी कारस्तानी, सर्व सुविधायुक्त महाजन अस्पताल से कोरोना सेन्टर हटाने से बढ़ी नाराजगी
Report By: राकेश साहु 21, May 2020 4 years ago

image

बैंक के प्रशिक्षण भवन में हैं सुविधाओ का अभाव

माही की गूंज, धार

कोरोना की इस महामारी  में प्रशासन भी मरीजों के साथ मजाक कर रहा है, तभी तो विगत दिनों शहर के सर्वसुविधायुक्त महाजन अस्पताल में बनाए गए कोरोना सेंटर से मरीज़ों को हटाकर मांडव रोड डीआरपी लाइन स्थित बैंक ऑफ इंडिया के प्रशिक्षण केंद्र के भवन में स्थानान्तरित कर दिया गया है। जिले में कोरोना संकट प्रारंभ होने के समय से ही महाजन अस्पताल को सेंटर बनाया गया, तथा इसमें कोरोना पॉजिटिव मरीजों को रखा गया था। यहां से अनेकों मरीज स्वस्थ होकर अपने घर पहुंच भी गए, जिनकी फोटो अखबारों में छपवाकर स्वाथ्य महकमे और जनप्रतिनिधियों ने खूब वाहवाही भी लूटी थी, लेकिन ऐसी क्या मजबूरी आ गई कि, अब विगत दिवस महाजन अस्पताल से इस सेंटर को हटाकर मांडव रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया के प्रशिक्षण केंद्र में स्थानांतरित कर दिया है। इस भवन में ना तो किसी भी प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं हैं, ना ही कोई कुशल चिकित्सक स्टाफ है। ऐसे में इस अदूरदर्शीपूर्ण निर्णय को लेकर चौतरफा सवाल उठ रहे हैं। जन चर्चा है कि, अस्पताल संचालकों की आपसी प्रतिस्पर्धा व सांठ-गांठ के चलते राजनैतिक दबाव में इस सेंटर को शिफ्ट किया गया है। आमजनों ने सेंटर को पुनः महाजन अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की है, जिससे कि मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ ना हो सके।


नया सेंटर का भवन समस्याओ से ग्रस्त

बैंक ऑफ इंडिया के मांडव रोड स्थित प्रशिक्षण केंद्र के भवन में किसी भी प्रकार के चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं है, जो कि महाजन सेंटर में थीं। यदि किसी कोरोना पॉजिटिव मरीज की अचानक तबीयत खराब हो जाए तो ऐसे में उसको चिकित्सक की एवं वेंटिलेटर की जरूरत पड़ेगी। जब तक मरीज को महाजन अस्पताल या शहर के किसी अन्य अस्पताल या सरकारी अस्पताल में ले जाएंगे तब तक मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देगा। ऐसे में यहां भर्ती मरीजों के साथ क्रूर मजाक किया गया है। वहीं अस्पताल प्रशासन इसको सामान्य प्रोटोकॉल की प्रक्रिया बता रहा है।


पाटीदार हॉस्पिटल से भी हटाया सेंटर

इधर पाटीदार अस्पताल से भी कोरोना मरीजों के लिए बनाए गए आइसोलेशन सेंटर को भी धरावरा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास के भवन में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां भी सुविधाएं ना के बराबर है, औऱ यहाँ के  क्वारंटाइन व्यक्तियो को ऐसी भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


शिफ्ट के पीछे की कहानी

महाजन अस्पताल में कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ों के इलाज हेतु सेंटर बनाए जाने से सामान्य मरीजों की भर्ती और ओपीडी चालू नहीं हो पा रही थी। ऐसे में इन निजी अस्पतालों के संचालको की कमाई रुकी हुई थी। इस कारण से इन्होंने येन केन प्रकारेण अस्पताल प्रशासन से साँठ-गाँठ कर अपने यहां से सेंटर को हटवा दिया। कोराना सेंटर बनाए जाने के पहले दिन से ही इन निजी अस्पतालों के संचालक सेंटर बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे, और लगातार सेंटर को हटाने के लिए हाथ पैर मार रहे थे। 

       सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकारी जिला अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर जो कि, हमेशा जोड़-तोड़ में माहिर है तथा दलाली का काम ही करता है। उसकी इन सेंटरों को हटवाने में मध्यस्थता है। आमजनों ने कोरोना संकट को देखते हुए इन्हीं सुविधायुक्त निजी अस्पतालों को मरीजो की जानमाल की रक्षा के लिए पुनः सेंटर बनाए जाने की मांग की है।






माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |