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लॉकडाउन में पूर्णतः प्रतिबंधित गुटका पाउच की जमकर हो रही कालाबाजारी प्रशासनिक नुमाइन्दें कार्रवाई के बजाय बहती गंगा में धो रहे हाथ
08, May 2020 5 years ago

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माही की गूंज, खवासा।

एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

रोग प्रतिरोधक क्षमता गुटखा, पाउच, तंबाकू व शराब का सेवन करने से कम होती है एवं गुटखा, पाउच व तंबाकू खाकर थूकने से गंदगी भी फैलती है। कोरोना वायरस के चलते सरकारों ने भले ही ठोस कदम उठाकर इसे लॉकडाउन के साथ ही इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार को भी टैक्स के रूप में करोड़ों का नुकसान हुआ। तो वहीं सरकार के प्रतिबंध के बाद शराब, तंबाकू व गुटखा, पाउच बेचने वाले माफिया ऐसे सक्रिय हो गए किए उन्होंने अभी तक के इतिहास में इतनी महंगी यह प्रतिबंधित सामग्री बेचकर इतना मुनाफा नहीं कमाया जो इस लॉकडाउन के दौरान। प्रशासन की मुस्तैदी के बाद भी उसी की नाक के नीचे धड़ल्ले से यह कारोबार चलता रहा और अब भी यह कारोबार चल रहा है। वैसे तो बड़ी कशमकश के साथ बुधवार को प्रदेश में रेड झोन व कंटेनमेंट एरिया को छोडकऱ शराब की सभी दुकानें खोल दी गई। तंबाकू, गुटका, पाउच के बड़े स्टॉकिस्टों ने करोड़ों के व्यारे.न्यारे गुटखा, पाउच व तंबाकू में कर लिए। तो वहीं जिनके जिम्मे इस कारोबार को रोकने का कार्य थाए उन्होंने भी कार्यवाही करने की बजाय इसके कारोबारकर्ताओं को संरक्षण देकर पकड़ कर कार्रवाई करने के अपने व्यारे.न्यारे भी कर लिए।

    कुछ ऐसा ही मामला माही की गूंज के विशेष सूत्रों के माध्यम से सामने आया। तो गूंज प्रतिनिधि ने इसकी पूरी पड़ताल की और वीडियो भी प्राप्त किया। शनिवार को बाजना (रतलाम) निवासी रौनक पिता रमेश जैनए बड़ीसरवा (राज.) निवासी विजय टेलर के साथ पेटलावद निजी कार से गए थे। पेटलावद पेट्रोल पंप पर कार खड़ी कर पेटलावद के किसी बड़े व्यापारी से रौनक की मोबाइल पर बात हुई और स्कूटी से नेचरल गोल्ड के नाम से छपे सफेद 5 बोरे में विमल ब्रांड का गुटका, पाउच जिसमें 250 पैकेट व अन्य दो बोरों में विमल गुटका में शामिल कर खाने वाला तंबाकू का पाउच लेकर आए। उक्त पाउच के पैकेट का सामान्यतः 120-125 रुपए तक पैकेट बाजार में मिलता था। प्रतिबंध के बाद यह 4-5 गुना भाव तक बिक रहा है। रौनक, विजय टेलर के साथ उक्त प्रतिबंधित गुटखा, पाउच पेटलावद से बामनिया होते हुए खवासा बायपास से बाजना जा रहा था किए मुखबिर के माध्यम से बाजना क्षेत्र का रहवासी जिसकी रिश्तेदारी व पहचान बाजना से लेकर बामनिया व पेटलावद तक है। पुलिस आरक्षक राकेश खवासा चौकी पर पदस्थ हैए को मुखबिर के माध्यम से पता चला कि, रौनक की कार में गुटखा, पाउच जा रहा है। अगर कार को पकड़ ली गई तो बड़ा पैसा रौनक से मिल सकता है। जिसके बाद राकेश खवासा चौकी पर पदस्थ अन्य एक पुलिस जवान पवन को साथ ले गया और खवासा के बामनिया बायपास पर स्टेडियम के समीप दोनों पुलिस जवान ने कार को रोका और कार में से सफेद बोरों में भरे विमल पाउच के पांचों कट्टों को बाहर निकाल कर आरोपी रौनक का बोरों के साथ पुलिस जवान राकेश ने 39 सेकंड का वीडियो बनाया। जिसमें आरोपी का नाम, बोरों में क्या है? कहां से लाया, पूछा जिसके बाद काफी समय तक लेन-देन की बात चलती रही। 20-25 हजार रुपए देने की बात रौनक ने मामले को रफा-दफा करने हेतु कहीं पर बामनिया व्यापारी उर्फ मुखबीर यह जानता था किए यह माल एक लाख रूपए से अधिक का है। माल को बचाने एवं एफआईआर से बचने के लिए कम से कम एक लाख रुपए तक दे सकता हैए यह बात पुलिस जवान को बताई। वही रौनक की जेब में 20-25 हजार रूपए ही थेए तो मामला मुखबिर के माध्यम से पुलिस ने रौनक की जेब में जो पैसे थे वो और उन पैसों के साथ विमल गुटखा, पाउच से भरे दो बोरे जिसमें सौ पैकेट गुटखा, पाउच जिसकी खेरची मूल्य वर्तमान के मान से 50-60 हजार रुपए है। पुलिस जवान ने विमल पाउच से भरे दो बोरे ले लिए व 3 बोरे विमल, गुटखा, पाउच को छोड़कर रौनक एवं विजय को रवाना कर दिया। उक्त मामला सिर्फ पुलिस, मुखबिर व रौनक के बीच का होता तो शायद यह माही की गूंज तक भी उजागर नहीं होता। उक्त पूरे मामले में विजय टेलर ने विभीषण की भूमिका निभाने का सामने आया। विजय टेलर ने ही रौनक के साथ रहकर उसे भी यह पता नहीं चलने दिया किए वह उसकी ही कब्र खोदने जा रहा है। मौका मिलते ही पेटलावद के किसी व्यापारी को सूचना देकर पुलिस जवान राकेश को मुखबिरी करने की बात कही।

विमल गुटखा पाउच के बोरे से भरी कार को पकड़ने के बाद कुछ नगदी तथा सौ पैकेट विमल के लेकर लेन-देन का मामला निपटा। कार जाने के बाद बामनिया का मुखबिर व्यापारी खवासा आया और राकेश ने वह सौ पैकेट उसे दे दिए और उसके बदले उसे पैसा देने की बात हुई। बामनिया जाने के बाद बोरो को खोला तो उसमें सिर्फ विमल गुटखा पाउच ही निकला पर उसके साथ मिलाने वाला तंबाकू पाउच नहीं निकला जो 2 बोरों में कार के अंदर ही पड़ा थाए बिना तंबाकू पाउच के उक्त विमल का कोई औचित्य नहीं थाए तो विभीषण विजय ने दांव खेल तीसरे के माध्यम से वह विमल पाउच बड़ीसरवा मंगवा लिए और विजय सभी को रौनक व पुलिस की सांठगांठ होने की बात कहता रहा। जिससे यह बात उजागर होकर मुखबिर के माध्यम से माही की गूंज तक पहुंची। बिना तंबाकू पाउच केए विमल गुटके के सौ पैकेट के पुलिस को कितने पैसे लिए.दिए यह तो विजय टेलर, बामनिया का व्यापारी व दो पुलिस जवान ही बता सकते है। पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली उजागर होकर विजय टेलर के कारनामे भी सामने आए हैं। 

इस संबंध में पुलिस चौकी प्रभारी से चर्चा हुई तो वह अपने जवान को बचाने की ही मुद्रा में दिखाई दिए। पर गूंज की सूचना के बाद फिलहाल राकेश आरक्षक को थांदला थाने पर रवानगी दे दी है। अब देखना है कि पूरा मामला सामने आने पर पुलिस कप्तान दोनों आरक्षकों के साथ आरोपी रौनक जैन, विजय टेलर, बामनिया का मुखबिर व्यापारी व पेटलावद में अब तक भी इतने बड़े पैमाने पर गुटका पाउच का स्टाॅक कर बेचने वालों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करते हैं। 


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