Friday, 12 ,June 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

पुरषोत्तम मास में गौदान करने से वैकुंठ की प्राप्ति होती है- आचार्य शास्त्री | विकास से पहले विनाश…!! | पाटीदार समाज ने किया मुक्तिधाम का सौंदर्यीकरण | मां भद्रकाली माताजी मंदिर पर संपन्न हुई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक | अब स्वच्छता सर्वेक्षण में नगरपालिका की वाल पेंटिंग से पार पाने की फिसड्डी कवायद | जिला अभी भी उम्मीदो के सहारे टिका है, देखना है कलेक्टर श्री भरसट किस किनारे जा कर बैठते है | राजनीति में हिम्मत... और हिम्मत की राजनीति... | माही की गूंजः खबर का असर | सप्ताह में दो दिन मुख्यालय पर तो एक दिन रात्रि विश्राम के कलेक्टर के आदेश पर पटवारियों में हलचल...? | जिले के हर कस्बे में चल रहे फर्जी आरओ वाटर प्लांट या फिर वाटर चिलर...? पेयजल गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं | वाह रे... सिस्टम जिंदा को मृत बताया... | संदिग्ध हालत में मिला युवक का शव, हत्या की आशंका | जन्मदिवस पर वर्षितप आराधकों को करवाये पारणें | जल जीवन जल मिशन में बनी पानी की टंकी में पानी ही नहीं पहुंचा | मासूम की हत्या और महिला पर जानलेवा हमले के एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली | नगरपालिका ने खुद अतिक्रमण कर लाखों में बैच दी 52 गुमटियां | विडंबनाः झाबुआ जिले की भूमि पर बन रहा डेम, झाबुआ जिले की भूमि से ही काली मिट्टी ले जाकर किया जा रहा कार्य | आर्थिक संकट की आहट... या नाकामियों पर देशभक्ति का घूंघट...? | लवेश स्वर्णकार पर मामला दर्ज, सहमति के साथ शारीरिक संबंध या दुष्कर्म....? | अवैध रेत के व्यापार पर निरंकुश हुआ विभाग ओर प्रशासन |

अपराधियों के मन में भय और आम जनता के मन में पुलिस का विश्वास होना चाहिए
03, Jul 2021 4 years ago

image

माही की गूंज, खवासा

    गत दिवस पुलिस आवास और जिले की छह पुलिस चौकियों के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और जिले के कद्दावर आदिवासी नेता वरिष्ठ विधायक कांतिलाल भूरिया के बीच मंच पर जुबानी जंग हुई, जिसमें निश्चित रूप से कांतिलाल भूरिया ने एक गंभीर मामला उठाया। हालांकि गृहमंत्री ने माहौल को हल्का कर कांतिलाल भूरिया के कथन को नकार दिया लेकिन कांतिलाल भूरिया ने एक बहुत ही गंभीर मामला उठाते हुए कहा कि, आज पुलिस का डर खत्म हो गया है आम आदमी चौकी और थाने में वाजिब कामों के लिए जाने में भी डरता है उनके मन में पुलिस के प्रति डर है, लेकिन इसके विपरीत माफिया, अवैध कारोबारियों व अपराधियों के मन में पुलिस का कोई डर नहीं है। जिसके जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि, पुलिस का डर नहीं पुलिस पर विश्वास होना चाहिए। निश्चित ही विश्वास होना चाहिए लेकिन अपराधियों के मन में पुलिस का भय ही जरूरी है क्योंकि अगर पुलिस का डर अपराधियों के मन में खत्म हो जाएगा तो ये अपराध करने में संकोच नहीं करेंगे। इसलिए आम जनता के मन में पुलिस के प्रति विश्वास और अपराधियों के मन में डर होना चाहिए।

    किंतु इन दिनों ठीक इसका उल्टा ही दिखाई दे रहा है अपराधियों के मन में तो पुलिस के प्रति डर नहीं है लेकिन आम जनता के मन में डर अवश्य है। इसका उदाहरण पिछले वर्ष खवासा में लॉकडाउन के दौरान देखने को मिला, जब पूरे लॉकडाउन में पुलिस ने सख्ती दिखाकर लोगों के मन में भय पैदा किया और लॉकडाउन का थोड़ा भी उल्लंघन होने पर पुलिस द्वारा प्रतिष्ठित, व्यक्तियों को भी सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई गई, बावजूद इसके उन प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने पुलिस के इन कार्यों की सराहना की। लेकिन ठीक इसके उलट लॉकडाउन खुलने पर अवैध कारोबारियों में सार्वजनिक झगड़ा हुआ तो पुलिस दोनों को निवेदन की मुद्रा में समझाते हुए नजर आई। जिसको लेकर ग्रामवासियों ने आश्चर्य व्यक्त किया और कहा कि, जिनको पुलिस से डरना है वह सार्वजनिक रूप से पुलिस के सामने ही गाली-गलौज कर रहे हैं और पुलिस लाचार बनी है, वहीं अगर इसकी जगह सामान्य व्यक्ति होते तो पुलिस का रोबदार चेहरा अलग ही होता। इसलिए कांतिलाल भूरिया का कहना सही है कि, पुलिस का डर होना चाहिए आम जनता के मन में नहीं बल्कि अपराधियों के मन में। वहीं गृहमंत्री का कहना है कि, पुलिस के प्रति विश्वास होना चाहिए लेकिन यह विश्वास माफिया व अपराधियों के मन में नहीं बल्कि आम जनता के मन में होना चाहिए।


माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |