Monday, 17 ,August 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

हर घर तिरंगा अभियान के तहत् लायंस क्लब के तत्वाधान में निबन्ध प्रतियोगिता आयोजित | ट्रक की चपेट में आई बाईक 2 की दर्दनाक मौत | आर्यिका 105 श्री विनम्रज्योति माताजी का सल्लेखना पूर्वक उत्कृष्ट समाधि मरण | शहर में चोरों का आतंक, तीन घरों के ताले टूटे, एक से 2.60 लाख नकद और जेवरात चोरी | बैडमिंटन में दीपशिखा पंचाल का संभाग स्तर पर चयन | कुएं में डूबने से मौत | चोरों ने किया चोरी करने का प्रयास हुए नाकाम | श्री सांवरिया सेठ पैदल पालकी यात्रा का भव्य समापन | तारखेड़ी से लौट रहे युवक के साथ हुई लूट की वारदात, जांच में जुटी पुलिस | रातों रात गायब हुआ चालीस बाय चालीस का टीन शेड | इंद्रदेव को खुश करने के लिए मनाई उज्जैयिनी | रोहित हत्याकांड के 21 दिन बाद भी कानून का इंसाफ अधूरा | दस वर्ष के लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता, खनिज निरीक्षक के पद पर हुए चयनित | कनेक्शन काटने के नाम पर रिश्वत की मांग, शिकायत हुई तो फर्जी हस्ताक्षर कर लगा दिया आवेदन | सभी ग्राम पंचायत मे हुए ट्रांसफर तो परवाड़ा ग्राम पंचायत के सचिव का क्यों नहीं हुआ ट्रांसफर...! | संभागायुक्त ने किया कलेक्टर, जिला पंचायत, जोबट एसडीएम एवं तहसील कार्यालयों का निरीक्षण | अंतर-जिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश | अनियंत्रित होकर पलटा ट्रक, बड़ा हादसा टला | हत्या या आत्महत्या... | कुएं से मिला देवर-भाभी का शव, दो दिन से थे लापता |

राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय हिंदी पत्रकारिता जगत के पत्रकार वेद प्रताप वैदिक का निधन
15, Mar 2023 3 years ago

image

नई दिल्ली।
        राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय हिंदी पत्रकारिता जगत के जाने-माने पत्रकार वेद प्रताप वैदिक का निधन हो गया है। वह 78 वर्ष के थे। मंगलवार सुबह अपने घर में बाथरूम में फिसलने से वह चोटिल हो गए थे। जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। देश के जाने-माने पत्रकार वेद प्रताप वैदिक के निधन से मीडिया जगत में शोक की लहर है।
        वेद प्रताप वैदिक का जन्म 1944 में इंदौर में हुआ था। वे जानी-मानी मीडिया संस्थाओं के लिए काम भी कर चुके थे। वे देश के बड़े पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक माने जाते थे। जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पीएचडी हासिल करने के साथ ही वह कई भारतीय और विदेशी शोध-संस्थानों और विश्वविद्यालयों में विजिटिंग प्रोफेसर रहे हैं।
13 वर्ष की उम्र में हिन्दी के लिए सत्याग्रह
        वेद प्रताप वैदिक को हिन्दी पत्रकारिता के चेहरे के रूप में भी देखा जाता है। उन्होंने साल 1957 में महज 13 वर्ष की उम्र में हिन्दी के लिए सत्याग्रह किया और जेल गए। उन्होंने पहला अंतरराष्ट्रीय शोध हिन्दी में लिखा था। जिसे जेएनयू ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया और उन्हें विवि से बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह बात 1966-67 की है। उस वक्त भारतीय संसद में इस पर काफी हंगामा भी हुआ था।
80 देशों की यात्राएं
        उन्होंने अपने पूरे जीवन काल में उन्होंने लगभग 80 देशों की यात्राएं की। अपने अफ़गानिस्तान सम्बन्धी शोधकार्य के दौरान वैदिक को न्यूयार्क के कोलम्बिया विश्वविद्यालय, लन्दन के प्राच्य विद्या संस्थान, मास्को की विज्ञान अकादमी और काबुल विश्वविद्यालय में अध्ययन का अवसर मिला। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में अखिल भारतीय स्तर पर वैदिक को अनेकों बार पुरस्कृत किया गया।


माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |