Monday, 15 ,June 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

पुरषोत्तम मास में गौदान करने से वैकुंठ की प्राप्ति होती है- आचार्य शास्त्री | विकास से पहले विनाश…!! | पाटीदार समाज ने किया मुक्तिधाम का सौंदर्यीकरण | मां भद्रकाली माताजी मंदिर पर संपन्न हुई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक | अब स्वच्छता सर्वेक्षण में नगरपालिका की वाल पेंटिंग से पार पाने की फिसड्डी कवायद | जिला अभी भी उम्मीदो के सहारे टिका है, देखना है कलेक्टर श्री भरसट किस किनारे जा कर बैठते है | राजनीति में हिम्मत... और हिम्मत की राजनीति... | माही की गूंजः खबर का असर | सप्ताह में दो दिन मुख्यालय पर तो एक दिन रात्रि विश्राम के कलेक्टर के आदेश पर पटवारियों में हलचल...? | जिले के हर कस्बे में चल रहे फर्जी आरओ वाटर प्लांट या फिर वाटर चिलर...? पेयजल गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं | वाह रे... सिस्टम जिंदा को मृत बताया... | संदिग्ध हालत में मिला युवक का शव, हत्या की आशंका | जन्मदिवस पर वर्षितप आराधकों को करवाये पारणें | जल जीवन जल मिशन में बनी पानी की टंकी में पानी ही नहीं पहुंचा | मासूम की हत्या और महिला पर जानलेवा हमले के एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली | नगरपालिका ने खुद अतिक्रमण कर लाखों में बैच दी 52 गुमटियां | विडंबनाः झाबुआ जिले की भूमि पर बन रहा डेम, झाबुआ जिले की भूमि से ही काली मिट्टी ले जाकर किया जा रहा कार्य | आर्थिक संकट की आहट... या नाकामियों पर देशभक्ति का घूंघट...? | लवेश स्वर्णकार पर मामला दर्ज, सहमति के साथ शारीरिक संबंध या दुष्कर्म....? | अवैध रेत के व्यापार पर निरंकुश हुआ विभाग ओर प्रशासन |

भगवान भाव का भूखा, हम सिर्फ पत्थर समझ कर पूज रहे है- पंडित मनीष भैया
17, Apr 2025 1 year ago

image

 माही की गूंज, पेटलावद।

          नगर के बामनिया रोड पर सेंचा परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा का 8 दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। जिंसमे कथा वाचक पंडित मनीष भैया (बदनावर वाले) के मुखारबिंद से किया जा रहा है। आज कथा के पांचवे दिन पंडित मनीष भैया ने भगवान के जन्म की लीलाओं का वृत्तान्त सुनाते हुए कहा कि, भगवान भाव का भूखा है और भगवान हमारे साथ ही बस उनके हनारे भाव की आवश्यकता है। आज भयंकर गर्मी का समय है और हम पंखे, कूलर, ऐसी आदि साधनों का प्रयोग करते है वही भगवान उनके स्थान पर गर्मी में बैठे रहते है। क्योंकि हम माने है कि, भगवान की सिर्फ मूर्ति जबकि भगवान स्वयं हमारे घर मे मौजूद है। हम घर मे कोई काम करे, कोई भी भोजन बनाये तो भगवान को पहले भोग लगाएं, गर्मी में उनके लिए ठंड की व्यवस्था करें, ठंड में भी उनको गर्मी की व्यवस्था करें, घर से बहार जाते समय साथ चलने और घर वापस आते समय भगवान को उनके स्थान पर बैठने का आह्वान करे। अगर भगवान आप स्वयं अपने साथ मानेंगे तो भगवान हमारे साथ ही है। पंडित जी ने भागवत कथा के महत्व को साझा किया और इस प्रकार के आयोजन जीवन मे हर किसी को एक बार अपने समर्थ अनुसार करने की बात कही। कथा श्रवण करने हेतु बड़ी संख्या में जजमान पहुँच कर धर्म लाभ ले रहे है। वही सेंचा परिवार द्वारा कथा स्थल पर पहुँचने के लिए वाहन की व्यवस्था के साथ साथ कथा स्थल पर भीषण गर्मी से बचने के लिए बड़े कूलर और पानी के फवारे की व्यवस्था भी की है।


माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |