Wednesday, 21 ,January 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

हिन्दू सम्मेलन की तैयारियां शुरू | महिला की इलाज के दोरान हुई मौत के बाद आरोपीयों की गिरफ्तारी नहीं, आदिवासी समाज में आक्रोश | स्नेह सम्मेलन: पारिवारिक एकता का संदेश | मक्का की फसल के बीच अवैध रूप से उगाया गांजा, आरोपी गिरफ्तार | हर्षौल्लास के साथ मनाई गई ब्रह्मलीन महंत 1008 श्री काशीगिरीजी महाराज की पुण्यतिथि | अतिथि भर्ती में मनमानीः सूचना अधिकार में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी | माही की गूंज परिवार का वार्षिक मिलन समारोह संपन्न | नि:शुल्क स्वास्थ्य प्रशिक्षण शिविर का होगा आयोजन | 2024 से फरार चल रहे आरोपी को भेजा जेल | रबी सीजन यानी बिजली विभाग के अधिकारियों की चांदी ही चांदी | स्वच्छता के दामन पर दूषित पेयजल का कलंक... | नन्ही ध्यांशी ने 4 वर्ष की उम्र में कंठस्थ की हनुमान चालीसा | ईश माता मरियम के पर्व के साथ नववर्ष का आगाज | सरस्वती नन्दन स्वामी गुरुदेव के प्रागम्य महोत्सव पर अखण्ड नाम संकीर्तन सप्ताह में झूम उठे श्रद्धालु | दिव्य संकल्प सामूहिक विवाह सम्मेलन हेतु प्रेस वार्ता का हुआ आयोजन | थोथी वाहवाही लूटने में निकल गया 2025, पुलिस और प्रशासन को 2026 की शुभकामनाएं | आबकारी का संरक्षण ऐसा की शराब ठेके की दुकानों से विदेशी शराब पर देशी शराब का होलोग्राम लगाकर बेच रहा ठेकेदार, शराब | 2025 की सुर्खियांः हाईवे पर हनीमून... हनीमून पर हत्याकांड | नाबालिक के विवाह को लेकर दर्ज करवाई आपत्ति | फिजूल खर्ची पर रोक लगाने के लिए आदिवासी समाज ने किया कोटवाल, तड़वी व पटेल का सामूहिक सम्मेलन |

सफल हुई अंतिम आराधन, कमलाबाई पीचा का संथारा सिझा
07, Jul 2024 1 year ago

image

अंतिम दर्शन के बाद संघ ने निकाली डोल परिजनों ने दी मुखाग्नि

माही की गूंज, थांदला। 

           करोड़ो जन्म के संचित पुण्य व जीवन भर की तपस्या का फल होता है अंतिम समय में साधक का अंतिम मनोरथ का सफल हो जाना। जैन दर्शन में पंडित मरण (संथारा) युक्त मृत्यु को महोत्सव माना गया है ऐसे साधक की मुक्ति का मार्ग अल्प भव का होता है। थांदला निवासी विमल कुमार पीचा के माताजी प्रतीक पीचा के दादीजी हितिशा, दीर्घ के परदादीजी धर्मनिष्ठ सुश्राविका श्रीमती कमलाबाई भोगीलाल पीचा (90 वर्ष) को थांदला विराजित सरलमना साध्वी पुज्या श्री निखिलशीलाजी म. सा. द्वारा भवचरिम प्रत्याख्यान के कुछ ही समय बाद चारों आहार त्याग सहित संथारा के प्रत्याख्यान करवाए। उनका संथारा समाचार सुनकर श्वेताम्बर समाज में उनके निवास पर उनके अंतिम दर्शन का तांता लग गया। हर कोई उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें नवकार मंत्र, अरिहंत शरणम पवज्जामि, सिद्धे शरणम पवज्जामि, साधु शरणम पवज्जामि, केवली पणात्तम धम्मम शरणम पवज्जामि के द्वारा उनके शाश्वस्त सुखों की कामना करते हुए  धर्म आराधना में सहयोगी बन रहा था। उनका संथारा 1:50 पर पूर्ण हुआ इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा डोल के रूप में निकाली गई जिसमें सकल संघ के वरिष्ठ जनों ने शाल माला पहनाकर उनके गुण अनुमोदन कर श्रद्धांजलि अर्पित की वही परिजनों ने मुखाग्नि दी।


माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |