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पूजन करने से मनुष्य सभी दुखों से मुक्त हो जाता है- प. अनिरुद्ध मुरारी
01, Jan 2022 4 years ago

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श्री पंचेश्वर धाम समिति द्वारा रामायण मंड़ल के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर संगीतमय कथा का किया आयोजन

माही की गूंज, अलीराजपुर।

        स्थानीय श्री पंचेश्वर धाम समिति द्वारा श्री पंचेश्वर रामायण मंड़ल के 45 वा स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर श्री सत्यनारायण भगवान की संगीतमय कथा का आयोजन किया गया। कथा में रतलाम के प्रसिद्ध पंडित अनिरुद्ध मुरारी द्वारा संगीतमय कथा का वाचन किया गया। कथा के मुख्य यजमान ओछबलाल सोमानी अमझेरा वाले परिवार द्वारा भगवान सत्यनारायण का पूजन अर्चना कर तत्पश्चात कथा का वाचन व्यक्त कर बताया कि, एक समय की बात है नैमिषारण्य तीर्थ में शौनिकादि, अठ्ठासी हजार ऋषियों ने श्री सूतजी से पूछा हे प्रभु इस कलियुग में वेद विद्या रहित मनुष्यों को प्रभु भक्ति किस प्रकार मिल सकती है? तथा उनका उद्धार कैसे होगा? हे मुनि श्रेष्ठ कोई ऎसा तप बताइए जिससे थोड़े समय में ही पुण्य मिलें और मनवांछित फल भी मिल जाए। इस प्रकार की कथा सुनने की हम इच्छा रखते हैं सर्व शास्त्रों के ज्ञाता सूत जी बोले हे। वैष्णवों में पूज्य आप सभी ने प्राणियों के हित की बात पूछी है इसलिए मैं एक ऎसे श्रेष्ठ व्रत को आप लोगों को बताऊँगा जिसे नारद जी ने लक्ष्मीनारायण जी से पूछा था और लक्ष्मीपति ने मुनिश्रेष्ठ नारद जी से कहा था। आप सब इसे ध्यान से सुनिए जिसने पहले समय में इस व्रत को किया था उसका इतिहास कहता हूँ, ध्यान से सुनो सुंदर काशीपुरी नगरी में एक अत्यंत निर्धन ब्राह्मण रहता था। भूख प्यास से परेशान वह धरती पर घूमता रहता था। ब्राह्मणों से प्रेम करने वाले भगवान ने एक दिन ब्राह्मण का वेश धारण कर उसके पास जाकर पूछा हे विप्र नित्य दुखी होकर तुम पृथ्वी पर क्यूँ घूमते हो दीन ब्राह्मण बोला मैं निर्धन ब्राह्मण हूँ। भिक्षा के लिए धरती पर घूमता हूँ, हे भगवान यदि आप इसका कोई उपाय जानते हो तो बताइए। वृद्ध ब्राह्मण कहता है कि सत्यनारायण भगवान मनोवांछित फल देने वाले हैं। इसलिये तुम उनका पूजन करो इसे करने से मनुष्य सभी दुखों से मुक्त हो जाता है। 

        कार्यक्रम में पधारे बालीपुर बाबा जी श्री योगेश्वर जी महाराज जी का फूल माला से भव्य स्वागत किया गया।कथा के दौरान हेरी सखी मंगल गाओरी, काहे तेरी आखियो में पानी, भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना, लूट के ले गया दिल जिगर सवारा जादूगर, सजा दो घर को गुलशन सा मेरे सरकार आये है आदि एक से बढ़ कर भजनों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को धर्ममय बना दिया। अंत में भगवान सत्यनारायण की आरती उतारा कर प्रसादी का वितरण किया गया। कार्यक्रम में बेटमा से पधारे कथावाचक लोकेशानंद महाराज, नानपुर से पधारे कथावाचक कमलेश नागर का समिति ने सम्मान किया। कथा मे नानपुर, आम्बुआ, जोबट से पधारे श्रद्धालुओं एवं नगर के हिंदू धर्म के सभी लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का आभार श्री पंचेश्वर धाम समिति ने माना।




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