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बिना रजिस्ट्रेशन वाले डॉक्टर चला रहे क्लीनिक
19, Dec 2022 3 years ago

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बिना डिग्री, पंजीयन के क्लीनिकों पर मरीजों का कर रहे इलाज, जिम्मेदार नहीं कर रहे कार्रवाई

माही की गूंज, बरझर।

        चन्द्रशेखर आजाद नगर (भाभरा) ब्लाॅक की ग्राम पंचायत बरझर क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानो पर मरीजाें का इलाज धड़ल्ले से किया जा रहा है। यहां बिना डिग्री धारी चिकित्सक मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।

        बरझर कस्बे से एक किलोमीटर दूर सरकारी अस्पताल भी बना हुआ है। परन्तु बरझर कस्बे में जगह-जगह बिना रजिस्ट्रेशन वाले डॉक्टर क्लीनिक चला रहे हैं। इतना ही नहीं झोलाछाप डॉक्टर दुकानों पर फर्जी डिग्रियां लगाकर लोगों को प्रभावित कर रहे हैं। मरीज अच्छा डॉक्टर समझकर उपचार करवाते हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं रहता कि उनका उपचार गलत तरीके से किया जा रहा है। फर्जी डॉक्टरों ने इन क्लीनिकों पर मरीजों को लुभाने के लिए पर्ची लिखने से लेकर भर्ती करने की व्यवस्था कर रखी है और बेझिझक बोटल चढ़ाते है। 

        लोगाें का कहना है कि, फर्जी डाक्टरों ने धंधे को लाभदायक बनाने के लिए दूसरे जिले के निजी अस्पतालों से भी सांठ-गांठ कर रखी है। मरीज की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें वहां भेज देते हैं। जहां से उन्हें कमीशन मिलता है। ऐसे ही फर्जी डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में पैर जमाए हुए हैं। अक्सर ऐसे मामले देखने को मिलते है कि फर्जी डॉक्टरों के उपचार के मरीज की जान आफत में आ जाती है। वहीं स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन को इनकी भनक तक नहीं है।

        गौरतलब है कि, ठंड के इस सीजन में बरझर क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों की आड़ में डॉक्टरी का ख्बाव पूरा कर रहे हैं, तो कई ऑलिशान क्लीनिकों के जरिये ग्रामीणों की जान से खिलवाड़ कर चांदी कूट रहे हैं। ऐसे तथाकथित डॉक्टरों की तादात लगभग 4 से 5 हैं, लेकिन हकीकत यह हैं कि इनका चिकित्सा विभाग के पास कोई ब्यौरा नहीं हैं जिसके चलते कई झोलाछाप डॉक्टर अनहोनी का अंदेशा होने पर भाग जाते हैं।

        पहले भी इन झोलाछाप डॉक्टरों पर अधिकारियों द्वारा कई बार करवाई करने के बाद भी ये कुछ दिनों बाद बेझिझक क्लीनिक चला रहे है। इससे ये अंदाजा लगा सकते है इन झोलाछाप डॉक्टरों के साथ मे प्रशासन और बड़े नेताओं का हाथ हो सकता है जिसके चलते कारवाई होने के बाद भी ये बिना किसी डर के ताबड़तोड़ क्लिनिक चला रहे है और ग्रामीण जनों के साथ खिलवाड़ कर रहे है। यदि किसी मरीज के साथ कुछ हो जाता है तो इसकी जिम्मेदारी झोलाछाप डॉक्टर लेंगे या प्रशासन या नेता लोग लेंगे।

        प्रशासन को इन सब बातों का ध्यान रखते हुए झोलाछाप डॉक्टरों पर जल्द से जल्द कारवाई करना चाहिए। और हमेशा के लिए इन झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक बन्द करवाना चाहिए।


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