माही की गूंज, सारंगी।
प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, इस बात को सच कर दिखाया है चार वर्षीय नन्ही ध्यांशी राठी ने। श्री कामधेनु गोशाला में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान जब इस छोटी सी बालिका ने अपनी सुरीली और स्पष्ट आवाज में हनुमान चालीसा का पाठ किया, तो वहां मौजूद हर शख्स मंत्रमुग्ध रह गया।
ध्यांशी की अद्भुत स्मरण शक्ति और भक्ति देख प्रख्यात आचार्य डॉ. देवेंद्र शास्त्री भावविभोर हो गए। उन्होंने न केवल ध्यांशी की मुक्त कंठ से प्रशंसा की, बल्कि आशीर्वाद स्वरूप उसे दुपट्टा पहनाकर सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया ने भी नन्ही बालिका की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों ने भी ध्यांशी के आत्मविश्वास की जमकर तारीफ की।
पारिवारिक परिवेश और शिक्षा
ध्यांशी, धर्मेश राठी की सुपुत्री हैं और अपने नाना, सारंगी के वरिष्ठ पत्रकार संजय उपाध्याय के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। वर्तमान में वह सारंगी पब्लिक स्कूल में एल के जी की छात्रा हैं। उसे कई अन्य मंत्र भी कंठस्थ है।
संस्कारों की मिसाल
आज के आधुनिक दौर में जहां बच्चे मोबाइल और गैजेट्स में खोए रहते हैं, वहीं ध्यांशी जैसी नन्ही प्रतिभाएं भारतीय संस्कृति और संस्कारों को जीवंत रखे हुए हैं। उसकी इस उपलब्धि ने न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
