Saturday, 18 ,April 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

एमपी ब्रेकिंग: झाबुआ कलेक्टर सहित प्रदेश के 21 आईएएस के तबादले, झाबुआ के नए कलेक्टर डॉ योगेश तुकाराम भरसट होंगे | सैयदना साहब के आगमन पर सकल व्यापारी संघ के द्वारा ने बंद का किया आहृवान | जल मंदिर प्याऊ का शुभारंभ, जल गंगा संवर्धन अभियान का आगाज | संशोधनः एकल प्रणाली से टैंडर होने पर आबकारी विभाग को नुकसान बताने वाले माफिया उर्फ शराब ठेकेदार बाकलिया ग्रुप बौखलाया और लगा हर तरह से धमकाने | गेहूं पंजीयन में सर्वर समस्या से किसान परेशान, घंटों इंतजार के बाद भी नहीं हो पा रहे रजिस्ट्रेशन | जूता-चप्पल की दुकान में लगी आग | वालपुर के भगोरिया मेले में हुए क़त्ल के आरोपी गिरफ्तार | 2 को होलिका दहन, 4 को धुलेंडी | वाह रे टीआई अशोक कनेश साहब, आप के अनुसार गांव के आम व्यापारी समझदार नहीं, पर आपकी गजब की समझदारी की भगोरिया हाट में रंग-गुलाल की दुकाने अपनी धोस के साथ बंद करवाएंगे पर अवैध शराब खुलेआम बिकवाएंगे...? | छः वर्षीय इजहान पठान ने रखा रोजा | हज यात्रियों के प्रशिक्षण, टीका-करण व स्वाथ्य परीक्षण हैतु शिविर का आयोजन | लगातार बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता, गेहूं की फसल पर संकट | सात वर्षीय मोहम्मद जीशान ने रखा रोजा | अतिक्रमण मुहिम: ठेले, गाड़िया और छोटी घुमटियों हटाकर प्रशासन ने की लीपापोती | शांति समिति की बैठक सम्पन्न | शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री और विधायक | सुने घर मे चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने मे पलिस को मिली सफलता | शोक का कहरः शादी में 2 बजे बहन की विदाई, 5 बजे भाई का हुआ अंतिम संस्कार | पंचायत ओर पुलिस ने किया अपना काम, राजस्व विभाग निभाए अपनी जिम्मेदारी | देवर की शादी में नाचने व रील बनाने से रोका तो नवविवाहिता ने पति का गला घोट की हत्या |

संगीत के जंगल को महकती बगिया बनाने वाले थे वनराज भाटिया
Report By: पाठक लेखन 08, May 2021 4 years ago

image

-: स्मृति शेष :-
संगीतकार, वनराज भाटिया
जन्म :- 31 मई 1927
निधन :- 7 मई 2021
     आज का संगीत जगत भले ही आज के संगीत कलाकारों व उसके मुरीदों के लिए एक बगिया मालूम पड़ती हो, लेकिन इसे इस स्वरूप में लाने का श्रेय अगर वनराज भाटिया के खाते में जमा किया जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी।
     31 मई 1927 में जन्मे वनराज भाटिया ने संगीत की शिक्षा लंदन के रॉयल एकेडमी ऑफ म्यूजिक से ली थी। साल 1959 में वह भारत लौट आए और फिर उन्होंने यहीं पर काम करना शुरू कर दिया। वनराज ने सबसे पहले विज्ञापनों के जिंगल बनाने शुरू किए। इसके बाद उन्होंने 1972 में श्याम बेनेगल की फिल्म 'अंकुर' का बैकग्राउंड संगीत दिया। इसके बाद उन्होंने श्याम बेनेगल के साथ भूमिका, सरदारी बेगम और हरी-भरी जैसी 16 फिल्मों में काम किया।
     वनराज को वेस्टर्न के साथ ही हिंदुस्तानी संगीत की भी गहरी समझ थी। उन्होंने लगभग 7 हजार विज्ञापनों के जिंगल को म्यूजिक दिया था। उन्होंने जाने भी दो यारो, पेस्टॉनजी, तरंग, पर्सी, द्रोह काल जैसी फिल्मों का म्यूजिक देने के अलावा अजूबा, बेटा, दामिनी, घातक, परदेस, चमेली जैसी फिल्मों का बैकग्राउंड म्यूजिक भी दिया था। इसके अलावा वनराज ने खानदान, तमस, वागले की दुनिया, नकाब, लाइफलाइन, भारत- एक खोज और बनेगी अपनी बात जैसे टीवी सीरियलों में भी संगीत दिया।
     वनराज भाटिया को गोविंद निहलानी के 'तमस' के लिए नेशनल अवॉर्ड दिया गया था। इसके अलावा उन्हें साल 1989 में संगीत नाटक एकेडमी अवॉर्ड और 2012 में पद्मश्री से भी नवाजा गया था।
     वनराज भाटिया का शुक्रवार को मुंबई में  93 साल की उम्र में निधन हो गया। वे अवस्था के मान से पिछले काफी समय से  बीमार थे।
लेखक
निशिकांत मंडलोई, इंदौर


माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |