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नीम की आड़ से सुष्मित के मीठे बोल
Report By: पाठक लेखन 16, Apr 2021 5 years ago

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     हास्य बहुत सी व्याधियों का उपचार है। इन दिनों जब चारो ओर शोक, संताप ओर संक्रमण का बोलबाला है, तब हास्य ही ऐसा रामबाण उपचार है जो भय और संताप को दूर कर जीवन में उत्साह का संचार करता दिख रहा है। बुरी खबरों की तेज आमद से दिमागी हालत को उभारने का अगर कोई उपाय है तो वह गीत, संगीत, भजन ओर हास्य ही है। इस दौर में यूट्यूब एक ऐसा मंच बन गया है, जिसने नए कलाकारों की प्रतिभाओं को निखारने का मंच ओर मौका दिया है। इसी मंच पर मध्यप्रदेश के बडवानी जिला निवासी सुष्मित जोशी भी हास्य कलाकार के रूप में अपनी गहरी छाप छोड़ने में सफल हुए है। सुष्मित अपनी चैनल 'बाबूमिन्टोज' पर खुद के वीडियो अपलोड करते है। निमाड़ी बोली में हास्य पैदा करने के लिए वें शार्ट वीडियो का सहारा लेते है। उनके वीडियो निमाड़ से निकलकर अब भारत भर में देखें और सराहे जाने लगे है। हजारों फालोवर बन गए है, जो दिनो-दिन बढ़ते जा रहें है। वें अब तक 8 दर्जन से अधिक वीडियो बनाकर अपलोड कर चुके है। उनके चर्चित वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी से वेलेंटाइन-डे पर बातचीत का हास्य वीडियो काफी चर्चा में रहा जिसे हजारो प्रतिक्रियाएं भी मिली है। एक अन्य वीडियो में वें बाबा रामदेव से पेट्रोल के बड़े भाव पर बातचीत करते नजर आतें है। उनके हास्य वीडियो पर प्रतिक्रिया व्यक्त करतें हुए निमाड़ के एक अन्य हास्य कलाकार संतोष खानविलकर कहते है, 'इस तनाव के समय में सुष्मित की हास्य क्षणिकाएं न सिर्फ गुदगुदाती है, अपितू मन में तरंग पैदा करती है।'

    उनके वीडियो की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मीठी बोली निमाड़ी है। निमाड़ मध्यप्रदेश का एक भौगौलिक श्रेत्र है। पश्चिम निमाड़ मे खरगोन ,खंडवा, बड़वानी, धार, झाबुआ ओर बुरहानपुर जिले शामिल है। इन जिलों में निमाड़ी बोली बोले जाने का प्रचलन है। निमाड़ के इन जिलों के रहवासियों की बोली निमाड़ी कहीं जाती है। इस अंचल को निमाड़ कहें जाने के पीछे यहां नीम के पेड़ों की अधिकता को भी माना जाता है। नीम+आड़ याने नीम की आड़। वैसे तो नीम का स्वाद बेहद कड़वा होता है। किन्तु इसकी प्रकृति बेहद गुणकारी होती है। इसी निमाड़ की धरती से ही हास्य कलाकार सुष्मित अपनी हास्य क्षणिकाओं से वातावरण में मिश्री घोलने का प्रयास कर रहे है। हास्य कलाकार सुष्मित जोशी से बड़वानी प्रवास के दौरान मुलाकात हो गयी। चर्चा करने पर बेहद सहज अंदाज में उन्होंने ने बताया कि, कला उन्हें विरासत में मिली है। उनके पिता दिलीप जोशी तबला विशारद है। अपने प्रथम वीडियो के वायरल हो जाने के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि, अप्रेल 2020 के लॉकडाउन में जब पान-गुटको की दुकानें भी बन्द थी ठिठोली स्वरूप उन्होंने अजय देवगन जो के विमल गुटके का विज्ञापन करते है उनकी पत्नी काजोल से विमल पहुचाने के आग्रह संबन्धी मसखरी वाला वीडियो बनाया इस वायरल वीडियो ने काफी सुर्खियां बटोरी थी। इसके बाद दोस्तो ने फोन पर बहुत तारीफ के पुल बांधे, उत्साह बढाया ओर वीडियो बनाने का सिलसिला शुरू हो गया। अपने वीडियो में निमाड़ी बोली के इस्तेमाल पर उन्होंने कहा यह बेहद मीठी बोली है, इसमे अपनत्व की भावना झलकती है। इस बोली कि मिठास से भारत को परिचित कराने के उद्देश्य से उन्होंने निमाड़ी बोली का चयन किया है। पेशे से वेव डेवपलर एंड डिजाइनर का कार्य करने वाले सुष्मित ने अहमदाबाद से मल्टीमीडिया का डिप्लोमा भी किया है। अपने वीडियो में जिस बल्ली को वह संबोधित करते है वह उनका सहायक सगा छोटा भाई है। अपनी हास्य कला से सुष्मित ने बहुत कम समय में ही लोगो के दिलो में अपना स्थान बना लिया है। ठेठ निमाड़ी शैली में कंधे पर रुमाल ओर हाथों से तम्बाकू रगड़ते उनका स्टाइल काफी चर्चा में है। इस कलाकार ने यूट्यूब के मंच पर जितनी तेजी से ख्याति अर्जित की है बहुत कम कर पाते है। निमाड़ी को निमाड़ के गिने-चुने जिलों से राष्ट्रीय फलक पर पहुचाने का श्रेष्ठ कार्य भी सुष्मित जोशी ने किया है। निमाड़ ने देश को बहुत से कलाकार दिए है। कलाकारों की इस उर्वरा जमीन पर जन्में अनेको कवि, गीतकार, लेखक पत्रकार, कार्टूनिस्ट राष्ट्रीय फलक पर पहुचें, देश मे निमाड़ का नाम रोशन किया है। अब एक ओर उभरता कलाकार जो अपनी हास्य विधा में निमाड़ी पुट रखता है। अपनी ख्याति के साथ-साथ निमाड़ की मीठी जुबान को भी दूर-दूर तक पहुचा रहा है। अपनत्व का एहसास दिलाने वाली निमाड़ी का इस दौर में दूर-दूर तक पहुचना इसलिए भी जरूरी है कि, संक्रमण के इस दौर में लोगो को अपनत्व की जरूरत है और सुष्मित कि हास्य क्षणिकाएँ निमाड़ी बोली में अपनत्व का बोध कराती है। संक्रमण के दौर में अपनत्व की बोली में हास्य क्षणिकाएँ बुरी खबरों से दिमाग को राहत प्रदान करेगीं। नीम की आड़ से निकली मीठी बोली बहुत दूर तक पहुच रही है जहां भी पहुच रही है अपनत्व बड़ा रही है।


लेखक - नरेंद्र तिवारी 'पत्रकार'

7, शंकरगली मोतीबाग, सेंधवा जिला बडवानी म.प्र.


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