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घुसपैठिया अजीत राय भारतीय व्यवस्था को तार-तार कर अपने साथ कई बांग्लादेशियों को घुसपैठ कर भारत ले आया।
Report By: संजय भटेवरा 27, Apr 2020 6 years ago

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बांग्लादेशी अवैध घुसपैठिया है तथाकथित बंगाली डॉक्टर अजीत राय

दलालों के माध्यम से आया डॉक्टर,  फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर डिग्रियों के साथ ही फर्जी पासपोर्ट भी बनवाया

माही की गूंज।

    जो व्यक्ति एक बार किसी बड़े काम में महारत हासिल कर ले, तो दूसरी बार छोटे-बड़े कार्यों को करना उसके लिए मामूली सी बात रहती है। इसी बात को करके फर्जी एवं बांग्लादेशी घुसपैठिया अजीत राय ने 8 अप्रैल की रात में दिखा दिया। जहां एक ओर पूरा देश ही नहीं विश्व कोरोना संक्रमण से जंग जीतने के लिए मनुष्य की चैन तोड़ने हेतु लॉकडाउन के साथ जी रहा है। इस दौरान जो व्यक्ति जहां हैं, वहीं रहे व जिले एवं राज्य की सीमाएं भी सील करने के फरमान सरकारों और प्रशासन ने सुना दिए थे। इसके बावजूद फर्जी डाक्टर इंदौर से लेकर खवासा तक के आवागमन के कच्चे रास्ते से भली-भांति अवगत है और वह अपने पड़ोसी अंकित जैन को गुमराह कर अपने बेटे विजय को इंदौर लेने परमिशन का हवाला देकर चला गया। इतना ही नहीं अपनी गाड़ी पर अति आवश्यक कार्य माही मेडिकल स्टोर की स्लीप लगाकर इंदौर पहुंच गया और सीमाएं सील होने के कारण जिले की सीमाओं पर पदस्थ अधिकारियों को चकमा देकर कच्चे रास्ते से खवासा आ गया, लेकिन माही की गूंज की नजरों से वह नहीं बच पाया और उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही होकर होम क्वारंटाइन किया गया।


   बता दे कि फर्जी बांग्लादेशी डॉक्टर अजीत राय के लिए यह सब छोटे कार्य है। माही की गूंज के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार उक्त फर्जी डॉक्टर पश्चिम बंगाल से नहीं आया, बल्कि यह बांग्लादेश के जिला जसूर थाना मोनीरामपुर ग्राम लोखईडंगा का रहने वाला है और उक्त फर्जी बांग्लादेशी, दलाल के माध्यम से भारत की सीमा में घुसकर पहले बाजना और फिर बाजना से खवासा आया। यह घुसपैठिया खवासा में आकर अपने आप को पश्चिम बंगाल का दर्शाने लगा। बता दें कि पश्चिम बंगाल व बांग्लादेश की भाषा में कोई अंतर नहीं है, जिसके कारण इसके जैसे कई बांग्लादेशी भारत में दलाल के माध्यम से घुसपैठ करके आए हैं। गूंज के हमारे विशेष सूत्र ने बताया कि, फर्जी बांग्लादेशी डॉक्टर अजीत राय ने भारत में आकर सारे शिक्षा संबंधी डॉक्यूमेंट फर्जी रूप से ही दलालों के माध्यम से बनाए हैं। सूत्र ने बताया कि अजीत राय की पत्नी जयंती राय भी बांग्लादेश के मोनीरामपुर थाना क्षेत्र जिला जसुर की ही रहने वाली है और वही जयंती से अजीत राय ने शादी की व बड़ा पुत्र विजय का जन्म बांग्लादेश में ही होने के बाद भारत में घुसपैठ कर आ गए।

खवासा में वर्ष 2003-04 से निवासरत होकर अजीत राय ने फर्जी रूप से खवासा पंचायत में नाम दर्ज करवा कर राशन कार्ड व बाद में परिचय पत्र व आधार कार्ड बनावा लिए। उक्त फर्जी घुसपैठिए ने खवासा आने के बाद किराए के मकान में रहते, पश्चिम बंगाल में प्लाट लेकर मकान बनवाया, जिसके बाद उसके माता-पिता को भी घुसपैठ कर भारत लाया। इतना ही नहीं घुसपैठिये फर्जी डॉक्टर अजीत राय ने बांग्लादेशी होने के बावजूद खवासा जिला झाबुआ का निवासी डॉक्यूमेंट लगाकर पासपोर्ट बनाकर फर्जी रूप से परिवार सहित सभी को भारतीय मूल का साबित कर, कई बार फर्जी पासपोर्ट के आधार पर बांग्लादेश की यात्रा कर उसके गांव व पत्नी परिवार के साथ उसके ससुराल गया।

क्वारंटाइन हुए 9 सदस्य में 2 बांग्लादेशी के कोई डाॅक्यूमेन्टस नहीं

इतना ही नहीं 9 अप्रैल को जब इस फर्जी डॉक्टर को परिवार के 9 सदस्य के साथ होम क्वारंटाइन किया। जिसमें प्रशासन को जो 9 नाम दिए हैं। हमारे सूत्र अनुसार उन 9 नामों में से दो व्यक्ति को 3-4 माह पूर्व ही बांग्लादेश से घुसपैठ कर भारत लाए गए है। जिनका अभी भारतीय मूल के डॉक्यूमेंट फर्जी रूप से नहीं बना पाया है, लेकिन दलालों के माध्यम से फर्जी डाॅक्यूमेंट बनाने के लिए प्रयासरत है। उक्त घुसपैठिया अजीत राय कई ऐसे बांग्लादेशियों से एक मोटी रकम लेकर दलालों के माध्यम से घुसपैठ करवाता है, वरन उनके भारतीय मूल के फर्जी डॉक्यूमेंटस बनवाकर अपने फर्जी क्लीनिक पर लाकर प्रैक्टिस करवा कर फर्जी डॉक्टर बनाकर कई लोगों को देश के कई गावों में स्थापित करवा चुका है। प्रशासन को चाहिए कि  इस फर्जी घुसपैठिए, जिसने बांगलादेशी होकर शासन के निर्देशों का पालन नहीं कर लॉकडाउन का मखौल उड़ाया है। उक्त घुसपैठिए के विरुद्ध पासपोर्ट, अन्य डॉक्यूमेंटस व वर्तमान में रह रहे सभी 9 सदस्यों के तथ्यात्मक रूप से जांच कर कार्यवाही की जाए तो, हो सकता है यह घुसपैठिया परिवार के साथ जेल की सलाखों में होकर, आगे से कोई अन्य को भारत के वीर जवानों की आंखों में धूल झोककर नहीं ला सकेगा।



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