अतिथि भर्ती में पूर्व से कार्यरत को नियमों का हवाला देकर दिखाया बाहर का रास्ता
माही की गूंज, पेटलावद।
पेटलावद विकास खंड में हुई इस वर्ष की अतिथि भर्ती में विभाग के अधिकारियों ओर संकुल प्राचार्यों की लापरवाही बड़े स्तर पर सामने आ रही है। लगातार गूंज में मय प्रमाण के खबरे भी प्रकाशित की जा रही है कि, विकास खंड में अधिकारियों ओर संकुल प्राचार्यों ने अतिथि भर्ती के नाम शासन के जारी दिशा निर्देशों को अपने निजी हितों के लिए मनमाने ढंग से किया। संकुल से लेकर खंड शिक्षा कार्यालय ओर फिर जिला स्तर पर चयनित अतिथि शिक्षको की जांच हुई लेकिन एक भी जांच टीम ने इस दोहरे रवैये पर किसी प्रकार से सवाल नहीं उठाए और अतिथि भर्ती कर दी गई। जिससे कई अतिथि शिक्षक जो वर्षो से अपनी सेवाए दे रहे थे वो बहार हो गए ओर हवाला उनके प्रशिक्षित नहीं होने का दिया जबकि उसी संकुल की अन्य संस्थाओं में पुराने अतिथि को पात्रता के नियमों को लागू करते हुए प्रशिक्षित अतिथियों को बहार कर दिया गया।
अतिथि भर्ती में शिकायत के बाद मामला हुआ उजागर
शासन के नियमो अनुसार पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षको को पात्रता देने के आदेश भोपाल जनजाति कार्यविभाग मध्यप्रदेश ओर आयुक्त लोक शिक्षण मध्यप्रदेश भोपाल की ओर से जारी किए गए। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी पेटलावद की ओर नए सिरे से भर्ती के आदेश ,मतलब जो कार्य कर रहे है वो भी पुनः आवेदन की प्रक्रिया से गुजरेंगे ओर पात्र होने पर चयनित होगे ,ऐसी प्रक्रिया से आवेदन आमंत्रित किए गए। शिकायतकर्ता पूर्व अतिथि शिक्षक राकेश कटारा जो कि वर्ष 2019 से 2024 तक लगातार शा.उ.मा.वि. सारंगी में वर्ग-1 पर हिंदी विषय के शिक्षक पद पर कार्यरत थे। नियमानुसार अतिथि पद के लिए आवेदन किया लेकिन की प्रशिक्षित शिक्षक नहीं होने का हवाला देते हुए उनके स्थान पर दूसरे शिक्षक को चयनित कर लिया गया। अतिथि शिक्षक राकेश कटारा ने इस आपत्ति दर्ज करवाते हुए सीएम हेल्पलाइन ओर सहायक आयुक्त झाबुआ को लिखित शिकायत 8 अगस्त 2025 को दर्ज करवाई , जिसका आज दिनांक तक निराकरण नहीं हुआ।
आदेशों में बीएड, डीएड का हवाला नहीं, नियम विरुद्ध किए गए अटैचमेंट
शिकायत कर्ता राकेश कटारा ने अपनी शिकायत में जनजाति कार्यविभाग भोपाल के द्वारा जारी पत्र का हवाला देते हुए बताया कि, पत्र में कही भी अतिथि भर्ती के लिए बीएड ओर डीएड अनिवार्य होने का हवाला नहीं दिया गया जबकि पूर्व से कार्यरत अतिथि को प्राथमिकता का प्रावधान किया गया था बाबजूद इसके नियमो को ताक में रख कर बीएड,डीएड को प्राथमिका देकर भर्ती की गई। राकेश कटारा ने बताया कि संस्था के कई महत्वपूर्ण विषयों के वर्ग एक के शिक्षक नहीं हैं जिन पर अतिथि शिक्षको की भर्ती के लिए पद रिक्त नहीं बताए गए ओर नियम विरुद्ध संकुल क्षेत्र के दूसरे शिक्षकों का अटैचमेंट कर खानापूर्ति की जा रही है। जबकि अटैक किए गए शिक्षक माध्यमिक शिक्षक होकर वर्ग एक के लिए पात्र नहीं हैं।
संकुल क्षेत्र एक और अलग-अलग नियमों से हुई भर्ती
सारंगी संकुल के शा.उ.मा.वि. सारंगी में प्राचार्य ने जिन भी पदों पर अतिथि भर्ती की उनके पास बीएड ओर डीएड की योग्यता थी लेकिन इसी स्कूल में अन्य संस्थाओं में हुई अतिथि भर्ती में प्रशिक्षित शिक्षक के नियम को ताक में रख दिया ओर कई संस्थाओं जिसमें संकुल के मोहनपुरा , कसारबर्डी , भील कोटड़ा , बखतपुरा, करमदीखेड़ी, बोडाईता , बाछीखेड़ा में पूर्व से कार्यरत ओर अप्रशिक्षित (बिना बीएड, डीएड) अतिथि शिक्षकों की भर्ती की गई ।
सूचना अधिकार में घुमा फिरा कर दी जानकारी
शिकायतकर्ता राकेश कटारा ने संकुल प्राचार्य से सूचना अधिकार संकुल क्षेत्र में रखे गए शिक्षकों के बीएड, डीएड होने की जानकारी मांगी गई थी। जिस पर संकुल प्राचार्य ने दी गई जानकारी में गुमराह करते हुए लिखित में घुमा फिरा कर जानकारी देते हुए संकुल क्षेत्र की जानकारी नहीं देते हुए केवल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विधायक सारंगी की जानकारी देते हुए बताया कि, संस्था में बिना डीएड, बीएड के कोई अतिथि शिक्षक नहीं रखा गया है। जानकारी देने में संकुल क्षेत्र को शामिल नहीं किया गया। जबकि संकुल में दोहरा मापदंड अपनाते हुए अलग-अलग नियमों के आधार पर अतिथि भर्ती की गई। जो अतिथि भर्ती में होने वाली लापरवाही और हेराफेरी का पुख्ता प्रमाण हैं। जिसकी जांच अगर की जाए तो अतिथि शिक्षक भर्ती का बड़ा घोटाला सामने आना तय है।
अपात्र हुए अतिथि शिक्षक राकेश कटारा की शिकायत।
सूचना अधिकार में प्राचार्य द्वारा गुमराह करने वाली दी गई जानकारी।
