Thursday, 28 ,May 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

माही की गूंजः खबर का असर | सप्ताह में दो दिन मुख्यालय पर तो एक दिन रात्रि विश्राम के कलेक्टर के आदेश पर पटवारियों में हलचल...? | जिले के हर कस्बे में चल रहे फर्जी आरओ वाटर प्लांट या फिर वाटर चिलर...? पेयजल गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं | वाह रे... सिस्टम जिंदा को मृत बताया... | संदिग्ध हालत में मिला युवक का शव, हत्या की आशंका | जन्मदिवस पर वर्षितप आराधकों को करवाये पारणें | जल जीवन जल मिशन में बनी पानी की टंकी में पानी ही नहीं पहुंचा | मासूम की हत्या और महिला पर जानलेवा हमले के एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली | नगरपालिका ने खुद अतिक्रमण कर लाखों में बैच दी 52 गुमटियां | विडंबनाः झाबुआ जिले की भूमि पर बन रहा डेम, झाबुआ जिले की भूमि से ही काली मिट्टी ले जाकर किया जा रहा कार्य | आर्थिक संकट की आहट... या नाकामियों पर देशभक्ति का घूंघट...? | लवेश स्वर्णकार पर मामला दर्ज, सहमति के साथ शारीरिक संबंध या दुष्कर्म....? | अवैध रेत के व्यापार पर निरंकुश हुआ विभाग ओर प्रशासन | डॉ. शिव दयाल सिंह की जगह जिले के नए पुलिस कप्तान होंगे देवेंद्र पाटीदार | स्थाई समाधान नहींः अतिक्रमण के नाम पर नगरपालिका का हर बार एक नया ढकोसला | 4 हजार से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर भरकर तालाब में से मोरम-मिट्टी खनन होने तक गांधी जी के बंदर की तरह अंधा, गूंगा व बहरा बना हुआ था प्रशासन | नए ठेके शुरू होते ही ठेकेदार की लुट, शराब की बोतल पर लिखी कीमत से अधिक राशि की वसूली | यह कैसा सुशासनः दांत तोड़ दूंगा, और जिंदा गाड दूंगा...? | विपक्ष का संवैधानिक हक है विरोध करना... | 2 दिन से पड़ी मृत गाय कोई सुध लेने वाला नहीं |

घरों के नलों से सड़क पर बहता पानी, बरसात से भी अधिक कीचड़
08, Dec 2022 3 years ago

image

पंचायत कर्मियों की मौखिक सूचना के बावजूद नहीं लगा रहे नालों में टोटियां

माही की गूंज, आम्बुआ।

        जिस क्षेत्र में स्वच्छता की सबसे अधिक जरूरत हो  और यदि उस क्षेत्र में गंदगी का साम्राज्य हो तो उसे क्या कहा जाए...! गंदगी कीचड़ भी प्राकृतिक नहीं अपितु रहवासियों की हठधर्मिता के कारण फैल रही। लोग हैं कि समझने को तैयार नहीं है।

        हम बात कर रहे हैं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आम्बुआ क्षेत्र की, जिसके सामने विभिन्न प्रकार की गंदगी के साथ ही सामने प्रमुख सड़क मार्ग पर बरसात से भी अधिक कीचड़ ही कीचड़ बारह माह दिखाई देता है। जहां से गुजरना मुश्किल होता है। कभी किसी के कपड़े खराब हो जाते हैं तो कभी दो पहिया वाहन तथा पैदल चलने वाले फिसल कर गिर रहे हैं। क्षेत्र के दुकानदार विशेषकर सड़क किनारे बैठकर सब्जी बेचने वाले ग्रामीण अधिक परेशान होते देखे जा सकते हैं। सड़क पर पसरा कीचड़ गंदगी प्राकृतिक आपदा से नहीं है अपितु इस क्षेत्र में घरों से बाहर लगे निजी नल कनेक्शन से हो रहा है। जिसमें टोटिया नहीं है तथा नल घरों के अंदर की बजाए बाहर लगा रखे हैं। जैसे जल प्रदाय किया जाता है इन नलों से बहने वाला पानी सड़क पर बह  निकलता है। प्रमुख मार्ग होने से दो पहिया, चार पहिया वाहन दिन भर गुजरते हैं। पानी व मिट्टी के कारण यहां कीचड़ हो जाता है। यही कीचड़ राह चलने वालों के कपड़े खराब करता है तो वाहनों के टायरों से उड़कर सब्जी बेचने वालों की सब्जी पर भी गिरकर सब्जी प्रदूषित करता है। इसी कीचड़ के कारण क्षेत्र की सड़क उखड़ कर गड्ढे हो गए हैं।

        पंचायत कर्मियों ने यहां के निवासियों को कितनी ही बार मौखिक रूप से सूचना दी कि, वे नलों में टोटिया लगाए तथा नल घरों के अंदर ले जाए मगर क्या मजाल यहां के निवासी कुछ सुनते। जबकि इस कीचड़ तथा गंदे पानी से यह लोग स्वयं भी परेशान होते रहते हैं। वाहन चालकों तथा अन्य नागरिकों की मांग है कि, पंचायत द्वारा इन नल उपभोक्ताओं पर उचित दण्डात्मक कार्रवाई करें।

         व्यापारी रवि खंडेलवाल ने बताया कि, हम लोग परेशान हो रहे हैं यहां कीचड़ ही कीचड़ होने से आने जाने वाले परेशान होते हैं।

         क्षेत्रीय निवासी हासिम अली बोहरा का कहना है कि, क्षेत्र में वर्षा के अलावा सड़क पर पानी बहता रहकर कीचड़ करता है जिससे परेशानी हो रही है।

         आम्बुआ निवासी शब्बीर भाई का कहना है कि, सड़क का कीचड़ उड़ कर दुकान के अंदर तक आ जाता है। यह बंद होना चाहिए।


माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |