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नगर गौरव मुनिश्री पुण्य सागर जी महाराज का 27 दिन पश्चात होगा 2 जून को मंगल विहार
01, Jun 2024 2 years ago

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माही की गूंज, थांदला।

           प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण  मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री अजीत सागर जी महाराज के सुयोग्य  शिष्य परम प्रभावक थांदला गौरव मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज का 6 मई को थांदला 19 वर्षी के बाद प्रवेश हुआ था। ब्रह्मचारिणी  वीणा दीदी एवम ब्रह्मचारी विकास भैया अनुसार विगत 27 दिन में मुनि श्री द्वारा धर्म की बहुत महत्वपूर्ण धर्म प्रभावना की गई  नगर में प्रथम बार मुनि दीक्षा का समारोह हुआ। जिसमें नगर के ही क्षुल्लक श्री पूर्ण सागरको मुनि दीक्षा प्रदान कर मुनि श्री पूर्ण सागर जी नाम किया। समाज अध्यक्ष अरुण कोठारी, इंद्रवर्धन मेहता अनुसार सिद्धचक्र महामंडल विधान का भी आयोजन मुनि श्री के संघ सानिध्य में हुआ। विगत दिनों में मुनि श्री पुण्य सागर जी के प्रवचन का लाभ समाज द्वारा प्राप्त किया गया। रमता योगी बहता पानी रोकने पर भी नही रुकते हैं क्योंकि योगी साधु मोह को त्याग कर निर्मोही बनते हैं। मुनि श्री के प्रवास के दौरान अनेक नगर वासियों ने व्रत नियम अंगीकार किए। मुनि श्री पुण्य सागर जी का 18 शिष्यों सहित 2 जून को थांदला से 8 किलोमीटर उदेपुरिया में आहार चर्या होगी कुशलगढ़ होते हुए बांसवाड़ा की ओर विहार होगा जहा पर वर्षो बाद पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के चरण वंदना हेतु मंगल मिलन होगा।


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