तालाब निर्माण के समय एसडीएम, सीईओ को शिकायत के बाद भी नही की गई कोई कार्रवाई, अब फुट गया तालाब
उपयंत्री लोकेश सोंलकी तालाब निर्माण के समय नही आता था, मंत्री-सरपंच ने की मनमानी- उपसरपंच गामड़
माही की गूंज, पेटलावद।
विगत 48 घण्टो से हो रही तेज बारिश ने क्षेत्र में जीवन अस्त-व्यस्त कर रखा है। कई जगहों पर बड़ी दुर्घटना में लोगो की जान चली गई तो कई जगहों पर पानी जमा करने के स्टोरेज डेम, तालाब के फूटने की जानकारी है। थांदला विकास खण्ड में तालाब फूटने से बड़ी घटना हो चुकी हैं। इस प्रकार की घटनाओं के लिए प्रशासन सीधे-सीधे अतिवृष्टि को जिम्मेदार बता रहा है जो काफी हद तक सही भी है। लेकिन इस बारिश में हो रहे नुकसान के पीछे ऐसे भी मामले निकल कर आ रहे हैं कि यदि समय से प्रशासन जाग जाता तो आज इस बड़ी नुकसानी को कुछ और समय के लिए टाला जा सकता था।
मामला पेटलावद विकास खण्ड की ग्राम पंचायत मोईचारणी का है। जहां ग्राम पंचायत द्वारा इस वर्ष बनाया गया तालाब फुट गया है। ग्राम करनगढ में निस्तार तालाब लिमड़ी वाली नाकी के नाम से लगभग 15 लाख की लागत से बना गया था जो आज तेज बारिश के चलते फुट गया। हालांकि तालाब के पास में कोई रहने वाला नही था और खेत भी कम पड़ते हैं जिससे कोई जन हानि नही हुई। तालाब का निर्माण इस वर्ष गर्मी के मौसम में मनरेगा योजना के तहत किया गया था। तालाब फूटने के बाद इसके लिए ग्राम पंचायत सहित प्रशासन इसे अतिवृष्टि को ही जिम्मेदार बताएगा, ये तय है। लेकिन इस तालाब को लेकर प्रशासन समय पर हरकत में आ जाता तो आज तालाब सुरक्षित होता।
एसडीएम और जनपद सीईओ को घटिया निर्माण की हुई थी लिखित शिकायत
इस वर्ष अप्रैल-मई माह में बना तालाब लिमड़ी वाली नाकी के नाम से लगभग 15 लाख रुपए की लागत से बनाया गया था। उक्त तालाब के निर्माण के दौरान भारी भ्रष्टाचार की शिकायत ग्रामीणों ने लिखित में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनिल कुमार राठौर और जनपद सीईओ पेटलावद राकेश दीक्षित को आवेदन देकर की थी। ग्रामीणों ने घटिया कार्य के फोटो तक एसडीएम को व्हाट्सअप के माध्यम से भेज थे। शिकायत के बाद मामला इतना बढ़ गया कि, सरपंच पति ने शिकायत से परेशान पंच के साथ मारपीट और गाली-गलौज तक कर डाली। मामला चौकी पर पहुँचा जहां शिकायतकर्ता ने विवाद का कारण तालाब के घटिया निर्माण की शिकायत को वजह बताया। इतनी शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई जवाबदार अधिकारीयो द्वारा नही की गई ओर कमीशन की आड़ में पूरा खेल, खेल दिया।
जिम्मेदारो ने शायद इस प्रकार की बारिश की उम्मीद नही की होगी और तालाब के घटिया निर्माण को अनदेखा कर होने दिया। गनीमत रही तालाब फूटने के समय कोई जानवर और चरवाहा इसकी जद में नही आए, वरना पशू हानि ओर जन हानि हो सकती थी जिसका जिम्मेदार आज स्थानीय प्रशासन होता। ग्रामीणों ने बताया कि, समय पर जांच और सुधार हो जाता तो आज तालाब नही फूटता।
उपयंत्री लोकेश सोलंकी सहित अधिकारीयो की लापरवाही से फूटा तालाब
ग्राम पंचायत मोईचारणी के उपसरपंच छगनलाल गामड़ ने बताया कि, तालाब निर्माण के समय हमारे द्वारा कार्य के उपयंत्री लोकेश सोलंकी को समय-समय पर कार्य के फोटो डालकर घटिया निर्माण की जानकारी दी थी, लेकिन उपयंत्री कार्य देंखने तक नही आया। उपसरपंच ने बताया कि, मंत्री व सरपंच की मनमानी और अधिकारियों को की गई शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नही होने के कारण घटिया निर्माण हुआ ओर आज तालाब फुट गया। जिसे पानी ज्यादा गिरना बता कर मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा। हमारे पास तालाब निर्माण की शिकायत के आवेदन आज भी मौजूद हैं जिस पर समय रहते कोई जांच नही की गई।
जनपद सीईओ को घटिया निर्माण को लेकर की थी शिकायत
एसडीएम को घटिया निर्माण को लेकर की थी शिकायत
शिकायत के बाद पुलिस में पहुंचा था मामला
व्हाट्सएप पर एसडीएम को दिए थे घटिया निर्माण के सबूत