शहरी क्षेत्र में नहीं अब ग्रामीण क्षेत्र में ही पत्रकारिता बची है - श्री शुक्ला
माही की गूंज, काकनवानी। नरेश पंचाल
मंगलवार 20 जनवरी को जिले की पत्रकारिता के पितृ पुरुष एवं मूर्धन्य पत्रकार स्व. श्री यशवंत जी घोड़ावत की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा एवं पत्रकारों का महासम्मेलन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित हुआ।
उक्त आयोजन में मुख्य रूप से नवनीत शुक्ला प्रधान संपादक दैनिक दोपहर इंदौर, राकेश सिंह मेहता वरिष्ठ संपादक सीटी न्यूज़ इंदौर, गोविंद उपाध्याय प्रधान संपादक सिंघम टाइम्स, रमेश सोनी सह संपादक मीडिया वाला रतलाम, मूंजश्री ‘‘पुष्प’’ कारेमोरे श्रृंगार रस की राष्ट्रीय कवियत्री नागपुर (महाराष्ट्र) एवं स्थानीय समाजसेवी जगदीश पंचाल, सुरेश नायक, डाडमचंद राठौर मंचासीन अतिथि रहे।
आयोजन का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। जिसके पश्चात सम्मानिय अतिथिगण एवं जिले की सभी इकाईयों से आए पत्रकारों ने पुष्प चढाकर श्री यशवंत जी घोड़ावत को श्रद्धांजलि अर्पित की। तत्पश्चात सरस्वती वंदना का गायन जीनियस स्कूल की छात्राओ ने किया। अतिथियों का स्वागत जिले से आए सभी पत्रकारों ने माला पहनाकर व गुलदस्ता देकर किया। साथ ही काकनवानी एवं परवलिया की इकाई के पत्रकार दिनेश बैरागी, हरीश पंचाल, भावेश चौहान, उमेश पाटीदार, महेश पंचाल, मुकेश परमार एवं नरेश पंचाल ने अतिथियों को साफा पहनाकर उनका अतिथि सत्कार व सम्मान किया।
अतिथि उद्बोधन
स्वागत भाषण जिला पत्रकार संघ के जिलाध्यक्ष राजेश सोनी ने दिया। श्री सोनी ने जिले की पत्रकारिता पर प्रकाश डाला।
जिला पत्रकार संघ के संरक्षक संजय भटेवरा ने कहा, किसी व्यक्ति की अनुपस्थिति में उनकी उपस्थिति का एहसास अगर कोई करवा सकता है तो वह यशवंत जी घोड़ावत जैसे कोई वीरले व्यक्ति ही होते हैं और 12 वर्षो बाद भी श्री घोड़ावत की उपस्थिति हम सब महसूस कर रहे हैं और उनके बताएं मार्गदर्शन पर चल अपनी कलम का निर्वाह कर रहे हैं।
जगदीश पंचाल ने अपने उद्बोधन में कहा, जो कार्य दादा करते आ रहे थे वह कार्य दादा की तर्ज पर जिले के पत्रकार कर रहे हैं। जिसमें पत्रकार अपनी लेखनी के साथ प्रतिभाओं एवं पत्रकारों का सम्मान कर रहे हैं यह बड़े सम्मान की बात है और इन्ही कार्य के चलते आज भी दादा हमारे बीच में है।
रमेश सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा, पत्रकारिता आज के क्षेत्र में चुनौती बन चुकी है, पत्रकारिता करना है तो हमें अपने कलम की धार मजबूत करना पड़ेगी। चाहे जितनी भी परेशानियां आए हम कलम की ताकत से हर बुराई को दूर कर सकते हैं।
गोविंद उपाध्याय ने अपने उद्बोधन में कहा कि, हम घोड़ावत जी द्वारा पत्रकारिता के क्षेत्र में किये गए कार्यों को ऐसे आयोजन के माध्यम से ही हम आने वाली पीढ़ी को शिक्षा दे सकते हैं। घोड़ावत जी ने पत्रकारिता क्षेत्र में अपना नाम कमाया। शहर की सेवा की, अंचल की सेवा की और आज उनके लेखन के माध्यम से हम उन्हें याद करते हैं। ऐसी शख्सियत को हमेशा नमन करने की इच्छा होती है। हम मौलिक पत्रकारिता करें, ईमानदारी की पत्रकारिता करें, सच्चता की पत्रकारिता करें तो हमें आनंद मिलेगा।
कवियत्री मूंजश्री ‘‘पुष्प’’ कारेमोरे ने कविता पाठ के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत की। कारेमोरे ने कहा, घोड़ावत जी ने अपनी लेखनी के साथ-साथ ऐसे शिष्य बनाए हैं जिन्होंने उनसे पत्रकारिता सीखी और नई पीढ़ी को आगे लाए। और घोड़ावत जी के नाम में ही सार्थकता है जो घोड़े जैसा ऊर्जावान हो और अपने शिष्यों को आगे बढाकर पत्रकारिता को नया दर्पण दिया है। और आज उनके नाम से ही इतना बड़ा आयोजन होता है तो आज भी इस बात का एहसास दिलाते हैं कि, वो आज भी हमारे बीच जीवत है। वे हमसब के गुरु है, ऐसे गुरु को शत-शत प्रमाण। पत्रकारिता चौथा स्तंभ है और यह पत्रकारिता ही है जो वास्तविकता के दर्शन कराती है।
राकेश िंसंह मेहता ने घोड़ावत जी को याद करते हुए कहा कि, पत्रकारिता में हमें अपडेट रहना आवश्यक है। एआई के जमाने में हमें अपना कंटेंट अलग रखने की आवश्यकता है, जो अन्य बता रहे हैं उसके पीछे नहीं भागे। इस फील्ड में हमें नाम चाहिए तो जो वो नहीं बता रहे हैं वह हम बताएं। हमें सहज भाव से रहना आवश्यक है, घोड़ावत जी ने पहले जो कार्य किये होंगे उनकी अच्छाई के चलते ही हम उन्हें आज याद कर रहे हैं। क्योंकि उन्होंने अपना कार्य औरों से अलग किया था और जनता से जुड़े थे।
मुख्य अतिथि नवनीत शुक्ला ने अपने उद्बोधन में आज की पत्रकारिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, आज के दौर में पत्रकारिता शहर में नहीं बची है सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र में आज पत्रकारिता बची है। आजादी के पहले पत्रकारिता का लक्ष्य था देश को आजाद करना। और हमने देश में आपातकाल लगा वह पत्रकारिता देखी, आपातकाल के समय पत्रकारिता संघर्ष दौर में आगे थी और लिखना बहुत कठिन था। हम लोग उसमें से हैं जो झाबुआ के कारण यशवंत जी घोड़ावत को नहीं जानते थे, यशवंत जी घोडावत के कारण झाबुआ को जानते थे जिनमें लिखने का माददा था। देश में जो अच्छे पत्रकार निकले हैं जो आपके क्षेत्र से निकले हैं, जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्रो से पत्रकारिता शुरू की और शहरों में आए। अभी कहां जाता है कि, पत्रकारिता कठिन हो गई है लेकिन अगर हम सही हैं तो पत्रकारिता कोई कठिन नहीं है। क्योंकि हम सही है तो हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है और इंदौर के कैलाश विजयवर्गी द्वारा कहे गए आपत्तिजनक शब्द व उमा भारती द्वारा पूर्व में अपने ड्राइवर को एक झापट मार दिया और वह मामला मीडिया में आया तो उमा भारती को कहना पडा यह मेरे बेटे जैसा था इसलिए झापट मारा यह है पत्रकारिता की ताकत।
प्रतिभा सम्मान
प्रतिवर्ष क्षेत्रीय मेघावी विद्यार्थीयो का सम्मान किया जाता है इसी कडी में काकनवानी संकुल में हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थीयो को प्रतिभा सम्मान के तहत सम्मान-पत्र व पारितोषिक राशि का चेक देकर सम्मान किया। जिसमें, काकनवानी संकुल में शासकीय हाई स्कूल में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र प्रवीण पिता तोलसिंग भूरिया व हाई सेकेंडरी में छात्रा राधिका पिता चेनसिंह कामलिया को 1111 रूपए का चेक व सम्मान पत्र। वही अशासकीय जीनियस हाई स्कूल से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा दीपशिखा पिता हरीश पंचाल व शासकीय हाई सेकेंडरी से छात्र अरूण पिता चरणसिंह वसुनिया ने प्रथम स्थान प्राप्त करने पर 1555 व सम्मान पत्र के साथ सम्मानीय अतिथी द्वारा विद्यार्थीयो एवं उनके परिजनो व शिक्षको को सम्मानीत किया गया।
पत्रकार सम्मान
सम्मान की इस कडी में 2025-26 पत्रकारिता सम्मान से पत्रकारो का सम्मान किया गया। जिसमें सर्व कालिक सक्रिय पत्रकार पुरस्कार से संजय पी लोढा़ पेटलावद, उदयमान पत्रकारिता पुरस्कार से पत्रकार मुकेश परमार झाबुआ, आजीवन प्रखर पत्रकारिता पुरस्कार से वरिष्ठ पत्रकार दिनेश वैरागी परवलिया, सर्वकालिक संघर्षशील पत्रकारिता सम्मान (मरणोपरान्त) उक्त सम्मान से स्व. श्री कन्हैयालालजी पंचाल राणापुर को सम्मानीत किया गया। उक्त सम्मान स्व. कन्हैयालालजी पंचाल के सुपुत्र अर्जुन पंचाल व पोत्र को अतिथीयो द्वारा सम्मान देकर सम्मानीत किया गया।
अंत में सम्मानीय अतिथियो को जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष श्री सोनी, पत्रकार संघ के संरक्षक श्री भटेवरा व काकनवानी-परवलिया इकाई के पत्रकारो ने मुमेंटो भेट कर सम्मानीत किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार व सरंक्षक हरिशंकर पंवार ने किया, आभार नरेश पंचाल ने माना।
जिले से आए पत्रकारो ने दी घोड़ावत जी को श्रद्धांजलि।
काकनवानी संकुल में शा. हाई स्कूल में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र प्रवीण भूरिया का सम्मान।
काकनवानी संकुल की अशासकीय जीनियस हाई स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा दीपशिखा पंचाल का सम्मान।
काकनवानी संकुल की शा. हाई सेकेंडरी में छात्रा राधिका कामलिया का सम्मान पत्र व चेक शिक्षको को भेटकर किया सम्मान।
काकनवानी संकुल की शा. हाई सेकेंडरी में छात्र अरूण वसुनिया का सम्मान पत्र व चेक भेटकर पिता चरणसिंह का किया सम्मान।
सर्व कालिक सक्रिय पत्रकार पुरस्कार से संजय पी लोढा़ पेटलावद का सम्मान।
आजीवन प्रखर पत्रकारिता पुरस्कार से वरिष्ठ पत्रकार दिनेश वैरागी परवलिया का सम्मान।
उदयमान पत्रकारिता पुरस्कार से पत्रकार मुकेश परमार झाबुआ का सम्मान।
सर्वकालिक संघर्षशील पत्रकारिता सम्मान (मरणोपरान्त) से स्व. श्री कन्हैयालालजी पंचाल राणापुर का सम्मान उनके सुपुत्र अर्जुन पंचाल व पोत्र को अतिथीयो द्वारा सम्मान पत्र देकर किया सम्मानीत।
आयोजन के मुख्य अतिथी नवनीत शुक्ला उद्बोधन देते हुए।
पुरे जिले की इकाई से आए पत्रकारगण।

