Sunday, 06 ,September 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

अनाथ बच्चों की मदद को आगे आए जनप्रतिनिधि | धूमधाम से मनाया गया ईद-ए-मिलाद-उन-नबी | प्रशासनिक फेरबदल एसडीएम तनुश्री मीणा को बालाघाट सीईओ की कमान | श्री सिद्धेश्वर महिला मंडल ने निकाली कावड़ यात्रा | हर घर तिरंगा अभियान के तहत् लायंस क्लब के तत्वाधान में निबन्ध प्रतियोगिता आयोजित | ट्रक की चपेट में आई बाईक 2 की दर्दनाक मौत | आर्यिका 105 श्री विनम्रज्योति माताजी का सल्लेखना पूर्वक उत्कृष्ट समाधि मरण | शहर में चोरों का आतंक, तीन घरों के ताले टूटे, एक से 2.60 लाख नकद और जेवरात चोरी | बैडमिंटन में दीपशिखा पंचाल का संभाग स्तर पर चयन | कुएं में डूबने से मौत | चोरों ने किया चोरी करने का प्रयास हुए नाकाम | श्री सांवरिया सेठ पैदल पालकी यात्रा का भव्य समापन | तारखेड़ी से लौट रहे युवक के साथ हुई लूट की वारदात, जांच में जुटी पुलिस | रातों रात गायब हुआ चालीस बाय चालीस का टीन शेड | इंद्रदेव को खुश करने के लिए मनाई उज्जैयिनी | रोहित हत्याकांड के 21 दिन बाद भी कानून का इंसाफ अधूरा | दस वर्ष के लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता, खनिज निरीक्षक के पद पर हुए चयनित | कनेक्शन काटने के नाम पर रिश्वत की मांग, शिकायत हुई तो फर्जी हस्ताक्षर कर लगा दिया आवेदन | सभी ग्राम पंचायत मे हुए ट्रांसफर तो परवाड़ा ग्राम पंचायत के सचिव का क्यों नहीं हुआ ट्रांसफर...! | संभागायुक्त ने किया कलेक्टर, जिला पंचायत, जोबट एसडीएम एवं तहसील कार्यालयों का निरीक्षण |

किसी ज्ञानी को समझाया जा सकता है मगर प्रेमी को समझाना मुश्किल- पंडित शास्त्री
07, Oct 2023 2 years ago

image

माही की गूंज, आम्बुआ।

         भगवान कृष्ण, कंस के बुलावे पर जब अक्रुरजी  के साथ मथुरा जाने लगे तो गोकुल वासियों को 2 दिन में आ जाऊंगा कह कर गए, मगर बहुत दिनों तक नहीं लोटे। गोपिया, ग्वाल, मां यशोदा, नंद बाबा सभी इंतजार करते रहे। कुछ दिन बाद भी कृष्ण को घर की याद आई तो उन्होंने परम ज्ञानी उद्धव जी को गोकुल भेजा की खबर लेकर आओ। उद्धव ने कहा कि, मैं सबको समझा कर आता हूं मगर जब वह गोकुल पहुंचे तो, वहां की हालत देख परम ज्ञानी उपदेशक उद्धव भी बेहाल हो गए और ज्ञान की जगह प्रेम ज्ञान लेकर वापस लौटे। कृष्ण को बताया कि, किसी ज्ञानी को समझाया जा सकता है मगर प्रेमी को समझाना मुश्किल है।

         उक्त शब्द आम्बुआ में चल रही भागवत ज्ञान गंगा में व्यासपीठ से पंडित अमित शास्त्री ने कहते हुए आगे बताया कि, उद्धव से संदेश मिलने के बाद कृष्णा रात 12 बजे गोकुल आए। वह रात थी शरद पूर्णिमा की, उन्होंने यमुना किनारे बंसी बजाई जिसे सुनकर गोपिया दौड़ी हुई आई। यह शरद पूर्णिमा की रात आत्मा एवं परमात्मा के मिलन की रात थी। जिसमें गोपिया, गोप यहां तक भगवान शिव जी भी गोपी बनकर नृत्य करने आए थे। कथा में आगे रुक्मणी विवाह की कथा सुनाई। जिसमें रुक्मणी ने भगवान कृष्ण को पंडित के हाथ से पत्र भेजा कि मेरा विवाह मेरा भाई शिशुपाल के साथ करना चाहता है, मैं आपसे विवाह करना चाहती हूं। भगवान कृष्ण ने वापस खबर भेजी कि, मैं आ रहा हूं तुम मंदिर में मिलना और कृष्ण रथ लेकर पहुंचे और रुक्मणी को लेकर द्वारका की ओर चल दिए। रुक्मणी के निमंत्रण पर भगवान आए, यानी कि निमंत्रण में ताकत थी तो भगवान मिले और अपने साथ ले गया रुक्मणी का भाई रुक्मणी के पीछे दौड़ा, सेना दौड़ाई मगर कुछ नहीं कर सका। वह भगवान को गालियां दे रहा था, भगवान उसे मारना चाहते थे मगर रुक्मणी के कहने पर छोड़ दिया। वह द्वारका जाने के पूर्व रास्ते में माधवपुर में रुके, तब वहां के लोगों ने पूछा कि, यह कौन है तब भगवान ने पुजारी से विवाह कराने का बोला जिसने गांव वालों के समक्ष विवाह कराया।




माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |