Thursday, 22 ,October 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

सड़क हादसे के बाद व्यवस्था पर उठे सवाल, डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस और पुलिस बल | भैस को लेकर पानी पिलाने गया पुत्र का दूसरे दिन तालाब के किनारे मिला शव | निर्मला भूरिया की मौजूदगी में खेड़ा-गलती बैराज की शुरुआत, सवाल भूमिपूजन के बाद निर्माण की रफ्तार क्या होगी? | बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है नवरात्रि | होनहार छात्र की मौत से गांव में शोक की लहर | असुविधाओं और वसूली के लिए बदनाम हो चुका हॉस्पिटल, निजी हॉस्पिटलो की पो बारह | जिले में गौ-हत्या का कारण क्षेत्रवासियों का खुला और मौन समर्थन या स्वीकृति तो नहीं...? | चार साल पहले उप स्वास्थ्य केंद्र का मरम्मत कार्य अपनी बदहाली के आसु बहा रहा भवन | 12 लाख से अधिक की लागत से बना शासकीय उचित मूल्य दुकान का गोदाम अब भी अधूरा | क्या झाबुआ जिले की जनता तीसरे विकल्प की तलाश में है...? | 482 छात्राओं की नेत्र जांच, 16 बेटियों की शिक्षा का जिम्मा | मेंटेनेंस के नाम पर लंबी बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान | सेवा सकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम सम्पन्न | जर्जर भवन में संचालित हो रही ग्राम पंचायत | गांधी जयंती पर विशेष ग्राम सभा सम्पन्न | गांधी जयंती पर चला वृहद स्वच्छता अभियान | विधायक, ग्रामीणों के साथ कलेक्टर से मिलीं | खुला पड़ा गड्ढा दुर्घटना को दे रहा आमंत्रण | जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया शुरू | अनंत चतुर्दशी पर गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’, जुलूस के साथ हुआ गणेश प्रतिमा का विसर्जन...!! |

जैसे गंदा कपड़ा साबुन से धुलता है वैसे ही भागवत कथा से मन धुलता है- पंडित अमित शास्त्री
02, Oct 2023 3 years ago

image

माही की गूंज, आम्बुआ।

          भागवत कथा मनुष्य के जीवन को स्वच्छ तथा साफ करती है मन में जमा विभिन्न प्रकार का मेल कथा से वैसे ही साफ हो जाता है। जिस तरह गंदा कपड़ा साबुन से साफ हो जाता है भागवत कथा भी मन में भरा मैल साफ कर देती है। भागवत कथा मनुष्य को भवसागर से वैसे ही पार कर देती है जैसे लोहे की कील लकड़ी में लगकर पार हो जाती है भागवत परम मोक्ष प्रदान करती है।

          उक्त वक्तव्य आम्बुआ में शंकर मंदिर प्रांगण में राठौड़ परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा के प्रथम दिवस व्यास पीठ से पंडित अमित शास्त्री ने व्यक्त किये। उन्होंने आगे भक्ति का वर्णन करते हुए बताएं की भक्ति के दो बेटे ज्ञान और वैराग्य मां भक्ति जवान थी  जब की बेटे बूढ़े हो गए थे। भक्ति ज्ञान वैराग्य की कथा के साथ भागवत का महत्व बताया कथा के पूर्व  जजमान परिवार ने भागवत कथा की स्थापना पूजा आरती की।

        शास्त्री जी ने कथा में बताया कि, मन ऐसा है जो कि मनुष्य को मोक्ष दिलाता है जिसके बाद उन्होंने आत्मदेव की कथा सुनाई जिसके घर संतान नहीं थी। वह दुखी होकर घर से बाहर निकल कर मरने चला रास्ते में संत मिले जिन्होंने समझाया तथा उसे एक फल दिया। कहा पत्नी को खिलाना संतान होगी फल उसने पत्नी को दिया उसने गाय को खिला दिया अपनी बहिन के बच्चे को रख लिया जिसका नाम धुंधकारी रखा। फल खाने से गाय को भी बच्चा हुआ जिसका नाम गोकर्ण रखा गया। धुंधकारी व्याभिचारी हो गया तथा मरने के बाद प्रेत बना जिसका उद्धार उसके भाई गोकर्ण ने भागवत कथा सुना कर किया 7 दिनों की कथा के बाद जब धुंधकारी का उद्धार हुआ तो वह गोलोक गया। भी पापी होते हैं उनका उद्धार भागवत भजन से हो जाता।




माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |