Wednesday, 04 ,November 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

क्रेन की टक्कर से दो बैंक मैनेजरों की मौत | वायरल फीवर का प्रकोप, हाथ-पैर व जोड़ों के दर्द से परेशान ग्रामीण | सड़क हादसे के बाद व्यवस्था पर उठे सवाल, डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस और पुलिस बल | भैस को लेकर पानी पिलाने गया पुत्र का दूसरे दिन तालाब के किनारे मिला शव | निर्मला भूरिया की मौजूदगी में खेड़ा-गलती बैराज की शुरुआत, सवाल भूमिपूजन के बाद निर्माण की रफ्तार क्या होगी? | बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है नवरात्रि | होनहार छात्र की मौत से गांव में शोक की लहर | असुविधाओं और वसूली के लिए बदनाम हो चुका हॉस्पिटल, निजी हॉस्पिटलो की पो बारह | जिले में गौ-हत्या का कारण क्षेत्रवासियों का खुला और मौन समर्थन या स्वीकृति तो नहीं...? | चार साल पहले उप स्वास्थ्य केंद्र का मरम्मत कार्य अपनी बदहाली के आसु बहा रहा भवन | 12 लाख से अधिक की लागत से बना शासकीय उचित मूल्य दुकान का गोदाम अब भी अधूरा | क्या झाबुआ जिले की जनता तीसरे विकल्प की तलाश में है...? | 482 छात्राओं की नेत्र जांच, 16 बेटियों की शिक्षा का जिम्मा | मेंटेनेंस के नाम पर लंबी बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान | सेवा सकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम सम्पन्न | जर्जर भवन में संचालित हो रही ग्राम पंचायत | गांधी जयंती पर विशेष ग्राम सभा सम्पन्न | गांधी जयंती पर चला वृहद स्वच्छता अभियान | विधायक, ग्रामीणों के साथ कलेक्टर से मिलीं | खुला पड़ा गड्ढा दुर्घटना को दे रहा आमंत्रण |

आदिम जाति सेवा सहकारी समिति रायपुरिया के मैनेजर ने फिर धमकाया किसान को
Report By: ऋषभ गुप्ता 29, Apr 2023 3 years ago

image

पूर्व में भी धमकाया था किसान को स्टांप पेपर पर लिख कर किया था राजीनामा 

माही की गूंज, बनी। 


          सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चलाकर किसान को खुशहाल देखना चाहती है। मगर सरकार के कर्मचारी सरकार की योजनाओं को विफल करने में कोई कमी नहीं छोड रहे हैं।

          इस वर्ष पूरे साल की प्रकृति ने किसानों का साथ नहीं दिया जैसे तैसे कर्ज से उबरने के लिए तरबूज की फसल लगाई थी। मगर प्रकृति अनुकूल नहीं होने की वजह से सही दाम नहीं मिला और किसानों को निराश होना पड़ा। कुछ किसानों ने गेहूं का उत्पादन किया और अपने समीप उपार्जन केंद्र पर समर्थन मूल्य पर अपनी फसलों को बेचने गए मगर वहां भी उन्हें धमकाया जा रहा है और समय पर समर्थन मूल्य का पैसा नहीं मिल रहा है। जी हां आप जो पढ़ रहे हो वह बिल्कुल सत्य घटना है। जिसकी कॉल रिकॉर्डिंग किसान के पास मौजूद है। रायपुरिया उपार्जन केंद्र के प्रभारी संस्था मैनेजर डोडियार होने के नाते किसान ने उपार्जन केंद्र पर समस्याओं से अवगत कराने फोन लगाया था ताकि किसानों का गेहूं जल्दी से जल्दी तुल जाए और बिन मौसम होने वाली बरसात है बच जाए। मगर संस्था प्रभारी डोडीयार द्वारा कृषक के बात ना सुनते हुए उसे उल्टा धमकाना चालू कर दिया और धमकियां देने लगा जिसकी रिकॉर्डिंग किसान ने अपने फोन में की।

पूर्व में भी किसान को धमकाया गया

         पूर्व में भी संस्था प्रबंधक डोडियार द्वारा गांव बनी के किसान राधेश्याम डूंगा जी को फोन पर धमकाया था। जिसकी किसान के द्वारा रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। उसके बाद उच्च लेवल के अधिकारियों द्वारा इस मामले में हस्तक्षेप किया और किसान संघ के अध्यक्ष वह अन्य सदस्यों से मैनेजर डोडियार ने स्टांप पेपर पर माफीनामा लिखकर समझौता किया था। आज के बाद इसी घटना किसानों के साथ नहीं होने की वायदे किए थे। मगर अपनी कुर्सी और सत्ता का सहयोग होने की वजह से डोडियार में फिर अपनी मर्यादा लांघते हुए गांव बनी केरी कृषक मनोहर लाल पाटीदार को धमका दिया।

         किसान संघ के द्वारा आज संस्था मैनेजर डोडियार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा कर प्रशासन को चेतावनी दी जाएगी कि, इस संस्था मैनेजर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो सोमवार को किसान संघ के बैनर तले उग्र आंदोलन किया जाएगा।


माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |