Sunday, 14 ,June 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

पुरषोत्तम मास में गौदान करने से वैकुंठ की प्राप्ति होती है- आचार्य शास्त्री | विकास से पहले विनाश…!! | पाटीदार समाज ने किया मुक्तिधाम का सौंदर्यीकरण | मां भद्रकाली माताजी मंदिर पर संपन्न हुई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक | अब स्वच्छता सर्वेक्षण में नगरपालिका की वाल पेंटिंग से पार पाने की फिसड्डी कवायद | जिला अभी भी उम्मीदो के सहारे टिका है, देखना है कलेक्टर श्री भरसट किस किनारे जा कर बैठते है | राजनीति में हिम्मत... और हिम्मत की राजनीति... | माही की गूंजः खबर का असर | सप्ताह में दो दिन मुख्यालय पर तो एक दिन रात्रि विश्राम के कलेक्टर के आदेश पर पटवारियों में हलचल...? | जिले के हर कस्बे में चल रहे फर्जी आरओ वाटर प्लांट या फिर वाटर चिलर...? पेयजल गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं | वाह रे... सिस्टम जिंदा को मृत बताया... | संदिग्ध हालत में मिला युवक का शव, हत्या की आशंका | जन्मदिवस पर वर्षितप आराधकों को करवाये पारणें | जल जीवन जल मिशन में बनी पानी की टंकी में पानी ही नहीं पहुंचा | मासूम की हत्या और महिला पर जानलेवा हमले के एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली | नगरपालिका ने खुद अतिक्रमण कर लाखों में बैच दी 52 गुमटियां | विडंबनाः झाबुआ जिले की भूमि पर बन रहा डेम, झाबुआ जिले की भूमि से ही काली मिट्टी ले जाकर किया जा रहा कार्य | आर्थिक संकट की आहट... या नाकामियों पर देशभक्ति का घूंघट...? | लवेश स्वर्णकार पर मामला दर्ज, सहमति के साथ शारीरिक संबंध या दुष्कर्म....? | अवैध रेत के व्यापार पर निरंकुश हुआ विभाग ओर प्रशासन |

पीजी कालेज में संघर्ष की प्रेरणापुंज अरुणिमा सिन्हा का किया वीडियो प्रदर्शन
29, Dec 2023 2 years ago

image

माही की गूंज, खरगोन।

        शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खरगोन में आज 29 दिसंबर को प्राचार्य डॉ. आरएस देवड़ा के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण समिति द्वारा छात्राओं को सशक्त होने, लक्ष्य को हासिल करने तथा दृढ़ इच्छा शक्ति हेतु भारत की पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा की आत्मकथा का प्रदर्शन वीडियो के माध्यम से किया गया। अपना एक पैर खोने के बाद भी अगर कोई दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह करने का मन में विचारभर भी लाए तो वो जरूर आम इंसान नहीं होगा। यह कहानी है अरुणिमा सिन्हा की जो एक भारतीय पर्वतारोही हैं। वह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाली दुनिया की पहली दिव्यांग महिला हैं। उन्होंने ये कारनामा 21 मई 2013 को कर दिखाया। उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में जन्मी अरुणिमा वॉलीबाल में राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी भी रह चुकीं हैं। 12 अप्रैल 2011 अरुणिमा ने लखनऊ से दिल्ली के लिए पद्मावती एक्सप्रेस ट्रेन से जा रही थी तब कुछ चोर-लुटेरों ने उनको ट्रेन के जनरल डिब्बे से बाहर फेंक दिया जिसमें उन्होंने अपने पैर खो दिया। इसके बाद भी उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से अपने सपनों को पूरा किया और पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया।

        महिला सशक्तिकरण समिति संयोजक डॉ. ललिता बर्गे ने बताया कि, जिस प्रकार अरुणिमा सिन्हा ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी वैसे ही हमें भी जीवन में कभी निराश नहीं होना चाहिए। ज्ञातव्य है कि महिला सशक्तिकरण समिति द्वारा प्रतिमाह छात्राओं को सशक्त तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम किये जाते है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गणेश पाटिल ने किया तथा आभार डॉ. निशा गर्ग ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ. वंदना बर्वे, डॉ. कमला गौतम, डॉ. गायत्री चौहान, महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |