Wednesday, 08 ,July 2026
RNI No. MPHIN/2018/76422
: mahikigunj@gmail.com
Contact Info

HeadLines

सभी ग्राम पंचायत मे हुए ट्रांसफर तो परवाड़ा ग्राम पंचायत के सचिव का क्यों नहीं हुआ ट्रांसफर...! | संभागायुक्त ने किया कलेक्टर, जिला पंचायत, जोबट एसडीएम एवं तहसील कार्यालयों का निरीक्षण | अंतर-जिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश | अनियंत्रित होकर पलटा ट्रक, बड़ा हादसा टला | हत्या या आत्महत्या... | कुएं से मिला देवर-भाभी का शव, दो दिन से थे लापता | 19 लाख की चोरी की घटना में पुलिस को मिली सफलता | अनाज व्यापारी की दुकान से दिन दहाड़े हुई लूट, सीसीटीवी कैमरे में कैद वारदात | 400 फीट खनन के बाद भी नहीं निकला पानी, बारहमासी जल के लिए उसी जगह फिर मशीन लगाकर करेंगे खनन | पुरषोत्तम मास में गौदान करने से वैकुंठ की प्राप्ति होती है- आचार्य शास्त्री | विकास से पहले विनाश…!! | पाटीदार समाज ने किया मुक्तिधाम का सौंदर्यीकरण | मां भद्रकाली माताजी मंदिर पर संपन्न हुई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक | अब स्वच्छता सर्वेक्षण में नगरपालिका की वाल पेंटिंग से पार पाने की फिसड्डी कवायद | जिला अभी भी उम्मीदो के सहारे टिका है, देखना है कलेक्टर श्री भरसट किस किनारे जा कर बैठते है | राजनीति में हिम्मत... और हिम्मत की राजनीति... | माही की गूंजः खबर का असर | सप्ताह में दो दिन मुख्यालय पर तो एक दिन रात्रि विश्राम के कलेक्टर के आदेश पर पटवारियों में हलचल...? | जिले के हर कस्बे में चल रहे फर्जी आरओ वाटर प्लांट या फिर वाटर चिलर...? पेयजल गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं | वाह रे... सिस्टम जिंदा को मृत बताया... |

पेड़ से गिरे मोर को घायल अवस्था में लेकर आया किसान
Report By: ऋषभ गुप्ता 31, Dec 2020 5 years ago

image

माही की गूंज, बनी

    आज सुबह खेत पर पशु चराते समय सुमित पिता प्रेम गामड़ ने नीम के पेड़ से मोर को गिरता देख तत्काल अपने बड़े पिताजी प्रताप गामड़ को बताया, प्रताप ने पेड़ से नाले में गिरे हुए मोर को उठाकर गांव में लेकर आया, ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा होते देख माही की गूंज के प्रतिनिधि ने पशु चिकित्सक टोकरिया और फॉरेस्ट गार्ड महेश सोलंकी को फोन पर सूचना दी गई कुछ ही समय में पशु चिकित्सक ने मौके पर आकर मोर का प्राथमिक उपचार किया, उसके बाद फॉरेस्ट गार्ड महेश सोलंकी द्वारा  पेटलावद पशु चिकित्सालय पर इलाज के लिए ले जाया गया। पशु चिकित्सक के अनुसार मोर ने कीटनाशक दवाइयों से मरे हुए कीड़े-मकोड़े खाने के कारण पाइजन का शिकार हुआ है , इस वजह से मोर उल्टी-दस्त दोनों से  ग्रसित है।

ग्रामीणों की मांग - मोर का उपचार होने के बाद पुनः छोड़े बनी में

    मोर प्रेमियों ने फॉरेस्ट गार्ड महेश सोलंकी से निवेदन किया कि, हमारे गांव का मोर ठीक हो जाने पर इसे पुनः हमारे गांव में ही छोड़ा जाए ताकि हमारे गांव में जो 20 से 25 मोरों का झुंड है उसमें आकर वापस रहे और अपना जीवन सुखमय व्यतीत करें फॉरेस्ट गार्ड द्वारा ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि, मोर के ठीक होने उसे वापिस बनी गांव में  मोर के झुंड में छोड़ने का प्रयास करूंगा।


माही की गूंज समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल की एजेंसी, समाचार व विज्ञापन के लिए संपर्क करे... मो. 9589882798 |